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तेज बारिश में तालाब बन जाते हैं शहर के 112 प्वाइंट, अलर्ट मोड पर प्रशासन
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गुरुग्राम। बृहस्पतिवार को हुई बारिश के बाद शहर में हुए जलभराव को ध्यान में रखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया। अभी तो यह बारिश के मौसम की शुरुआत है। आने वाले दिनों में अगर तेज मूसलाधार बारिश हुई तो शहर में बेहद असहज स्थिति पैदा हो सकती है। पहली ही बारिश से सबक लेते हुए जिला प्रशासन ने आनन-फानन में एक बैठक कर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी। शहर में कुल 112 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां बारिश के दौरान जलभराव हो जाता है। यह स्थान किसी तालाब की तरह नजर आने लगते हैं। इन स्थानों पर निगरानी और तकनीकी उपाय करने के लिए उपायुक्त निशांत यादव ने 16 वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है।
बृहस्पतिवार को उपायुक्त ने लघु सचिवालय के सभागार में जलभराव से निपटने के लिए विचार मंथन किया। उन्होंने कहा कि 112 प्वाइंट ऐसे हैं, जहां पर पिछले वर्षों में जलभराव होता रहा है। एक अधिकारी के अधीन 6-7 प्वाइंट दिए गए हैं। इन बिंदुओं पर अगर जलभराव पर नियंत्रण पा लिया जाता है तो शहर में काफी हद तक सामान्य स्थिति रखने में मदद मिलेगी।
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जल निकासी के इंतजामों पर रखेंगे नजर
उपायुक्त ने आदेश दिए हैं कि संबंधित अधिकारी अपने क्षेत्र के प्वाइंट पर विजिट करेंगे। निश्चित करेंगे कि पंप चालू हालत में हैं। वहां पर पर्याप्त ईंधन है। अगले कुछ दिनों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। इससे पहले ही सभी उपाय करने होंगे।
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ज्यादा बरसात होने पर वर्क फ्रॉम होम की सलाह:
उपायुक्त ने कॉरपोरेट्स से अपील की है कि भारी बरसात के पूर्वानुमान होने पर वे अपने यहां कार्यरत स्टॉफ को वर्क फ्रॉम होम के लिए कहें। जिससे सड़कों पर यातायात का दबाव कम हो। जल निकासी के काम में कोई रुकावट न आए। यातायात व्यवस्था में 300 सिविल डिफेंस के स्वैच्छिक कार्यकर्ता लगाए जाएंगे।
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बरसात होने पर बंद रहेंगे एनएमटी:
बरसात होने पर नॉन मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट (एनएमटी) बंद रखे जाएंगे। इस श्रेणी के वाहनों में रिक्शा, ठेला, रेहड़ी आदि आते हैं। इसके लिए धारा-144 लागू के तहत आदेश जारी किए जाएंगे। अंडरपास में भी यदि एक लेवल से ऊपर पानी भर जाए तो उन्हें बेरिकेडिंग करवाकर बंद कराया जाएगा।
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हेल्पलाइन नंबर जारी किए:
जलभराव की शिकायतों के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर-1800-180-1817 तथा 0124-4753555 जारी किया गया है। शिकायतों के समाधान के लिए 24 घंटे ऑपरेटरों की ड्यूटी लगाई गई है।
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बृहस्पतिवार को उपायुक्त ने लघु सचिवालय के सभागार में जलभराव से निपटने के लिए विचार मंथन किया। उन्होंने कहा कि 112 प्वाइंट ऐसे हैं, जहां पर पिछले वर्षों में जलभराव होता रहा है। एक अधिकारी के अधीन 6-7 प्वाइंट दिए गए हैं। इन बिंदुओं पर अगर जलभराव पर नियंत्रण पा लिया जाता है तो शहर में काफी हद तक सामान्य स्थिति रखने में मदद मिलेगी।
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जल निकासी के इंतजामों पर रखेंगे नजर
उपायुक्त ने आदेश दिए हैं कि संबंधित अधिकारी अपने क्षेत्र के प्वाइंट पर विजिट करेंगे। निश्चित करेंगे कि पंप चालू हालत में हैं। वहां पर पर्याप्त ईंधन है। अगले कुछ दिनों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। इससे पहले ही सभी उपाय करने होंगे।
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ज्यादा बरसात होने पर वर्क फ्रॉम होम की सलाह:
उपायुक्त ने कॉरपोरेट्स से अपील की है कि भारी बरसात के पूर्वानुमान होने पर वे अपने यहां कार्यरत स्टॉफ को वर्क फ्रॉम होम के लिए कहें। जिससे सड़कों पर यातायात का दबाव कम हो। जल निकासी के काम में कोई रुकावट न आए। यातायात व्यवस्था में 300 सिविल डिफेंस के स्वैच्छिक कार्यकर्ता लगाए जाएंगे।
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बरसात होने पर बंद रहेंगे एनएमटी:
बरसात होने पर नॉन मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट (एनएमटी) बंद रखे जाएंगे। इस श्रेणी के वाहनों में रिक्शा, ठेला, रेहड़ी आदि आते हैं। इसके लिए धारा-144 लागू के तहत आदेश जारी किए जाएंगे। अंडरपास में भी यदि एक लेवल से ऊपर पानी भर जाए तो उन्हें बेरिकेडिंग करवाकर बंद कराया जाएगा।
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हेल्पलाइन नंबर जारी किए:
जलभराव की शिकायतों के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर-1800-180-1817 तथा 0124-4753555 जारी किया गया है। शिकायतों के समाधान के लिए 24 घंटे ऑपरेटरों की ड्यूटी लगाई गई है।