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Gurugram News: संसद में उठेगा खेड़की दौला टोल का मसला
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राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा प्रश्नकाल के दौरान रखेंगे सवाल
फोटो ... 6, 7
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टोल हटवाने के लिए संघर्ष समिति ने शुरू की एनएचएआई की घेराबंदी
स्थानीय सांसद राव इंद्रजीत सिंह को भी लिखा पत्र, जल्दी तय होगा नितिन गडकरी से मिलने का कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। खेड़की दौला टोल हटवाने के लिए गठित संघर्ष समिति ने अपना संघर्ष तेज कर दिया है। कानूनी लड़ाई की तैयारियों के बीच ही समिति ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की घेराबंदी शुरू कर दी है। एनएचएआई को घेरने के लिए समिति प्रदेश के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों का सहारा लेगी।
इसी कड़ी में सोमवार को समिति के वरिष्ठ सदस्यों ने राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा से मुलाकात कर टोल के प्रति अपना रोष जाहिर करते हुए टोल से हो रही परेशानियों और नुकसान का वृतांत सुनाया। सांसद शर्मा से इन लोगों ने कहा कि संसद में टोल को हटवाने की पैरवी कर वह क्षेत्र के हजारों लोगों को परेशानी और मानेसर के साथ गुरुग्राम-भिवाड़ी, धारूहेड़ा, रेवाड़ी और बावल के हजारों उद्योगों को नुकसान से बचाने में मददगार बन सकते हैं।
सांसद से मिलने गए प्रतिनिधि मंडल में आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव एवं मनोज त्यागी, आईएमटी के बड़े उद्योगपति एवं एसोसिएशन के उप प्रधान मुनेष त्यागी, सह सचिव संजय आहूजा शामिल थे। इन लोगों ने सांसद कार्तिकेय शर्मा को टोल से संबंधित तमाम जानकारी दी। इन लोगों ने कहा कि यह टोल पूरी तरह अवैध रूप से लोगों पर थोपा जा रहा है। सांसद ने विस्तार से इन लोगों की बात सुनने के बाद भरोसा दिया कि राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान वह केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के सामने यह मसला रखेंगे। वह टोल से संबंधित सवाल अपनी सूची में शामिल कर रहे हैं। इस सवाल को प्रमुखता से संसद में उठाया जाएगा।
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बताते चलें कि खेड़की दौला टोल के खिलाफ स्थानीय लोगों के साथ मानेसर और गुरुग्राम के औद्योगिक संगठन भी लामबंद हो गए हैं। सरहौल टोल हटवाने के दौरान हुए आंदोलन की तरह ही खेड़की टोल को हटवाने के लिए लोगों ने संघर्ष शुरू कर दिया है। इसके लिए बाकायदा एक संघर्ष समिति भी बनाई गई है। जिसमें औद्योगिक ईकाइयों के पदाधिकारी, स्थानीय लोग, क्षेत्र के सामाजिक और धार्मिक संगठनों के लोगों को शामिल किया गया है। यह समिति सड़कों पर प्रदर्शन करने की बजाय कानूनी लड़ाई के माध्यम से टोल हटाने की तैयारियां कर रही है। अपने संघर्ष में स्थानीय राजनेताओं को भी समिति शामिल कर उनका सहयोग ले रही है।
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20 साल का करार खत्म होने के बाद बढ़ाई गई समय सीमा
टोल हटाओ संघर्ष समिति के अगुवा मनोज त्यागी के अनुसार 2002 में दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के निर्माण के समय यहां 20 साल तक टोल वसूली और रखरखाव का करार हुआ था। कानूनी तौर पर यह करार इस साल जनवरी महीने में पूरा हो गया है। बावजूद इसके एनएचएआई ने इसका करार बढ़ा दिया। त्यागी ने कहा कि तमाम जानकारी जुटाने के बाद यह बात तय हो गई है कि यहां अवैध रूप से टोल वसूली हो रही है।
पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर इस बारे में अवगत कराया जा चुका है। मनोज ने बताया कि राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा के अलावा गुरुग्राम लोकसभा के सांसद एवं केंद्र में मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को भी पत्र लिख कर टोल के खिलाफ सहयोग मांगा गया है। उन्होंने कहा कि राव इंद्रजीत को पहले भी कई बार टोल से संबंधित शिकायतें की गई है।
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टोल हटवाने के लिए संघर्ष समिति ने शुरू की एनएचएआई की घेराबंदी
स्थानीय सांसद राव इंद्रजीत सिंह को भी लिखा पत्र, जल्दी तय होगा नितिन गडकरी से मिलने का कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। खेड़की दौला टोल हटवाने के लिए गठित संघर्ष समिति ने अपना संघर्ष तेज कर दिया है। कानूनी लड़ाई की तैयारियों के बीच ही समिति ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की घेराबंदी शुरू कर दी है। एनएचएआई को घेरने के लिए समिति प्रदेश के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों का सहारा लेगी।
इसी कड़ी में सोमवार को समिति के वरिष्ठ सदस्यों ने राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा से मुलाकात कर टोल के प्रति अपना रोष जाहिर करते हुए टोल से हो रही परेशानियों और नुकसान का वृतांत सुनाया। सांसद शर्मा से इन लोगों ने कहा कि संसद में टोल को हटवाने की पैरवी कर वह क्षेत्र के हजारों लोगों को परेशानी और मानेसर के साथ गुरुग्राम-भिवाड़ी, धारूहेड़ा, रेवाड़ी और बावल के हजारों उद्योगों को नुकसान से बचाने में मददगार बन सकते हैं।
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सांसद से मिलने गए प्रतिनिधि मंडल में आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव एवं मनोज त्यागी, आईएमटी के बड़े उद्योगपति एवं एसोसिएशन के उप प्रधान मुनेष त्यागी, सह सचिव संजय आहूजा शामिल थे। इन लोगों ने सांसद कार्तिकेय शर्मा को टोल से संबंधित तमाम जानकारी दी। इन लोगों ने कहा कि यह टोल पूरी तरह अवैध रूप से लोगों पर थोपा जा रहा है। सांसद ने विस्तार से इन लोगों की बात सुनने के बाद भरोसा दिया कि राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान वह केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के सामने यह मसला रखेंगे। वह टोल से संबंधित सवाल अपनी सूची में शामिल कर रहे हैं। इस सवाल को प्रमुखता से संसद में उठाया जाएगा।
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बताते चलें कि खेड़की दौला टोल के खिलाफ स्थानीय लोगों के साथ मानेसर और गुरुग्राम के औद्योगिक संगठन भी लामबंद हो गए हैं। सरहौल टोल हटवाने के दौरान हुए आंदोलन की तरह ही खेड़की टोल को हटवाने के लिए लोगों ने संघर्ष शुरू कर दिया है। इसके लिए बाकायदा एक संघर्ष समिति भी बनाई गई है। जिसमें औद्योगिक ईकाइयों के पदाधिकारी, स्थानीय लोग, क्षेत्र के सामाजिक और धार्मिक संगठनों के लोगों को शामिल किया गया है। यह समिति सड़कों पर प्रदर्शन करने की बजाय कानूनी लड़ाई के माध्यम से टोल हटाने की तैयारियां कर रही है। अपने संघर्ष में स्थानीय राजनेताओं को भी समिति शामिल कर उनका सहयोग ले रही है।
20 साल का करार खत्म होने के बाद बढ़ाई गई समय सीमा
टोल हटाओ संघर्ष समिति के अगुवा मनोज त्यागी के अनुसार 2002 में दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के निर्माण के समय यहां 20 साल तक टोल वसूली और रखरखाव का करार हुआ था। कानूनी तौर पर यह करार इस साल जनवरी महीने में पूरा हो गया है। बावजूद इसके एनएचएआई ने इसका करार बढ़ा दिया। त्यागी ने कहा कि तमाम जानकारी जुटाने के बाद यह बात तय हो गई है कि यहां अवैध रूप से टोल वसूली हो रही है।
पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर इस बारे में अवगत कराया जा चुका है। मनोज ने बताया कि राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा के अलावा गुरुग्राम लोकसभा के सांसद एवं केंद्र में मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को भी पत्र लिख कर टोल के खिलाफ सहयोग मांगा गया है। उन्होंने कहा कि राव इंद्रजीत को पहले भी कई बार टोल से संबंधित शिकायतें की गई है।