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Gurugram News: सुपरटेक के खरीदारों ने हरेरा कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
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10 साल से घर के लिए भटक रहे हैं , राव इंद्रजीत से मिले लोग
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-68 के सुपरटेक ह्यूज प्रोजेक्ट में घर के लिए 10 साल से भटक रहे खरीदारों ने हरेरा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। खरीदारों ने बिल्डर प्रबंधन और जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन करने वाले हाथ में बैनर लेकर आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र की लापरवाही का बिल्डर फायदा उठा रहा है। 700 से अधिक खरीदारों ने अपने जीवन भर की कमाई लगा रखी है । अब अपने घर के लिए चक्कर लगा रहे हैं। प्रोजेक्ट के 50 से अधिक खरीदार सुबह 9.30 बजे सिविल लाइंस के हरेरा दफ्तर पर पहुंचे। 10 बजे एकत्रित होकर खरीदारों ने हाथों में पोस्टर बैनर लेकर नारेबाजी है। इसमें सीनियर सिटीजन खरीदार अधिक शामिल हुए। इनका कहना है कि बिल्डर को पूरा भुगतान करने के बाद किराये के मकान में रहना पड़ रहा है। पेंशन के पैसे से बैंक की किश्त देने और मकान का किराया देना पड़ रहा है। उम्र के पड़ाव में बिल्डर और विभागों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
प्रोजेक्ट में हैं 700 से अधिक खरीदार
सेक्टर-68 स्थित सुपरटेक ह्यूज प्रोजेक्ट में 24 टावर में 700 फ्लैट हैं। प्रोजेक्ट में सिर्फ चार टावर बने हैं, बाकी के 20 टावर पर काम भी शुरू नहीं हुआ है। यह प्रोजेक्ट 2013 में शुरू हुआ था और 2018 तक फ्लैट मिलने थे। इस प्रोजेक्ट निर्माण कार्य अधूरा है। बल्कि अधूरा निर्माण जंग लगे होने के चलते बेहद खराब हालत में पहुंच गया है।
दो हजार खरीदारों के करोड़ों रुपये डूबे
बिल्डर के अजालिया, आफिसर एन्क्लेव, हाईराइज, हिल्टन, लो राइज, अराविले और बसेरा प्रोजेक्ट हैं। सभी प्रोजेक्ट में दो हजार से ज्यादा फ्लैट हैं। सभी के खरीदार भटक रहे हैं। खरीदार निकुंज ने कहा कि लाखों रुपये का भुगतान तक कर दिया। जमीन पर कोई निर्माण नहीं हुआ है। जो टावर पूरे हुए भी हैं, उसके लिए भी बिल्डर के पास ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट नहीं हैं। सभी प्रोजेक्ट में एक फ्लैट की कीमत 80 लाख से एक करोड़ रुपये तक है।
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अब खरीदारों के साथ धोखाधड़ी
खरीदार मुकेश खुराना ने कहा कि बिल्डर ने डीटीपी, हरेरा अधिकारियों और बैंकरों के साथ मिलकर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी की है। प्रोजेक्ट का लाइसेंस खत्म हो चुका है। बिल्डर न तो प्रोजेक्ट पूरा कर रहा है और न ही पैसा लौटा रहा है। खरीदार सतविंदर सचदेवा ने कहा कि बिल्डर पर न तो रोक लगी और न ही कार्रवाई हुई। वह अपनी मनमानी करते हुए आशियाना देने को राजी नहीं है।
राव इंद्रजीत से मिले निवेशक
गुरुग्राम दौरे पर आए केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से खरीदार मिले। खरीदार सतविंदर सचदेवा ने बिल्डर के आवासीय प्रोजेक्ट निर्माण के बारे में बताया है। खरीदारों से पैसा लेकर बिल्डर प्रोजेक्ट पूरा नहीं कर रहा है। विभागों के अधिकारी भी बिल्डर का पूरा साथ दे रहे है। न तो पैसा लौटाया जा रहा है न ही घर दिलाया। केंद्रीय मंत्री ने खरीदारों को आश्वासन दिया कि इस मामले में अधिकारियों से बातचीत करके समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-68 के सुपरटेक ह्यूज प्रोजेक्ट में घर के लिए 10 साल से भटक रहे खरीदारों ने हरेरा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। खरीदारों ने बिल्डर प्रबंधन और जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन करने वाले हाथ में बैनर लेकर आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र की लापरवाही का बिल्डर फायदा उठा रहा है। 700 से अधिक खरीदारों ने अपने जीवन भर की कमाई लगा रखी है । अब अपने घर के लिए चक्कर लगा रहे हैं। प्रोजेक्ट के 50 से अधिक खरीदार सुबह 9.30 बजे सिविल लाइंस के हरेरा दफ्तर पर पहुंचे। 10 बजे एकत्रित होकर खरीदारों ने हाथों में पोस्टर बैनर लेकर नारेबाजी है। इसमें सीनियर सिटीजन खरीदार अधिक शामिल हुए। इनका कहना है कि बिल्डर को पूरा भुगतान करने के बाद किराये के मकान में रहना पड़ रहा है। पेंशन के पैसे से बैंक की किश्त देने और मकान का किराया देना पड़ रहा है। उम्र के पड़ाव में बिल्डर और विभागों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
प्रोजेक्ट में हैं 700 से अधिक खरीदार
सेक्टर-68 स्थित सुपरटेक ह्यूज प्रोजेक्ट में 24 टावर में 700 फ्लैट हैं। प्रोजेक्ट में सिर्फ चार टावर बने हैं, बाकी के 20 टावर पर काम भी शुरू नहीं हुआ है। यह प्रोजेक्ट 2013 में शुरू हुआ था और 2018 तक फ्लैट मिलने थे। इस प्रोजेक्ट निर्माण कार्य अधूरा है। बल्कि अधूरा निर्माण जंग लगे होने के चलते बेहद खराब हालत में पहुंच गया है।
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दो हजार खरीदारों के करोड़ों रुपये डूबे
बिल्डर के अजालिया, आफिसर एन्क्लेव, हाईराइज, हिल्टन, लो राइज, अराविले और बसेरा प्रोजेक्ट हैं। सभी प्रोजेक्ट में दो हजार से ज्यादा फ्लैट हैं। सभी के खरीदार भटक रहे हैं। खरीदार निकुंज ने कहा कि लाखों रुपये का भुगतान तक कर दिया। जमीन पर कोई निर्माण नहीं हुआ है। जो टावर पूरे हुए भी हैं, उसके लिए भी बिल्डर के पास ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट नहीं हैं। सभी प्रोजेक्ट में एक फ्लैट की कीमत 80 लाख से एक करोड़ रुपये तक है।
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अब खरीदारों के साथ धोखाधड़ी
खरीदार मुकेश खुराना ने कहा कि बिल्डर ने डीटीपी, हरेरा अधिकारियों और बैंकरों के साथ मिलकर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी की है। प्रोजेक्ट का लाइसेंस खत्म हो चुका है। बिल्डर न तो प्रोजेक्ट पूरा कर रहा है और न ही पैसा लौटा रहा है। खरीदार सतविंदर सचदेवा ने कहा कि बिल्डर पर न तो रोक लगी और न ही कार्रवाई हुई। वह अपनी मनमानी करते हुए आशियाना देने को राजी नहीं है।
राव इंद्रजीत से मिले निवेशक
गुरुग्राम दौरे पर आए केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से खरीदार मिले। खरीदार सतविंदर सचदेवा ने बिल्डर के आवासीय प्रोजेक्ट निर्माण के बारे में बताया है। खरीदारों से पैसा लेकर बिल्डर प्रोजेक्ट पूरा नहीं कर रहा है। विभागों के अधिकारी भी बिल्डर का पूरा साथ दे रहे है। न तो पैसा लौटाया जा रहा है न ही घर दिलाया। केंद्रीय मंत्री ने खरीदारों को आश्वासन दिया कि इस मामले में अधिकारियों से बातचीत करके समस्या का समाधान कराया जाएगा।