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Gurugram News: कैरी बैग के लिए थे 26 रुपये, अब 30 हजार देना होगा मुआवजा
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-शॉपर्स स्टॉप पर खरीदा था सामान, उपभोक्ता आयोग ने दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। उपभोक्ता आयोग ने शॉपर्स स्टॉप स्टोर को कैरी बैग के 26 रुपये लेने पर 30 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश सुनाया है। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है।
सेक्टर-14 निवासी अंशुल गोयल और उनकी पत्नी दीपिका जैन ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि वे 18 अगस्त 2023 को महरौली रोड स्थित शॉपर्स स्टॉप पर सामान खरीदने के लिए गए थे। उनकी पत्नी ने 28 हजार 698 रुपये का और उन्होंने नौ हजार 798 रुपये का सामान खरीदा था। इस पर शॉपर्स स्टॉप ने उनसे कैरी बैग के 26 रुपये लिए थे।
आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि यदि बड़े स्टोर, दुकानदार, विक्रेता देश में कैरी बैग के लिए शुल्क वसूलने की प्रथा को जारी रखते हैं तो यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के मूल उद्देश्य को ही विफल कर देगा। इससे देश में ग्राहकों से रुपये ऐंठने का एक नया चलन शुरू हो जाएगा।
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आयोग ने कहा कि यह स्पष्ट है कि इस मामले में शॉपर्स स्टॉप स्टोर ने शिकायतकर्ता के साथ अनुचित व्यापार व्यवहार किया है। आयोग ने स्टोर को आदेश दिया कि वह 26 रुपये ब्याज के साथ वापस करने के साथ ही शिकायतकर्ता को 30 हजार रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च के लिए 22 हजार रुपये दें।
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। उपभोक्ता आयोग ने शॉपर्स स्टॉप स्टोर को कैरी बैग के 26 रुपये लेने पर 30 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश सुनाया है। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है।
सेक्टर-14 निवासी अंशुल गोयल और उनकी पत्नी दीपिका जैन ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि वे 18 अगस्त 2023 को महरौली रोड स्थित शॉपर्स स्टॉप पर सामान खरीदने के लिए गए थे। उनकी पत्नी ने 28 हजार 698 रुपये का और उन्होंने नौ हजार 798 रुपये का सामान खरीदा था। इस पर शॉपर्स स्टॉप ने उनसे कैरी बैग के 26 रुपये लिए थे।
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आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि यदि बड़े स्टोर, दुकानदार, विक्रेता देश में कैरी बैग के लिए शुल्क वसूलने की प्रथा को जारी रखते हैं तो यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के मूल उद्देश्य को ही विफल कर देगा। इससे देश में ग्राहकों से रुपये ऐंठने का एक नया चलन शुरू हो जाएगा।
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आयोग ने कहा कि यह स्पष्ट है कि इस मामले में शॉपर्स स्टॉप स्टोर ने शिकायतकर्ता के साथ अनुचित व्यापार व्यवहार किया है। आयोग ने स्टोर को आदेश दिया कि वह 26 रुपये ब्याज के साथ वापस करने के साथ ही शिकायतकर्ता को 30 हजार रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च के लिए 22 हजार रुपये दें।