{"_id":"6875566d26b84fa5070371a9","slug":"the-car-caught-fire-the-insurance-company-will-have-to-pay-rs-666-lakh-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-62240-2025-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: गाड़ी में लगी थी आग, बीमा कंपनी को देने होंगे 6.66 लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: गाड़ी में लगी थी आग, बीमा कंपनी को देने होंगे 6.66 लाख रुपये
Tue, 15 Jul 2025 12:41 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
Updated Tue, 15 Jul 2025 12:41 AM IST
विज्ञापन
गुरुग्राम। उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह वाहन में आग लगने से हुए नुकसान के एवज में शिकायतकर्ता को 6.66 लाख रुपये का भुगतान करे। मामला मथुरा निवासी मुकेश कुमार की मारुति बलेनो जेटा गाड़ी से जुड़ा है, जिसमें अचानक आग लग गई थी।
मुकेश ने बताया कि उन्होंने नवंबर 2020 में गाड़ी खरीदी थी और अप्रैल 2021 में चलाते समय गाड़ी के बोनट से धुआं निकलने के कुछ ही क्षणों बाद उसमें आग लग गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग ने आग बुझाई लेकिन तब तक गाड़ी पूरी तरह जल चुकी थी।
बीमा कंपनी ने क्लेम रोकते हुए यह तर्क दिया कि गाड़ी में पहले से ब्रेक लाइट की खराबी थी, जिसे अनदेखा किया गया और इसी वजह से शॉर्ट सर्किट से आग लगी। कंपनी ने इसे बीमा नियमों का उल्लंघन बताया।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने बीमा कंपनी को 6.66 लाख रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त मानसिक परेशानी के लिए 50 हजार रुपये और कानूनी खर्च के रूप में 22 हजार रुपये का भी भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन
मुकेश ने बताया कि उन्होंने नवंबर 2020 में गाड़ी खरीदी थी और अप्रैल 2021 में चलाते समय गाड़ी के बोनट से धुआं निकलने के कुछ ही क्षणों बाद उसमें आग लग गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग ने आग बुझाई लेकिन तब तक गाड़ी पूरी तरह जल चुकी थी।
विज्ञापन
बीमा कंपनी ने क्लेम रोकते हुए यह तर्क दिया कि गाड़ी में पहले से ब्रेक लाइट की खराबी थी, जिसे अनदेखा किया गया और इसी वजह से शॉर्ट सर्किट से आग लगी। कंपनी ने इसे बीमा नियमों का उल्लंघन बताया।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने बीमा कंपनी को 6.66 लाख रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त मानसिक परेशानी के लिए 50 हजार रुपये और कानूनी खर्च के रूप में 22 हजार रुपये का भी भुगतान किया जाएगा।