विशेष कार्ड से पहचाने जाएंगे विचाराधीन कैदी
गुरुग्राम। जिला कारगार में बंद कैदियों विचाराधीन कैदी अब अपने विशेष कार्ड के जरिए पहचाने जाएंगे। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डालसा) की ओर से कैदियों के लिए ऐसा ही अंडर ट्रायल कैदी कार्ड तैयार किया गया है। इस कार्ड में कैदी के यूनिक आईडी नंबर (यूआईडी) से लेकर तमाम जानकारी होगी, इसे वे बैरक में भी अपने साथ रख सकेंगे। हरियाणा विधिक सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति राजीव शर्मा के निर्देश पर गुरुग्राम में जेल में बंद कैदियों का सर्वे करवाया गया जिसमें कैदियों के समक्ष उनके विभिन्न न्यायालयों में चल रहे केसों की सुनवाई के संबंध में तथा उनके परिवारों के सामने आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी एकत्रित कर उनकी समस्याओं को सुलझाने का प्रयास किया गया। डालसा के अध्यक्ष व जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार सोंधी ने बताया कि सर्वे में जिला कारगार भोंडसी जेल में 534 सजायाफ्ता विचाराधीन कैदी हैं, जिन्हें मिलाकर कुल संख्या 915 हो जाती है। डालसा की ओर से 729 कैदियों तक पहुंची, उनसे बातचीत की। उन्होंने बताया कि 91 सजायाफ्ता तथा 25 विचाराधीन कैदियों को स्वयं तथा अपने परिजनों को न्यायिक मदद की जरूरत है। इनमें से 25 कैदियों के परिवार ऐसे हैं जो हमारे जिला के हैं, उनकी समस्याएं स्थानीय स्तर पर हल करने की कोशिश की गई है, जबकि 36 कैदियों के परिवार हरियाणा राज्य के दूसरे जिलों में रहते हैं। उनके मामले में उन जिलों के डीएलएसए से संपर्क करके मदद करवाई गई है। सोंधी ने बताया कि 56 कैदी हरियाणा से बाहर के पाए गए हैं, जिनमें से कई कैदियों के परिजन तो आज तक मिलने भी नहीं आए क्योंकि उन्हें पता ही नहीं होगा कि वे किस जेल में बंद हैं। इन विचाराधीन कैदियों के अदालत में चल रहे मुकदमों समेत तमाम जानकारियों को एकत्रित करने के लिए डालसा की ओर से विशेष कार्ड शुरू किया जा रहा है। इस कार्ड में उस कैदी के केस से संबंधित पूरी जानकारी जैसे कि उसका नाम, जेल में उसका यूआईडी नंबर, कोर्ट का नाम, सीएनआर नंबर, उसके वकील का नाम, एफआईआर नंबर, जेल में आने की तारीख, उस पर क्या धाराएं लगी।