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Gurugram News: बिजली कनेक्शन देने के आदेश को ऊपरी अदालत ने किया खारिज
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अनधिकृत फ्लैट में बिजली कनेक्शन देने के निचली अदालत ने दिए थे आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अनधिकृत फ्लैट में निचली अदालत की तरफ से दिए गए बिजली कनेक्शन देने के आदेश को ऊपरी अदालत ने पलटते हुए खारिज कर दिया है। यह आदेश अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश सौरभ गुप्ता ने दिया है। बिजली निगम ने याचिकाकर्ता की बिजली कनेक्शन की मांग को खारिज कर दिया था।
अशोक विहार फेज-तीन निवासी राहुल ने अदालत में दायर की याचिका में बताया था कि 19 मार्च को उन्होंने बिजली निगम में कनेक्शन की लिए आवेदन दिया था। निगम ने उनका आवेदन अस्वीकृत कर दिया। इस पर उन्होंने अदालत में याचिका दायर कर मांग की उनके साथ वाले को भी बिजली कनेक्शन दिया गया है ऐसे में उन्हें भी दिया जाए। निचली अदालत ने निगम को बिजली कनेक्शन देने के निर्देश दिए। इस पर निगम की तरफ से ऊपरी अदालत में कनेक्शन देने के फैसले का विरोध करते हुए याचिका दायर की।
बिजली निगम ने अदालत में दलील दी है कि याचिकाकर्ता की तरफ से नगर निगम गुरुग्राम से भवन के लिए कोई नो आबजेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) नहीं लिया गया है। नियम के अनुसार एक मंजिल पर अलग-अलग फ्लैट का निर्माण नहीं किया जा सकता है। बिजली निगम को नगर निगम की तरफ से ऐसे फ्लैट पर कनेक्शन न देने के लिए भी पत्र लिखा गया है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद निचली अदालत के कनेक्शन देने के आदेश को पलटते हुए खारिज कर दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अनधिकृत फ्लैट में निचली अदालत की तरफ से दिए गए बिजली कनेक्शन देने के आदेश को ऊपरी अदालत ने पलटते हुए खारिज कर दिया है। यह आदेश अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश सौरभ गुप्ता ने दिया है। बिजली निगम ने याचिकाकर्ता की बिजली कनेक्शन की मांग को खारिज कर दिया था।
अशोक विहार फेज-तीन निवासी राहुल ने अदालत में दायर की याचिका में बताया था कि 19 मार्च को उन्होंने बिजली निगम में कनेक्शन की लिए आवेदन दिया था। निगम ने उनका आवेदन अस्वीकृत कर दिया। इस पर उन्होंने अदालत में याचिका दायर कर मांग की उनके साथ वाले को भी बिजली कनेक्शन दिया गया है ऐसे में उन्हें भी दिया जाए। निचली अदालत ने निगम को बिजली कनेक्शन देने के निर्देश दिए। इस पर निगम की तरफ से ऊपरी अदालत में कनेक्शन देने के फैसले का विरोध करते हुए याचिका दायर की।
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बिजली निगम ने अदालत में दलील दी है कि याचिकाकर्ता की तरफ से नगर निगम गुरुग्राम से भवन के लिए कोई नो आबजेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) नहीं लिया गया है। नियम के अनुसार एक मंजिल पर अलग-अलग फ्लैट का निर्माण नहीं किया जा सकता है। बिजली निगम को नगर निगम की तरफ से ऐसे फ्लैट पर कनेक्शन न देने के लिए भी पत्र लिखा गया है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद निचली अदालत के कनेक्शन देने के आदेश को पलटते हुए खारिज कर दिया है।
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