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Gurugram News: बैंक की तरफ से मांगी गई 1.19 लाख की मांग आयोग ने की खारिज
सार
गुरुग्राम के राम नगर निवासी गगन बजाज के खाते से अनधिकृत रूप से 1.19 लाख रुपये निकाले गए। उपभोक्ता आयोग ने बैंक की वसूली मांग को रद्द कर मुआवजा देने का आदेश दिया। इससे उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा हुई।
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विस्तार
शिकायतकर्ता का कहना था कि अनधिकृत रूप से निकाले थे खाते से रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। एक युवक के खाते से अनधिकृत रूप से निकाले गए 1.19 लाख रुपये की बैंक की मांग को उपभोक्ता आयोग ने खारिज कर दिया है। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के सदस्य ज्योति सिवाच ने दिया है।
राम नगर निवासी गगन बजाज ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि 28 मई 2024 को उनके मोबाइल नंबर पर एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड से 1.19 लाख रुपये की तीन अनधिकृत लेनदेन का मैसेज आया था। उन्होंने तुरंत ही बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क कर इन लेनदेन को रोकने और रुपये वापस करने की मांग की। बैंक ने शुरू में आश्वासन दिया है कि रुपये वापस कर दिए जाएंगे, लेकिन बाद में जुलाई-अगस्त 2024 के बिल में फिर से यह राशि जोड़ दी गई और भुगतान का दबाव बनाया गया।
बैंक ने मामले में कोई जवाब दाखिल नहीं किया
आयोग ने अपने आदेश में कहा गया है कि बैंक ने अनधिकृत लेनदेन को वापस करने का आश्वासन देने के बावजूद शिकायतकर्ता पर रुपये मांगे गए। आयोग ने बैंक को 1.19 लाख रुपये की मांग को माफ करने,ब्याज/दंड शुल्क हटाने का आदेश दिया। इसके साथ ही शिकायतकर्ता को हुई मानसिक परेशानी पर 20 हजार रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च होने पर 11 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। एक युवक के खाते से अनधिकृत रूप से निकाले गए 1.19 लाख रुपये की बैंक की मांग को उपभोक्ता आयोग ने खारिज कर दिया है। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के सदस्य ज्योति सिवाच ने दिया है।
राम नगर निवासी गगन बजाज ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि 28 मई 2024 को उनके मोबाइल नंबर पर एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड से 1.19 लाख रुपये की तीन अनधिकृत लेनदेन का मैसेज आया था। उन्होंने तुरंत ही बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क कर इन लेनदेन को रोकने और रुपये वापस करने की मांग की। बैंक ने शुरू में आश्वासन दिया है कि रुपये वापस कर दिए जाएंगे, लेकिन बाद में जुलाई-अगस्त 2024 के बिल में फिर से यह राशि जोड़ दी गई और भुगतान का दबाव बनाया गया।
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बैंक ने मामले में कोई जवाब दाखिल नहीं किया
आयोग ने अपने आदेश में कहा गया है कि बैंक ने अनधिकृत लेनदेन को वापस करने का आश्वासन देने के बावजूद शिकायतकर्ता पर रुपये मांगे गए। आयोग ने बैंक को 1.19 लाख रुपये की मांग को माफ करने,ब्याज/दंड शुल्क हटाने का आदेश दिया। इसके साथ ही शिकायतकर्ता को हुई मानसिक परेशानी पर 20 हजार रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च होने पर 11 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।
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