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Gurugram News: सोहना में हजारों की आबादी को पांच दिन से दूषित पानी की आपूर्ति
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सोहना में हजारों की आबादी को पांच दिन से दूषित पानी की आपूर्ति
- वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में आई खराबी, लोगों में रोष
- बिना उपचारित किए ही सप्लाई किया जा रहा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। पिछले करीब पांच दिन से सोहना सहित मेंहदवाड़ा, घामडोज, अलीपुर और भोंडसी में बिना उपचारित किए ही पानी की आपूर्ति हो रही है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में खराबी है। ऐसे में हजारों की आबादी को दूषित पेयजल मिल रहा है। इससे उन्हें परेशानी हो रही है। लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी आरोप लगाए हैं कि इस स्थिति के लिए जिम्मेदार अधिकारी एक दूसरे के ऊपर दोषारोपण कर रहे हैं, जबकि बरसात के समय दूषित पानी आपूर्ति से जन स्वास्थ्य को खतरा हो रहा है।
चंदू बुढेरा नहर से सोहना के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी आता है। यहां पर 27 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) की क्षमता वाला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट है। यहां पर पानी उपचारित करने के बाद करीब 10 एमएलडी की खपत तो सोहना में ही होती है। शेष पानी से मेहंदवाड़ा, घामडोज, अलीपुर और भोंडसी में आपूर्ति की जाती है। अब इस पूरे क्षेत्र में दूषित पानी की समस्या आ रही है।
गांव घामडोज में दूषित पानी की सप्लाई को लेकर वहां के निवासी रवि राघव व लोकेश राघव का कहना है की मेंहदवाड़ा गांव ट्रीटमेंट प्लांट से थोड़ी दूरी पर है। यहां ठेकेदार के आदमी कार्यरत हैं। कोई सरकारी कर्मचारी नही हैं जो इसके लिए जिम्मेदार हो।
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विभाग को मालूम होते हुए भी जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। एक तरफ बरसात दूसरी तरफ दूषित पानी की आपूर्ति बहुत ही दुर्भाग्य है। यह अधिकारियों की लापरवाही है।- बलबीर सिंह, पूर्व पार्षद वार्ड संख्या- 20
स्थानीय अधिकारियों को मालूम है तो वो दूषित पानी की आपूर्ति को क्यों नहीं रोकते हैं। सरकार ने जल है तो कल है का नारा दिया है। विभाग जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा है। दोषियों के खिलाफ कार्यवाही हो- वेद कला शर्मा, पार्षद, वार्ड संख्या-5
दूषित पेयजल आपूर्ति के संबंध में पंप ऑपरेटर को भी मालूम है। उसे अधिकारियों को बताना चाहिए। शहर के लगभग सभी 21 वार्ड में से 17 वार्डों में दूषित पानी आ रहा है।- लबली जुनेजा, प्रधान, सनातन धर्म सभा
अधिकारी बोले पहाड़ों की मिट्टी का चिकनापन आ जाता है
पूरे मामले पर कनिष्ठ अभियंता (स्वास्थ्य) खुर्शीद कहते हैं कि नदियों में बाढ़ आने के कारण दबाव बढ़ जाता है, जिससे पहाड़ों की चिकनी मिट्टी का चिकनापन आ जाता है। पिछली बार भी बरसात में ऐसा हुआ था। पानी में मिट्टी का चिकनापन हो सकता है। जो ट्रीटमेंट प्लांट में सेटल नहीं हो पाता। पूरे मामले की जानकारी कार्यकारी अभियंता को दी गई है। इसकी जांच कराई जाएगी। चेंबर कवर्ड हैं प्रत्येक दो साल में चेंबर साफ कराए जाते हैं।
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- वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में आई खराबी, लोगों में रोष
- बिना उपचारित किए ही सप्लाई किया जा रहा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। पिछले करीब पांच दिन से सोहना सहित मेंहदवाड़ा, घामडोज, अलीपुर और भोंडसी में बिना उपचारित किए ही पानी की आपूर्ति हो रही है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में खराबी है। ऐसे में हजारों की आबादी को दूषित पेयजल मिल रहा है। इससे उन्हें परेशानी हो रही है। लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी आरोप लगाए हैं कि इस स्थिति के लिए जिम्मेदार अधिकारी एक दूसरे के ऊपर दोषारोपण कर रहे हैं, जबकि बरसात के समय दूषित पानी आपूर्ति से जन स्वास्थ्य को खतरा हो रहा है।
चंदू बुढेरा नहर से सोहना के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी आता है। यहां पर 27 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) की क्षमता वाला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट है। यहां पर पानी उपचारित करने के बाद करीब 10 एमएलडी की खपत तो सोहना में ही होती है। शेष पानी से मेहंदवाड़ा, घामडोज, अलीपुर और भोंडसी में आपूर्ति की जाती है। अब इस पूरे क्षेत्र में दूषित पानी की समस्या आ रही है।
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गांव घामडोज में दूषित पानी की सप्लाई को लेकर वहां के निवासी रवि राघव व लोकेश राघव का कहना है की मेंहदवाड़ा गांव ट्रीटमेंट प्लांट से थोड़ी दूरी पर है। यहां ठेकेदार के आदमी कार्यरत हैं। कोई सरकारी कर्मचारी नही हैं जो इसके लिए जिम्मेदार हो।
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विभाग को मालूम होते हुए भी जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। एक तरफ बरसात दूसरी तरफ दूषित पानी की आपूर्ति बहुत ही दुर्भाग्य है। यह अधिकारियों की लापरवाही है।- बलबीर सिंह, पूर्व पार्षद वार्ड संख्या- 20
स्थानीय अधिकारियों को मालूम है तो वो दूषित पानी की आपूर्ति को क्यों नहीं रोकते हैं। सरकार ने जल है तो कल है का नारा दिया है। विभाग जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा है। दोषियों के खिलाफ कार्यवाही हो- वेद कला शर्मा, पार्षद, वार्ड संख्या-5
दूषित पेयजल आपूर्ति के संबंध में पंप ऑपरेटर को भी मालूम है। उसे अधिकारियों को बताना चाहिए। शहर के लगभग सभी 21 वार्ड में से 17 वार्डों में दूषित पानी आ रहा है।- लबली जुनेजा, प्रधान, सनातन धर्म सभा
अधिकारी बोले पहाड़ों की मिट्टी का चिकनापन आ जाता है
पूरे मामले पर कनिष्ठ अभियंता (स्वास्थ्य) खुर्शीद कहते हैं कि नदियों में बाढ़ आने के कारण दबाव बढ़ जाता है, जिससे पहाड़ों की चिकनी मिट्टी का चिकनापन आ जाता है। पिछली बार भी बरसात में ऐसा हुआ था। पानी में मिट्टी का चिकनापन हो सकता है। जो ट्रीटमेंट प्लांट में सेटल नहीं हो पाता। पूरे मामले की जानकारी कार्यकारी अभियंता को दी गई है। इसकी जांच कराई जाएगी। चेंबर कवर्ड हैं प्रत्येक दो साल में चेंबर साफ कराए जाते हैं।