फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   The thirst of the wildlife of Aravalli will be quenched by the artificial pond

कृत्रिम तालाब से बुझेगी अरावली के वन्य जीवों की प्यास

Sun, 04 Jul 2021 11:06 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 04 Jul 2021 11:06 PM IST
विज्ञापन
The thirst of the wildlife of Aravalli will be quenched by the artificial pond
कृत्रिम तालाब से बुझेगी अरावली के वन्य जीवों की प्यास
विज्ञापन

: वन विभाग ने 20 स्थान किए चिह्नित, एक साल में तैयार कर दिए जाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अरावली के वन्य जीवों को पानी की तलाश में अब भटकना नहीं पड़ेगा। उनकी प्यास बुझाने के लिए वन विभाग एक साल में यहां 20 कृत्रिम तालाब बनाएगा। इसके लिए बाकायदा सर्वे कर तालाब बनाने की जगह चिह्नित की जा रही है। अब यहां कृत्रिम तालाबों की संख्या 40 हो जाएगी।
अरावली पर्वतीय क्षेत्र में काफी संख्या में वन्य जीव रहते हैं। बीते कुछ वर्षों में वन्य जीवों की संख्या में खासी वृद्धि भी हुई है। गर्मी के दिनों में वन्य जीवों के लिए पानी की कमी हो जाती है। ऐेसे में वन्य जीव प्यास बुझाने के लिए रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते है। इसे देखते हुए कुछ समय से अतिरिक्त कृत्रिम तालाब बनाए जाने को लेकर चर्चा चल रही थी, जिसे वन विभाग की वन्य जीव शाखा के उच्च अधिकारियों की बैठक में पिछले सप्ताह स्वीकृति दे दी गई। स्वीकृति मिलने से पहले ही कुछ इलाकों के नाम तय किए जा चुके हैं। उनमें गुरुग्राम जिले के गांव वजीराबाद, बंधवाड़ी एवं कासन के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा फरीदाबाद, नूंह एवं महेंद्रगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले अरावली पहाड़ी क्षेत्र में भी तालाब बनाए जाएंगे। जिले के बंधवाड़ी, वजीराबाद, मानेसर, कासन, रायसीना, मंडावर, भोंडसी एवं दमदमा इलाके में अधिकतर वन्य जीव रहते हैं।
विज्ञापन

अरावली में वन्य जीव संख्या
गीदड़-166, लकड़बग्घा-126, सेहली-91, बिज्जू-61, नेवला-50, तेंदुआ-31, जंगली बिल्ली-26, लोमड़ी-4, भेड़िया-3, लंगूर की प्रजाति-2
एक साल के भीतर 20 अतिरिक्त कृत्रिम तालाब अरावली पहाड़ी क्षेत्र में हर हाल में बना दिए जाएंगे। फलदार पौधे लगाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। इनके अलावा भी कई अन्य कार्य वन्य जीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

- एमएस मलिक, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed