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स्लम एरिया के बच्चों को पढ़ने के लिए किया प्रेरित

Sat, 12 Jun 2021 06:36 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 12 Jun 2021 06:36 PM IST
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slum dwellers Motivated to read by giving books and pens
गुरुग्राम। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अधिकारियों ने रोटरी क्लब, साउथ सिटी के साथ मिलकर विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर सेक्टर-29 की झुग्गी झोपड़ी में रह रहे बच्चों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्हें स्टेशनरी, किताबें, पेन और पढ़ने लिखने की अन्य जरूरी सामग्री भी वितरित की गईं।
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जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ललिता पटवर्धन ने स्लम एरिया में रहने वाले बच्चों के माता-पिता को समझाया कि वे अपने बच्चों को पढ़ाएं और एक अच्छा नागरिक बनाएं। ग्रीवेंस कमेटी मेंबर और रोटेरियन रविंद्र जैन, अनिल आर्य ने बच्चों के माता-पिता से आश्वासन लिया कि वे उन्हें कभी मजदूरी के लिए नहीं भेजेंगे।
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दूसरी ओर, पेरा लीगल वॉलियंटर महेंद्र कुमार ने नवज्योति इंडिया फाउंडेशन की मदद से धुमसपुर गांव की झुग्गी झोपड़ियों में रह रहे बच्चों को कपड़े और मास्क भी बांटे।
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डालसा की सचिव ललिता पटवर्धन ने कहा कि बाल श्रम की सबसे बड़ी वजह ही गरीबी है। कई बच्चे ऐसे हैं जो दो वक्त की रोटी के लिए अपने अभिभावक के साथ काम करते हैं। जिस उम्र में बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलना-कूदना होता है, मजबूरी में उनको अपनी आजीविका के लिए माता-पिता के साथ काम करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण देश के कई राज्यों में लॉकडाउन की स्थिति के चलते कई लोगों की जिंदगी प्रभावित हुई। ऐसी स्थिति में बहुत से बच्चों को बाल श्रम की ओर धकेलने की संभावनाएं हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए कि वे अपने नौनिहालों को बाल मजदूरी की ओर न धकेलें।
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