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Gurugram News: सहारे की योजना खुद बेसहारा, 10 साल से कागजों में कैद स्वास्थ्य बीमा

Tue, 22 Sep 2026 11:18 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2026 11:18 PM IST
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Support scheme itself left unsupported; health insurance stuck in paperwork for 10 years.
चोट लगने पर पांच लाख का इलाज के लिए आर्थिक मदद देने का था प्रावधान
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2015 की खेल नीति में हुई थी घोषणा

संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। खेल विभाग ने प्रदेश में खिलाड़ियों को चोट लगने की स्थिति में इलाज के लिए आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से वर्ष 2015 की खेल नीति में पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा की योजना तैयार की थी। इसको लेकर प्रदेशभर में खिलाड़ियों का आंकड़ा जुटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी। माना जा रहा था कि जल्द ही योजना को धरातल पर उतार दिया जाएगा, लेकिन करीब एक दशक बीतने के बाद भी इसका लाभ किसी खिलाड़ी को नहीं मिल पाया है।

खेल के दौरान चोट लगना खिलाड़ियों के लिए आम समस्या है। गंभीर चोट की स्थिति में इलाज, ऑपरेशन और लंबे समय तक चलने वाली फिजियोथेरेपी का खर्च परिवारों पर भारी पड़ता है। खासकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर के उन खिलाड़ियों के लिए परेशानी अधिक होती है, जिनके पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं होता है। कई मामलों में आर्थिक परेशानी के कारण खिलाड़ी समय पर उपचार नहीं करा पाते और उन्हें खेल से दूरी बनानी पड़ती है। इन सभी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य बीमा योजना लाई गई थी, जो अब तक धरातल पर उतरी है।
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पिछले वर्ष नवंबर में जिले में आयोजित स्टेट ओलिंपिक खेलों के दौरान गुरुग्राम टीम के एक हॉकी खिलाड़ी के घुटने में चोट लगी थी। चोट इतनी गंभीर थी कि घुटने के ऑपरेशन की जरूरत बताई गई। इसके बावजूद कई महीने बीतने के बाद भी ऑपरेशन नहीं हो सका।
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वर्जन
परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने पर खिलाड़ी के सामने यह सवाल खड़ा हो जाता है कि ऑपरेशन का खर्च कहां से आएगा। -हन्नी, हॉकी खिलाड़ी

प्रशिक्षण के दौरान गंभीर चोट लगने पर लंबे समय तक फिजियोथेरेपी की जरूरत पड़ती है। खिलाड़ियों को आर्थिक परेशानी के कारण उपचार टालना पड़ता है। -मिशिका, जिमनास्टिक खिलाड़ी

राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की आमदनी बहुत कम होती है। अचानक लाखों रुपये का खर्च आने पर परिवार के लिए उसे उठाना मुश्किल हो जाता है। -सृष्टि मिश्रा, कराटे खिलाड़ी

चोट के बाद समय पर ऑपरेशन और उपचार नहीं मिलने से खिलाड़ी की खेल गतिविधियां रुक जाती हैं। लंबे समय तक मैदान से बाहर रहने पर तैयारी प्रभावित होती है। - शिवम, क्रिकेट खिलाड़ी

खिलाड़ियों के स्वास्थ्य बीमा से संबंधित योजना को लेकर उच्च स्तर से जो भी दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उनके अनुसार विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। योजना के संबंध में अंतिम निर्णय उच्चाधिकारी स्तर पर लिया जाना है। -आरती कोहली, जिला खेल अधिकारी
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