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Gurugram News: चिंटेल्स हादसे के तीन साल बाद भी पीड़ितों को राहत का इंतजार

Mon, 10 Feb 2025 12:20 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 10 Feb 2025 12:20 AM IST
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Three years after the Chintels accident, victims are still waiting for relief
10 फरवरी को शाम 7 बजे कैंडल मार्च निकाल कर न्याय की मांग की जाएगी
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। तीन साल बाद भी चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के निवासियों को राहत का इंतजार है। निवासियों की मांग है कि सर्वोच्च न्यायालय के पुनर्निर्माण आदेश को लागू करने, अनधिकृत चरणबद्ध अनुमोदन को रद्द करने और सीआईएल को उसकी लापरवाही और कदाचार के लिए जवाबदेह ठहराने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए।

इस अनसुलझी पीड़ा के तीन साल पूरे होने और न्याय की मांग के लिए 10 फरवरी को शाम 7 बजे कैंडल मार्च का आयोजन किया जाएगा। 10 फरवरी 2022 को सेक्टर 109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में हुए हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। एसआईटी, आईआईटी और सीबीआरआई की जांच रिपोर्ट में बिल्डर, चिंटेल्स इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की ओर से इस्तेमाल की गई घटिया निर्माण सामग्री के कारण हादसा होना बताया गया था। तीन साल बाद भी मकान मालिक न्याय, मुआवजे और सुरक्षित आवास के लिए संघर्ष कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुनर्निर्माण को अनिवार्य बनाने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद, सीआईएल ने सभी फ्लैट मालिकों की सहमति के बिना डीटीसीपी हरियाणा से चरणबद्ध मंजूरी हासिल करते हुए निवासियों के एक वर्ग को एकतरफा पुनर्विकास समझौतों पर हस्ताक्षर करा लिया। बिल्डर घर मालिकों को उनके कष्टों की अनदेखी करते हुए अपने वित्तीय हितों को पूरा करने वाले समझौतों पर मजबूर करने के लिए दबाव की रणनीति का इस्तेमाल कर रहा है। इस बीच, 150 परिवार अभी भी सोसाइटी में रह रहे हैं, जो अपने घरों की सुरक्षा को लेकर निरंतर भय और अनिश्चितता में जी रहे हैं। 125 से अधिक मकान मालिक न्याय और उचित मुआवजे की मांग करते हुए विभिन्न अदालतों में कानूनी मामलों से जूझ रहे हैं। आरडब्ल्यूए चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के प्रधान राकेश हुड्डा का कहना है कि टावर डी, ई, एफ, जी, एच और जे के मकान मालिकों को किराया भुगतान से वंचित किया गया है। निवासी सर्वोच्च न्यायालय के पुनर्निर्माण आदेश को लागू करने, अनधिकृत चरणबद्ध अनुमोदन को रद्द करने और सीआईएल को उसकी लापरवाही और कदाचार के लिए जवाबदेह ठहराने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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