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सोहना की पहाड़ कॉलोनी पर तोड़फोड़ की तलवार

Mon, 09 Aug 2021 11:11 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 09 Aug 2021 11:11 PM IST
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The sword of sabotage on the mountain colony of Sohna
गुरुग्राम। फरीदाबाद के खोरी की तरह ही गुरुग्राम के सोहना की पहाड़ कॉलोनी भी वन विभाग की जमीन पर बसाई गई है और अब सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद इस कॉलोनी पर तोड़फोड़ की तलवार लटक गई है। विभाग ने कॉलोनी में बने मकानों के मालिकों को नोटिस देने की तैयारी कर ली है। इसी सप्ताह नोटिस देने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद कॉलोनी के खिलाफ अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही बसई गांव में मकानों को तोड़ने की तैयारी वन विभाग ने कर ली है। इस कॉलोनी में बने 20 मकानों के लिए हुडा को नोटिस दिया गया है। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्देेशों के बाद वन विभाग अवैध निर्माण और कब्जों को लेकर सख्त रुख अख्तियार किए है। सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश में साफ कहा चुका है कि अमीर या गरीब किसी के भी अवैध कब्जे को अरावली में सहन नहीं किया जाएगा। लिहाजा पहाड़ कॉलोनी के खिलाफ देर-सवेर तोड़फोड़ की कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता।
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स्वतंत्रता दिवस की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग को अरावली में ड्रोन से सर्वे की अनुमति नहीं मिल पा रही है। मौसम भी विभाग का साथ नहीं दे रहा है। ऐसे में विभाग ने अपने स्तर पर सर्वे कराई है, जिसमें सोहना की पहाड़ कॉलोनी को चिह्नित किया गया है। इसके साथ ही कुछ अन्य स्थानों पर सर्वे के दौरान अनेक अवैध कब्जे और निर्माण सामने आए हैं। दो दिन के भीतर कराए गए सर्वे के बाद वन विभाग ने सभी अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस दे दिया है।
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दो दिन में 90 को नोटिस
वन विभाग ने सर्वे के बाद 90 अवैध कब्जे चिह्नित कर उन्हें नोटिस दे दिया है। इनमें कुछ बड़े फार्म हाउस, कुछ छोटी कच्ची कॉलोनियों के साथ अन्य निर्माण भी शामिल है। बॉलीवुड सिंगर मिका सिंह के रोजका गुर्जर स्थित फार्म हाउस के लिए दोबारा नोटिस दिया गया है। शिकोहपुर गांव में भी ग्रामीणों को नोटिस दिए गए हैं।
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40 साल से बसी है पहाड़ कॉलोनी
सोहना की पहाड़ कॉलोनी के बारे में बताया जा रहा है कि यह 40 साल पुरानी है। यहां 800 से 900 मकान बन चुके हैं। करीब दो साल पहले हरियाणा टूरिज्म की ओर से 130 मकान मालिकों को नोटिस दिया गया था। फिलहाल इन मकानों का केस सिविल कोर्ट में बताया जा रहा है। दूसरी ओर बसई गांव में लेबर के लिए बनाए गए हुडा के 20 मकानों को तोड़ने की तैयारी कर ली गई। तीन दिन पहले इन मकानों के लिए नोटिस दिया गया था। रेंज अधिकारी कर्मवीर सिंह के मुताबिक नोटिस देने के एक महीने पहले ही उन्हें मौखिक तौर पर चेतावनी दे दी गई है। अब नोटिस के जरिए उन्हें आगामी कार्रवाई के लिए चेता दिया गया है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त होने के बाद इन्हें तोड़ दिया जाएगा।
लगातार दे रहे नोटिस : राजीव
वन मंडल अधिकारी राजीव तेजयान के मुताबिक अभी कुछ अहम कारणों से ड्रोन सर्वे नहीं करा पा रहे हैं। अपने स्तर पर विभाग अवैध कब्जों और निर्माणों को चिह्नित कर उन्हें लगातार नोटिस दे रहा है। पिछले दो दिनों में 90 नोटिस दिए गए हैं। सोहना की पूरी पहाड़ कॉलोनी वन विभाग की जद में है। यहां के मकान मालिकों को नोटिस देने की तैयारी कराई जा रही है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि तोड़फोड़ के लिए जो भी आदेश हैं उन्हें मानेंगे। नोटिस आदि की कार्रवाई होने के बाद जो आदेश मिलेंगे, उन्हें पूरा करेंगे। उन्होंने बताया कि पहाड़ कॉलोनी के साथ ही कुछ कॉलोनियां भी चिह्नित की गई है।

कादीपुर से हटाया अवैध कब्जा
इस बीच वन विभाग ने सोमवार को कादीपुर से अवैध कब्जा हटाया। यहां दो दर्जन से अधिक परिवार झुग्गी -झोंपड़ी डालकर रह रहे थे। विभाग के रेंज अधिकारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि पुलिस बल की सहायता से यहां अवैध कब्जे को साफ करा दिया है। इन लोगों को पहले मौखिक तौर पर यहां से हटने के लिए बोला गया था। उन्होंने कहा कि ऐसे अनेक स्थान चिह्नित किए गए हैं। मोनसर क्षेत्र में ऐसे कब्जा करने वालों को हटने को कहा गया है। अगर नहीं हटे से तो वहां भी तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी।
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