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आरोपी डिप्टी कमांडेंट के सपोर्टिंग लेटर पर खुला था खाता
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गुरुग्राम। नेशनल सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) में कंस्ट्रक्शन का काम दिलाने के नाम पर 126.66 करोड़ की ठगी के लिए खुलवाए गए बैंक खाते में आरोपी डिप्टी कमांडेंट प्रवीण यादव का लेटर लगा हुआ है। बैंक की ओर से मिली इस जानकारी के बाद एसआईटी ने पत्र लिखकर एनएसजी से यह जानकारी मांगी है कि बैंक खाता खोलने के लिए आरोपी डिप्टी कमांडेंट रहे प्रवीण यादव को पत्र लिखने का अधिकार था।
एसआईटी को छानबीन के दौरान यह पता चला है कि मास्टर माइंड ने अपने अधिकार का हवाला देकर कुछ काम ऐसा किया, जिसके चलते बिल्डर उसके झांसे में आ गए थे। पुलिस अब यह पता कर रही है कि उसकी ओर से बैंक खाते में लगाए गए पत्र को जारी करने का अधिकार उसके पास था अथवा नहीं। इतना ही नहीं एनएसजी में कंस्ट्रक्शन के काम के आवंटन संबंधी अधिकार क्या थे। मामला देश की बड़ी सुरक्षा एजेंसी से जुड़ा होने के कारण पुलिस पूरी तरह से गोपनीयता बरत रही है। एनएसजी की ओर से जवाब मिलने के बाद और भी खुलासा होने की संभावना है।
50 से अधिक लोगों से एसआईटी कर चुकी है पूछताछ
एसआईटी की ओर से मास्टरमाइंड के खाते से गए रुपयों की छानबीन में अब तक 50 से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है। कई ऐसे लोग मिले हैं, जिन्होंने संतोष जनक जवाब नहीं दिया है। ऐसे में पुलिस जितना पैसा उनके खाते में निकला है उतना ही पैसा उसी बैंक खाते में जमा करवा रही है। साथ ही ठगी का पैसा लेने वालों का मास्टर माइंड से आमना-सामना कराया जा रहा है।
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एसआईटी को छानबीन के दौरान यह पता चला है कि मास्टर माइंड ने अपने अधिकार का हवाला देकर कुछ काम ऐसा किया, जिसके चलते बिल्डर उसके झांसे में आ गए थे। पुलिस अब यह पता कर रही है कि उसकी ओर से बैंक खाते में लगाए गए पत्र को जारी करने का अधिकार उसके पास था अथवा नहीं। इतना ही नहीं एनएसजी में कंस्ट्रक्शन के काम के आवंटन संबंधी अधिकार क्या थे। मामला देश की बड़ी सुरक्षा एजेंसी से जुड़ा होने के कारण पुलिस पूरी तरह से गोपनीयता बरत रही है। एनएसजी की ओर से जवाब मिलने के बाद और भी खुलासा होने की संभावना है।
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50 से अधिक लोगों से एसआईटी कर चुकी है पूछताछ
एसआईटी की ओर से मास्टरमाइंड के खाते से गए रुपयों की छानबीन में अब तक 50 से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है। कई ऐसे लोग मिले हैं, जिन्होंने संतोष जनक जवाब नहीं दिया है। ऐसे में पुलिस जितना पैसा उनके खाते में निकला है उतना ही पैसा उसी बैंक खाते में जमा करवा रही है। साथ ही ठगी का पैसा लेने वालों का मास्टर माइंड से आमना-सामना कराया जा रहा है।
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