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Gurugram News: सात माह पहले जला सबस्टेशन अब तक चालू नहीं
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द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित सेक्टर 102 से लेकर 112 तक की 25 सोसाइटियों में बिजली की समस्या बनी हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर 107 में 7 माह पहले जले सबस्टेशन को अब तक चालू नहीं किया जा सका है। फरवरी में पावर ट्रांसफार्मर और पैनल में भयंकर आग लगने के बाद से द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित सेक्टर 102 से लेकर 112 तक की 25 सोसाइटियों में बिजली की समस्या बनी हुई है। इस सब स्टेशन के कुछ फीडरों से सोसाइटियों के कनेक्शन जोड़ दिए गए थे। इस कारण जब एक बार किसी एक फीडर में फॉल्ट आता है तो कई सोसाइटियों की बिजली गुल हो जाती है। पिछले दिनों बारिश के कारण फॉल्ट आया था। द्वारका एक्सप्रेसवे के पास 43 ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों की बिजली करीब 20 घंटे तक गुल हो गई थी।
सेक्टर 102 स्थित एमस्टोरिया के निवासी मुनीश कुमार बताते हैं कि एक फॉल्ट आता है और उसकी मरम्मत के लिए फीडरों से जुड़ी 25 सोसाइटियों की बिजली बंद कर दी जाती है। इससे हजारों परिवारों को परेशानी होती है। बिजली निगम को जले सबस्टेशन पर जल्द काम कर उसे शुरू कर देना चाहिए।
सेक्टर 102 स्थित इंपीरियल गार्डन के निवासी बताते हैं कि सेक्टर 107 के 220 केवीए सबस्टेशन से द्वारका एक्सप्रेसवे की जॉयविले, इंपीरियल गार्डन, एमस्टोरिया, एक्सपीरिएन, सिग्नेचर आदि सोसाइटियों के 33 केवी बिजली आपूर्ति एक कॉमन सर्किट ब्रेकर, वीसीबी के जरिए होती है। चारों लाइनों में किसी एक में भी खराबी आई तो कॉमन वीसीबी खुलने के कारण सभी में बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है।
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डीएचबीवीएन के स्थानीय एसडीओ विक्रम सिंह परमार इस बात की तस्दीक करते हैं कि सबस्टेशन के जलने के बाद एक-एक फीडर के साथ पांच-सात सोसाइटियों के कनेक्शन जोड़ दिए गए हैं। अगर एक फीडर में भी बारिश या नमी के कारण परेशानी आती है तो उससे जुड़ी सभी साेसाइटियों में बिजली चली जाती है।
नौ फरवरी को लगी थी आग
इस साल नौ फरवरी को सेक्टर 107 के 220 /33 केवीए के सबस्टेशन में आग लग गई थी। इससे पावर हाउस के कंट्रोल पैनल जल गए थे। इससे द्वारका सेक्टर 102 से 112 तक की सोसाइटियों और आस-पास के गांवों की बिजली दो दिनों तक बाधित रही थी। इस सबस्टेशन में एचवीपीएन का 10-11 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। करीब 10 हजार परिवार अगले दो-तीन दिनों तक बगैर बिजली के रहे थे।
पिछले कुछ महीनों से द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित सोसाइटियों में बिजली कटौती बहुत ज्यादा हो रही है। सेक्टर 107 के पावर स्टेशन के जलने के बाद से यहां निवासियों की जिंदगी बिजली कटौती के कारण बहुत परेशानी वाली हो गई है। 107 के सबस्टेशन के पैनल को लगाकर उसे शीघ्र चालू किए जाने की जरूरत है।
-कर्नल हरि भगवान, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, ओएस्टर ग्रैंडे अडानी, सेक्टर 102
सेक्टर 107 के सबस्टेशन के जलने के बाद से द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित सोसाइटियों में बिजली कटौती की समस्या बढ़ गई है। अगर एक सोसाइटी की बिजली के कनेक्शन में समस्या आती है तो कई बार सबस्टेशन से जुड़ी 25 सोसाइटियों में बिजली चली जाती है। पिछले दिनों द्वारका एक्सप्रेस वे की 25 सोसाइटियों में 18 घंटे बिजली नहीं थी।
- सुमेर सिंह, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, बीपीटीपी एमस्टोरिया, सेक्टर 102
सेक्टर 107 के 220 केवी सबस्टेशन के 15 फीडरों से करीब 25 सोसाइटियां जुड़ी हुई थीं। इनमें से तीन फीडर ही ठीक किए गए हैं और उन्हीं के साथ सोसाइटियों के कनेक्शन जोड़ दिया गया है। अगर एक भी फॉल्ट आता है तो कई सोसाइटियों में बिजली गुल हो जाती है। सोसाइटियों को जेनसेट पर निर्भर रहना पड़ता है।
- सुनील सरीन, उपाध्यक्ष, इंपीरियल गार्डन, सेक्टर 102
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर 107 में 7 माह पहले जले सबस्टेशन को अब तक चालू नहीं किया जा सका है। फरवरी में पावर ट्रांसफार्मर और पैनल में भयंकर आग लगने के बाद से द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित सेक्टर 102 से लेकर 112 तक की 25 सोसाइटियों में बिजली की समस्या बनी हुई है। इस सब स्टेशन के कुछ फीडरों से सोसाइटियों के कनेक्शन जोड़ दिए गए थे। इस कारण जब एक बार किसी एक फीडर में फॉल्ट आता है तो कई सोसाइटियों की बिजली गुल हो जाती है। पिछले दिनों बारिश के कारण फॉल्ट आया था। द्वारका एक्सप्रेसवे के पास 43 ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों की बिजली करीब 20 घंटे तक गुल हो गई थी।
सेक्टर 102 स्थित एमस्टोरिया के निवासी मुनीश कुमार बताते हैं कि एक फॉल्ट आता है और उसकी मरम्मत के लिए फीडरों से जुड़ी 25 सोसाइटियों की बिजली बंद कर दी जाती है। इससे हजारों परिवारों को परेशानी होती है। बिजली निगम को जले सबस्टेशन पर जल्द काम कर उसे शुरू कर देना चाहिए।
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सेक्टर 102 स्थित इंपीरियल गार्डन के निवासी बताते हैं कि सेक्टर 107 के 220 केवीए सबस्टेशन से द्वारका एक्सप्रेसवे की जॉयविले, इंपीरियल गार्डन, एमस्टोरिया, एक्सपीरिएन, सिग्नेचर आदि सोसाइटियों के 33 केवी बिजली आपूर्ति एक कॉमन सर्किट ब्रेकर, वीसीबी के जरिए होती है। चारों लाइनों में किसी एक में भी खराबी आई तो कॉमन वीसीबी खुलने के कारण सभी में बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है।
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डीएचबीवीएन के स्थानीय एसडीओ विक्रम सिंह परमार इस बात की तस्दीक करते हैं कि सबस्टेशन के जलने के बाद एक-एक फीडर के साथ पांच-सात सोसाइटियों के कनेक्शन जोड़ दिए गए हैं। अगर एक फीडर में भी बारिश या नमी के कारण परेशानी आती है तो उससे जुड़ी सभी साेसाइटियों में बिजली चली जाती है।
नौ फरवरी को लगी थी आग
इस साल नौ फरवरी को सेक्टर 107 के 220 /33 केवीए के सबस्टेशन में आग लग गई थी। इससे पावर हाउस के कंट्रोल पैनल जल गए थे। इससे द्वारका सेक्टर 102 से 112 तक की सोसाइटियों और आस-पास के गांवों की बिजली दो दिनों तक बाधित रही थी। इस सबस्टेशन में एचवीपीएन का 10-11 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। करीब 10 हजार परिवार अगले दो-तीन दिनों तक बगैर बिजली के रहे थे।
पिछले कुछ महीनों से द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित सोसाइटियों में बिजली कटौती बहुत ज्यादा हो रही है। सेक्टर 107 के पावर स्टेशन के जलने के बाद से यहां निवासियों की जिंदगी बिजली कटौती के कारण बहुत परेशानी वाली हो गई है। 107 के सबस्टेशन के पैनल को लगाकर उसे शीघ्र चालू किए जाने की जरूरत है।
-कर्नल हरि भगवान, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, ओएस्टर ग्रैंडे अडानी, सेक्टर 102
सेक्टर 107 के सबस्टेशन के जलने के बाद से द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित सोसाइटियों में बिजली कटौती की समस्या बढ़ गई है। अगर एक सोसाइटी की बिजली के कनेक्शन में समस्या आती है तो कई बार सबस्टेशन से जुड़ी 25 सोसाइटियों में बिजली चली जाती है। पिछले दिनों द्वारका एक्सप्रेस वे की 25 सोसाइटियों में 18 घंटे बिजली नहीं थी।
- सुमेर सिंह, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, बीपीटीपी एमस्टोरिया, सेक्टर 102
सेक्टर 107 के 220 केवी सबस्टेशन के 15 फीडरों से करीब 25 सोसाइटियां जुड़ी हुई थीं। इनमें से तीन फीडर ही ठीक किए गए हैं और उन्हीं के साथ सोसाइटियों के कनेक्शन जोड़ दिया गया है। अगर एक भी फॉल्ट आता है तो कई सोसाइटियों में बिजली गुल हो जाती है। सोसाइटियों को जेनसेट पर निर्भर रहना पड़ता है।
- सुनील सरीन, उपाध्यक्ष, इंपीरियल गार्डन, सेक्टर 102