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Gurugram News: पुलिस तक पहुंचा डंप यार्ड का विवाद, काम रुका
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सेक्टर 106 में मलबा प्लांट के विरोध को लेकर पुलिस शिकायत पर अपना पक्ष रखने पहुंचे प्रतिनिधि
सेक्टर-106 में विरोध करने वालों पर निगम ने काम में बाधा डालने और धमकाने की शिकायत दी
नंबर गेम - 2 से 3 एकड़ में बनाया जा रहा वेस्ट डंपिंग यार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेस वे स्थित सेक्टर-106 में नगर निगम द्वारा बनाए जा रहे मलबा निस्तारण प्लांट में मलबा डंपिंग स्थल का स्थानीय निवासियों ने विरोध किया है। बृहस्पतिवार को विरोध कर रहे लोगों ने मौके पर जाकर निगम से अधिकृत ठेकेदार के कर्मचारियों को यहां काम करने से रोक दिया। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और विरोध करने वाले के खिलाफ नगर निगम द्वारा पुलिस को शिकायत दी गई।
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त ने स्थानीय राजेंद्र पार्क थाने में काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए शिकायत दी है। शिकायत में नगर निगम ने बाबूपुर के लोगों पर काम कर रही टीम को धमकाने, कानून के विरुद्ध एकत्रित होकर प्रदर्शन करने और वर्क साइट पर आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग का भी आरोप लगाया है।
लोग बोले- बनाया जाए पार्क
विरोध करने वालों का कहना है कि रिहायशी इलाके में पूरे शहर का मलबा डंप किए जाने से यहां धूल और प्रदूषण फैलेगा। द्वारका एक्सप्रेसवे पर हरियाली नगण्य है। ग्रीन बेल्ट और पार्क भी नहीं है। इस क्षेत्र को नगर निगम यूटिलिटी एरिया की जगह विकास की जगह बनाएं। इस जगह पर पार्क, सामुदायिक भवन, अस्पताल आदि खोल सकते हैं मगर मलबा निस्तारण प्लांट नहीं बनाया जाए। दो महीने पहले मलबा प्लांट का लोगों ने प्रदर्शन किया था, इसके बाद काम बंद हो गया था। पिछले दिनों इस पर फिर से काम शुरू हो गया, जिसका विरोध करने लोग पहुंचे थे।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में करेंगे याचिका दायर
द्वारका एक्सप्रेसवे गुड़गांव डेवलपमेंट अथॉरिटी ने निर्णय लिया है कि इस मामले में वे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में याचिका दायर करेंगे। सेक्टर-106 में जहां मलबा निस्तारण प्लांट के लिए मलबा डंप किया जा रहा है, उसके पास गोदरेज मेरिडियन, पारस ड्यू, प्लाजा 106, बाबूपुर गांव, शोभा इंटरनेशनल सिटी आदि सोसाइटियां हैं।
निवासियों ने दर्ज कराया अपना पक्ष
डीएक्सपी-जीडीए के प्रतिनिधियों ने बाबूपुर से हरीश यादव, संयोजक सन्नी दौलताबाद, सह संयोजक सुनील सरीन और एडवोकेट यश विरमानी (निवासी गोदरेज मेरिडियन सोसाइटी) ने पुलिस के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष दर्ज कराया। संगठन प्रतिनिधियों ने बताया कि नगर निगम, पुलिस के माध्यम से दबाव बनाकर सीएनडी वेस्ट डंपयार्ड का कार्य करना चाहता है, जिसका शांतिपूर्ण तरीके से हम निरंतर विरोध जारी रखेंगे। अगले सोमवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल कोर्ट में इसके विरोध में डीक्सपीजीडीए द्वारा याचिका दायर की जाएगी। सीएनडी वेस्ट डंपयार्ड को लेकर सामूहिक विरोध स्वरूप,निगमायुक्त, उपायुक्त और पुलिस आयुक्त को इसके विरोध में ज्ञापन सौंपा जाएगा ।
पिछले साल कचरा निस्तारण का भी हुआ था विरोध
द्वारका एक्सप्रेसवे की सोसाइटियों के पास सेक्टर-103 में पिछले साल नगर निगम ने कूड़ा डंपिंग शुरू कर कूड़ा निस्तारण प्लांट बनाना शुरू किया था। लोगों के जोरदार विरोध के बाद नगर निगम इससे पीछे हट गया था। काफी दिनों तक इसको लेकर लोगों ने धरना प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन किया था।
लोग बोले- यहां विकास कार्य हों तो बेहतर
सेक्टर-106 में नगर निगम 2 से 3 एकड़ में वेस्ट डंपिंग यार्ड बना रहा है लेकिन वहां करीब 40 एकड़ जमीन इनके पास है। प्लांट का विस्तार होगा, इससे इस रिहायशी सोसाइटियों और गांवों के लोगों को परेशानी होगी। -सन्नी दौलताबाद, संयोजक, डीएक्सपी, जीडीए
इस जगह यूटिलिटी वर्क की जगह विकास के कार्य हों तो बेहतर रहेगा। सीएनडी डंपिंग के कारण इलाके में काफी धूल और प्रदूषण फैल रहा है। आगे यहां रहना मुश्किल हो जाएगा। -यश विरमानी, स्थानीय निवासी
यह इलाका हमारे गांव के बिल्कुल पास में है। प्लांट में मलबा निस्तारण से काफी प्रदूषण फैलेगा। अगर नगर निगम ने इसे नहीं रोका तो हमलोग इसके खिलाफ एनजीटी जाएंगे। -हरीश यादव, स्थानीय निवासी
नगर निगम के विकास कार्यों में हम उनके साथ है मगर किसी भी निर्णय को लेने से पहले निवासियों की सहमति जरूरी है। लोग मलबा निस्तारण प्लांट के लिए राजी नहीं हैं। -सुनील सरीन, सह संयोजक, डीक्सपी-जीडीए
इस जगह पर सामुदायिक जरूरत का कोई और केंद्र बनाया जाए। यहां रिहायशी सोसाइटियां और गांव हैं, लोगों को इससे काफी परेशानी होगी। -भरत नैन, स्थानीय निवासी
यहां बसे हजारों लोगों और भविष्य में यहां बसने वाले लाखों लोगों को इससे परेशानी होगी। प्रशासन को इस इलाके के विकास कार्यों के निर्णय में लोगों से विचार लेने चाहिए। -प्रखर सहाय, स्थानीय निवासी
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नंबर गेम - 2 से 3 एकड़ में बनाया जा रहा वेस्ट डंपिंग यार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेस वे स्थित सेक्टर-106 में नगर निगम द्वारा बनाए जा रहे मलबा निस्तारण प्लांट में मलबा डंपिंग स्थल का स्थानीय निवासियों ने विरोध किया है। बृहस्पतिवार को विरोध कर रहे लोगों ने मौके पर जाकर निगम से अधिकृत ठेकेदार के कर्मचारियों को यहां काम करने से रोक दिया। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और विरोध करने वाले के खिलाफ नगर निगम द्वारा पुलिस को शिकायत दी गई।
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त ने स्थानीय राजेंद्र पार्क थाने में काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए शिकायत दी है। शिकायत में नगर निगम ने बाबूपुर के लोगों पर काम कर रही टीम को धमकाने, कानून के विरुद्ध एकत्रित होकर प्रदर्शन करने और वर्क साइट पर आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग का भी आरोप लगाया है।
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लोग बोले- बनाया जाए पार्क
विरोध करने वालों का कहना है कि रिहायशी इलाके में पूरे शहर का मलबा डंप किए जाने से यहां धूल और प्रदूषण फैलेगा। द्वारका एक्सप्रेसवे पर हरियाली नगण्य है। ग्रीन बेल्ट और पार्क भी नहीं है। इस क्षेत्र को नगर निगम यूटिलिटी एरिया की जगह विकास की जगह बनाएं। इस जगह पर पार्क, सामुदायिक भवन, अस्पताल आदि खोल सकते हैं मगर मलबा निस्तारण प्लांट नहीं बनाया जाए। दो महीने पहले मलबा प्लांट का लोगों ने प्रदर्शन किया था, इसके बाद काम बंद हो गया था। पिछले दिनों इस पर फिर से काम शुरू हो गया, जिसका विरोध करने लोग पहुंचे थे।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में करेंगे याचिका दायर
द्वारका एक्सप्रेसवे गुड़गांव डेवलपमेंट अथॉरिटी ने निर्णय लिया है कि इस मामले में वे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में याचिका दायर करेंगे। सेक्टर-106 में जहां मलबा निस्तारण प्लांट के लिए मलबा डंप किया जा रहा है, उसके पास गोदरेज मेरिडियन, पारस ड्यू, प्लाजा 106, बाबूपुर गांव, शोभा इंटरनेशनल सिटी आदि सोसाइटियां हैं।
निवासियों ने दर्ज कराया अपना पक्ष
डीएक्सपी-जीडीए के प्रतिनिधियों ने बाबूपुर से हरीश यादव, संयोजक सन्नी दौलताबाद, सह संयोजक सुनील सरीन और एडवोकेट यश विरमानी (निवासी गोदरेज मेरिडियन सोसाइटी) ने पुलिस के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष दर्ज कराया। संगठन प्रतिनिधियों ने बताया कि नगर निगम, पुलिस के माध्यम से दबाव बनाकर सीएनडी वेस्ट डंपयार्ड का कार्य करना चाहता है, जिसका शांतिपूर्ण तरीके से हम निरंतर विरोध जारी रखेंगे। अगले सोमवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल कोर्ट में इसके विरोध में डीक्सपीजीडीए द्वारा याचिका दायर की जाएगी। सीएनडी वेस्ट डंपयार्ड को लेकर सामूहिक विरोध स्वरूप,निगमायुक्त, उपायुक्त और पुलिस आयुक्त को इसके विरोध में ज्ञापन सौंपा जाएगा ।
पिछले साल कचरा निस्तारण का भी हुआ था विरोध
द्वारका एक्सप्रेसवे की सोसाइटियों के पास सेक्टर-103 में पिछले साल नगर निगम ने कूड़ा डंपिंग शुरू कर कूड़ा निस्तारण प्लांट बनाना शुरू किया था। लोगों के जोरदार विरोध के बाद नगर निगम इससे पीछे हट गया था। काफी दिनों तक इसको लेकर लोगों ने धरना प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन किया था।
लोग बोले- यहां विकास कार्य हों तो बेहतर
सेक्टर-106 में नगर निगम 2 से 3 एकड़ में वेस्ट डंपिंग यार्ड बना रहा है लेकिन वहां करीब 40 एकड़ जमीन इनके पास है। प्लांट का विस्तार होगा, इससे इस रिहायशी सोसाइटियों और गांवों के लोगों को परेशानी होगी। -सन्नी दौलताबाद, संयोजक, डीएक्सपी, जीडीए
इस जगह यूटिलिटी वर्क की जगह विकास के कार्य हों तो बेहतर रहेगा। सीएनडी डंपिंग के कारण इलाके में काफी धूल और प्रदूषण फैल रहा है। आगे यहां रहना मुश्किल हो जाएगा। -यश विरमानी, स्थानीय निवासी
यह इलाका हमारे गांव के बिल्कुल पास में है। प्लांट में मलबा निस्तारण से काफी प्रदूषण फैलेगा। अगर नगर निगम ने इसे नहीं रोका तो हमलोग इसके खिलाफ एनजीटी जाएंगे। -हरीश यादव, स्थानीय निवासी
नगर निगम के विकास कार्यों में हम उनके साथ है मगर किसी भी निर्णय को लेने से पहले निवासियों की सहमति जरूरी है। लोग मलबा निस्तारण प्लांट के लिए राजी नहीं हैं। -सुनील सरीन, सह संयोजक, डीक्सपी-जीडीए
इस जगह पर सामुदायिक जरूरत का कोई और केंद्र बनाया जाए। यहां रिहायशी सोसाइटियां और गांव हैं, लोगों को इससे काफी परेशानी होगी। -भरत नैन, स्थानीय निवासी
यहां बसे हजारों लोगों और भविष्य में यहां बसने वाले लाखों लोगों को इससे परेशानी होगी। प्रशासन को इस इलाके के विकास कार्यों के निर्णय में लोगों से विचार लेने चाहिए। -प्रखर सहाय, स्थानीय निवासी