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व्यक्तिगत सुनवाई के पहले दिन जिला अदालत में नहीं दिखा सामाजिक दायरा
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गुरुग्राम जिला अदालत में नोटरी के पास काउंटर पर लोगों की भीड़।
- फोटो : Gurgaon
गुरुग्राम। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सोमवार से जिला अदालत में व्यक्तिगत सुनवाई शुरू हो गई। सोमवार को पहले दिन अदालत परिसर में सामाजिक दायरे का पालन करना मुवक्किलों व कुछ अधिवक्ताओं ने जरूरी नहीं समझा। वे मास्क भी सही ढंग से नहीं लगाए हुए थे। परिसर में प्रवेश के लिए तापमान की जांच नहीं हुई। जिला अदालत में प्रवेश करने के दौरान किसी के भी हाथ व बैग सैनिटाइज नहीं कराए गए। हालांकि, कोर्ट रूम में प्रवेश के दौरान हाथों को सैनिटाइज कराया गया।
सोमवार को अदालत में व्यक्तिगत सुनवाई शुरू होते ही चहल-पहल अन्य दिनों की तुलना में दोगुना से भी अधिक हो गई। अधिवक्ता मामलों की तारीख पर अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। एक मामले में लोगों को कोर्ट रूम में प्रवेश नहीं दिया गया। हालांकि, अदालत में मामलों की सुनवाई सुचारू रूप से शुरू नहीं हो पाई। अधिवक्ताओं के मुताबिक, पहले दिन ज्यादातर मुवक्किल पहुंच नहीं पाए। ऐसे में ज्यादातर केसों में सुनवाई के लिए अगली तारीख मिल गई।
नोटरी के पास लगी रही भीड़
परिसर में स्टांप पेपर विक्रेता व नोटरी के पास भीड़ देखी गई। यहां लोगों ने सामाजिक दायरे को ही खत्म कर दिया। कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने मास्क लगाना भी जरूरी नहीं समझा।
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बार एसोसिएशन को दिए निर्देश
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डीएलएसए) सचिव एवं मुख्य दंडाधिकारी प्रदीप चौधरी ने बताया कि कोर्ट रूम में एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) पालन की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। सोमवार को व्यक्तिगत सुनवाई के पहले दिन जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए गए हैं कि एसओपी का पालन करने में कोई ढिलाई न बरती जाए। अदालत में व्यक्तिगत व वर्चुअल तरीके से सुनवाई की जा रही है।
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सोमवार को अदालत में व्यक्तिगत सुनवाई शुरू होते ही चहल-पहल अन्य दिनों की तुलना में दोगुना से भी अधिक हो गई। अधिवक्ता मामलों की तारीख पर अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। एक मामले में लोगों को कोर्ट रूम में प्रवेश नहीं दिया गया। हालांकि, अदालत में मामलों की सुनवाई सुचारू रूप से शुरू नहीं हो पाई। अधिवक्ताओं के मुताबिक, पहले दिन ज्यादातर मुवक्किल पहुंच नहीं पाए। ऐसे में ज्यादातर केसों में सुनवाई के लिए अगली तारीख मिल गई।
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नोटरी के पास लगी रही भीड़
परिसर में स्टांप पेपर विक्रेता व नोटरी के पास भीड़ देखी गई। यहां लोगों ने सामाजिक दायरे को ही खत्म कर दिया। कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने मास्क लगाना भी जरूरी नहीं समझा।
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बार एसोसिएशन को दिए निर्देश
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डीएलएसए) सचिव एवं मुख्य दंडाधिकारी प्रदीप चौधरी ने बताया कि कोर्ट रूम में एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) पालन की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। सोमवार को व्यक्तिगत सुनवाई के पहले दिन जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए गए हैं कि एसओपी का पालन करने में कोई ढिलाई न बरती जाए। अदालत में व्यक्तिगत व वर्चुअल तरीके से सुनवाई की जा रही है।