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Gurugram News: एसटीपी चालू नहीं मिला तो कटेगा सोसाइटी का सीवरेज कनेक्शन
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सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन को लेकर जीएमडीए सख्ती
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों, लाइसेंस्ड कॉलोनियों और व्यावसायिक परिसरों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के संचालन को लेकर गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने सख्ती शुरू कर दी है। निर्धारित नियमों के तहत एसटीपी चालू नहीं मिलने पर संबंधित परिसर का सीवरेज कनेक्शन काटा जाएगा। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जुर्माने की कार्रवाई भी की जाएगी।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ हुई समन्वय बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में एसटीपी की स्थिति, शोधित पानी की गुणवत्ता और मानसून के दौरान कुछ परिसरों से सीवरेज का पानी खुले में सड़कों पर छोड़े जाने के मामलों पर चर्चा की गई।
सीईओ ने कहा कि जीएमडीए जल्द ही आरडब्ल्यूए और डेवलपरों के साथ बैठक करेगा। इसमें एसटीपी लगाने और संचालन से जुड़े नियमों की जानकारी दी जाएगी। निर्धारित समय में एसटीपी चालू नहीं करने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जुर्माना लगाएगा और जीएमडीए सीवरेज कनेक्शन काटने की कार्रवाई करेगा।
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उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान कुछ सोसाइटियों से सीवरेज का पानी खुले में सड़कों पर छोड़े जाने से लोगों को परेशानी हुई और पर्यावरण भी प्रभावित हुआ। सोसाइटियों और डेवलपरों की जिम्मेदारी है कि वे शहर के पर्यावरण और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग करें।
41 परिसरों में एसटीपी बंद मिले
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि गुरुग्राम उत्तर में 175 और गुरुग्राम दक्षिण में 179 परिसरों में एसटीपी होना अनिवार्य है। उत्तर गुरुग्राम के 33 और दक्षिण गुरुग्राम के आठ परिसरों में एसटीपी चालू नहीं मिले। सभी को नोटिस जारी कर जुर्माना लगाया गया है। उत्तर गुरुग्राम में करीब 14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसमें से चार करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। पीसी मीणा ने निर्देश दिए कि जिन डेवलपरों पर जुर्माना बकाया है, उन्हें जुर्माना जमा करने तक उनके अन्य प्रोजेक्टों के लिए कंसेंट या अनुमति नहीं दी जाए।
15 परिसरों में होगी औचक जांच
सीईओ ने जीएमडीए के कार्यकारी अभियंताओं ईशान, विभोर और विक्रम को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ मिलकर एसटीपी संचालित होने का दावा करने वाले 15 परिसरों की औचक जांच करने के निर्देश दिए। जांच के दौरान शोधित पानी के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट सीधे सीईओ को भेजी जाएगी। एसटीपी के प्रदर्शन की बीओडी (बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड) के आधार पर रैंकिंग भी की जाएगी। इससे बेहतर और निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने वाले एसटीपी की पहचान की जा सकेगी। जीएमडीए के अपने एसटीपी से निकलने वाले शोधित पानी की भी नियमित जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। एसटीपी से निकलने वाले शोधित पानी का एक भी सैंपल निर्धारित मानकों पर फेल पाया गया तो संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों, लाइसेंस्ड कॉलोनियों और व्यावसायिक परिसरों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के संचालन को लेकर गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने सख्ती शुरू कर दी है। निर्धारित नियमों के तहत एसटीपी चालू नहीं मिलने पर संबंधित परिसर का सीवरेज कनेक्शन काटा जाएगा। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जुर्माने की कार्रवाई भी की जाएगी।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ हुई समन्वय बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में एसटीपी की स्थिति, शोधित पानी की गुणवत्ता और मानसून के दौरान कुछ परिसरों से सीवरेज का पानी खुले में सड़कों पर छोड़े जाने के मामलों पर चर्चा की गई।
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सीईओ ने कहा कि जीएमडीए जल्द ही आरडब्ल्यूए और डेवलपरों के साथ बैठक करेगा। इसमें एसटीपी लगाने और संचालन से जुड़े नियमों की जानकारी दी जाएगी। निर्धारित समय में एसटीपी चालू नहीं करने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जुर्माना लगाएगा और जीएमडीए सीवरेज कनेक्शन काटने की कार्रवाई करेगा।
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उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान कुछ सोसाइटियों से सीवरेज का पानी खुले में सड़कों पर छोड़े जाने से लोगों को परेशानी हुई और पर्यावरण भी प्रभावित हुआ। सोसाइटियों और डेवलपरों की जिम्मेदारी है कि वे शहर के पर्यावरण और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग करें।
41 परिसरों में एसटीपी बंद मिले
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि गुरुग्राम उत्तर में 175 और गुरुग्राम दक्षिण में 179 परिसरों में एसटीपी होना अनिवार्य है। उत्तर गुरुग्राम के 33 और दक्षिण गुरुग्राम के आठ परिसरों में एसटीपी चालू नहीं मिले। सभी को नोटिस जारी कर जुर्माना लगाया गया है। उत्तर गुरुग्राम में करीब 14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसमें से चार करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। पीसी मीणा ने निर्देश दिए कि जिन डेवलपरों पर जुर्माना बकाया है, उन्हें जुर्माना जमा करने तक उनके अन्य प्रोजेक्टों के लिए कंसेंट या अनुमति नहीं दी जाए।
15 परिसरों में होगी औचक जांच
सीईओ ने जीएमडीए के कार्यकारी अभियंताओं ईशान, विभोर और विक्रम को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ मिलकर एसटीपी संचालित होने का दावा करने वाले 15 परिसरों की औचक जांच करने के निर्देश दिए। जांच के दौरान शोधित पानी के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट सीधे सीईओ को भेजी जाएगी। एसटीपी के प्रदर्शन की बीओडी (बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड) के आधार पर रैंकिंग भी की जाएगी। इससे बेहतर और निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने वाले एसटीपी की पहचान की जा सकेगी। जीएमडीए के अपने एसटीपी से निकलने वाले शोधित पानी की भी नियमित जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। एसटीपी से निकलने वाले शोधित पानी का एक भी सैंपल निर्धारित मानकों पर फेल पाया गया तो संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।