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द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण का निरीक्षण करने पहुंचे केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी
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गुरुग्राम द्वारका एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे केंद्रीय सड़क परिवहन त?
- फोटो : Gurgaon
गुरुग्राम। द्वारका दिल्ली से खेड़कीदौला सिक्सलेन हाईवे निर्माण में लेटलतीफी को लेकर गुरुग्राम के सांसद एवं मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की शिकायत सही है या फिर नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एनएचएआई) के अधिकारियों की ओर से पेश की गई 50 फीसदी काम पूरा होने की रिपोर्ट। इसकी पड़ताल केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बस में बैठकर 45 मिनट तक की। मौके पर इस बारे में किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं की।
फरवरी में गुरुग्राम के सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से कहा था कि द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण में लापरवाही की जा रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए नितिन गडकरी बृहस्पतिवार की सुबह गुरुग्राम आए और इस एक्सप्रेसवे का लाव-लश्कर के साथ दौरा किया। इससे पहले अधिकारियों से इस रोड पर कराए गए काम की पांच मिनट तक जानकारी ली। करीब 45 मिनट तक इस रोड पर हो रहे निर्माण को बस में बैठकर देखा।
दिल्ली में शिव मूर्ति पर करीब दस मिनट तक रुके भी। बस में निरीक्षण के दौरान मंत्री को राव इंद्रजीत सिंह, गुरुग्राम के विधायक सुधीर सिंगला और दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी ने बीच-बीच में इस हाईवे के बारे में कुछ सुझाव भी दिए थे। वह इन सभी की बातें सुनते रहे लेकिन कोई टिप्पणी नहीं की। ऐसे में इस दौरे के बाद क्या होगा, मंत्री की ओर से क्या कार्रवाई होगी,
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इसको लेकर चर्चाएं हैं।
29 किलोमीटर है लंबाई
एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि 29 किलोमीटर लंबे द्वारका एक्सप्रेसवे का करीब 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसमें से 18.9 किलोमीटर लंबाई हरियाणा और 10.1 किलोमीटर लंबाई दिल्ली की सीमा में है। यह एक्सप्रेसवे खेड़कीदौला टोल प्लाजा के नजदीक से शुरू होकर दिल्ली सीमा में शिव मूर्ति के पास खत्म होगा। इसमें 23 किलोमीटर एलीवेटेड है। 4 किलोमीटर की दूरी में टनल का निर्माण होगा। ऐलीवेटेड भाग में 8 लेन का फ्लाईओवर सिंगल पिलर पर बनाया जा रहा है जोकि भारतदेश में अपनी तरह का पहला निर्माण है।
चार पैकेज में है निर्माण
9000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस एक्सप्रेसवे को चार पैकेज में पूरा किया जाना है। जिसमें एक पैकेज दिल्ली-जयपुर हाईवे से बसई-धनकोट आरओबी तक 8.76 किलोमीटर लंबाई का है। जिस पर 1859 करोड़ रुपये की लागत आएगी। दूसरा पैकेज बसई-धनकोट आरओबी से लेकर हरियाणा-दिल्ली सीमा तक लगभग 10.2 किलोमीटर लंबाई का है, जिस पर 2228 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन दोनों पैकेज का निर्माण इस वर्ष के अंत तक पूरा होने की संभावना हैै। तीसरा पैकेज हरियाणा-दिल्ली सीमा से बिजवासन में आरयूबी तक 4.20 किलोमीटर लंबाई का है। जिस पर 2068 करोड़ रुपये की लागत आएगी। चौथा पैकेज बिजवासन आरयूबी से शिव मूर्ति तक का 5.90 किलोमीटर लंबाई का है। जिस पर 2507 करोड़ रुपये की लागत आएगी। दिल्ली सीमा के दोनों पैकेज अगले वर्ष अंत तक पूरे होने का अनुमान है।
देश का पहला है अर्बन रोड टनल
इस एक्सप्रेसवे की आठ लेन फ्लाईओवर के अलावा 6 लेन की सर्विस लेन भी बनाई जा रही हैं। दोनों को मिलाकर कुल 14 लेन होंगी। इसके बनने पर गुरुग्राम से दिल्ली जानेे के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। वर्तमान दिल्ली-जयपुर हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
इस एक्सप्रेसवे पर गुरुग्राम में सीपीआर और एनपीआर के जंक्शन पर मेजर क्लोवर लीफ का निर्माण किया जाएगा। दिल्ली में द्वारका के पास इस एक्सप्रेसवे पर भारत का पहला चार लेवल का इंटरचेंज बनेगा। इसमें टनल अथवा अंडरपास, ग्रेड रोड, ऐलीवेटेड फ्लाईओवर तथा उस फ्लाईओवर से ऊपर एक और फ्लाईओवर बनेगा। इसके मार्ग में द्वारका के पास से एयरपोर्ट के लिए 3.6 किलोमीटर लंबाई की 8 लेन की टनल (सुरंग) बनाई जाएगी और यह अर्बन रोड टनल भारत में अपनी तरह की पहली होगी। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के रास्ते में आ रहे लगभग 12 हजार पेड़ ट्रांसप्लांट किए गए हैं। ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो और हरियाली बनी रहे। यह पूरा प्रोजेक्ट इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम से युक्त होगा। इस पर पूरी तरह से स्वचालित टोल सिस्टम होगा।
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फरवरी में गुरुग्राम के सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से कहा था कि द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण में लापरवाही की जा रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए नितिन गडकरी बृहस्पतिवार की सुबह गुरुग्राम आए और इस एक्सप्रेसवे का लाव-लश्कर के साथ दौरा किया। इससे पहले अधिकारियों से इस रोड पर कराए गए काम की पांच मिनट तक जानकारी ली। करीब 45 मिनट तक इस रोड पर हो रहे निर्माण को बस में बैठकर देखा।
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दिल्ली में शिव मूर्ति पर करीब दस मिनट तक रुके भी। बस में निरीक्षण के दौरान मंत्री को राव इंद्रजीत सिंह, गुरुग्राम के विधायक सुधीर सिंगला और दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी ने बीच-बीच में इस हाईवे के बारे में कुछ सुझाव भी दिए थे। वह इन सभी की बातें सुनते रहे लेकिन कोई टिप्पणी नहीं की। ऐसे में इस दौरे के बाद क्या होगा, मंत्री की ओर से क्या कार्रवाई होगी,
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29 किलोमीटर है लंबाई
एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि 29 किलोमीटर लंबे द्वारका एक्सप्रेसवे का करीब 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसमें से 18.9 किलोमीटर लंबाई हरियाणा और 10.1 किलोमीटर लंबाई दिल्ली की सीमा में है। यह एक्सप्रेसवे खेड़कीदौला टोल प्लाजा के नजदीक से शुरू होकर दिल्ली सीमा में शिव मूर्ति के पास खत्म होगा। इसमें 23 किलोमीटर एलीवेटेड है। 4 किलोमीटर की दूरी में टनल का निर्माण होगा। ऐलीवेटेड भाग में 8 लेन का फ्लाईओवर सिंगल पिलर पर बनाया जा रहा है जोकि भारतदेश में अपनी तरह का पहला निर्माण है।
चार पैकेज में है निर्माण
9000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस एक्सप्रेसवे को चार पैकेज में पूरा किया जाना है। जिसमें एक पैकेज दिल्ली-जयपुर हाईवे से बसई-धनकोट आरओबी तक 8.76 किलोमीटर लंबाई का है। जिस पर 1859 करोड़ रुपये की लागत आएगी। दूसरा पैकेज बसई-धनकोट आरओबी से लेकर हरियाणा-दिल्ली सीमा तक लगभग 10.2 किलोमीटर लंबाई का है, जिस पर 2228 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन दोनों पैकेज का निर्माण इस वर्ष के अंत तक पूरा होने की संभावना हैै। तीसरा पैकेज हरियाणा-दिल्ली सीमा से बिजवासन में आरयूबी तक 4.20 किलोमीटर लंबाई का है। जिस पर 2068 करोड़ रुपये की लागत आएगी। चौथा पैकेज बिजवासन आरयूबी से शिव मूर्ति तक का 5.90 किलोमीटर लंबाई का है। जिस पर 2507 करोड़ रुपये की लागत आएगी। दिल्ली सीमा के दोनों पैकेज अगले वर्ष अंत तक पूरे होने का अनुमान है।
देश का पहला है अर्बन रोड टनल
इस एक्सप्रेसवे की आठ लेन फ्लाईओवर के अलावा 6 लेन की सर्विस लेन भी बनाई जा रही हैं। दोनों को मिलाकर कुल 14 लेन होंगी। इसके बनने पर गुरुग्राम से दिल्ली जानेे के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। वर्तमान दिल्ली-जयपुर हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
इस एक्सप्रेसवे पर गुरुग्राम में सीपीआर और एनपीआर के जंक्शन पर मेजर क्लोवर लीफ का निर्माण किया जाएगा। दिल्ली में द्वारका के पास इस एक्सप्रेसवे पर भारत का पहला चार लेवल का इंटरचेंज बनेगा। इसमें टनल अथवा अंडरपास, ग्रेड रोड, ऐलीवेटेड फ्लाईओवर तथा उस फ्लाईओवर से ऊपर एक और फ्लाईओवर बनेगा। इसके मार्ग में द्वारका के पास से एयरपोर्ट के लिए 3.6 किलोमीटर लंबाई की 8 लेन की टनल (सुरंग) बनाई जाएगी और यह अर्बन रोड टनल भारत में अपनी तरह की पहली होगी। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के रास्ते में आ रहे लगभग 12 हजार पेड़ ट्रांसप्लांट किए गए हैं। ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो और हरियाली बनी रहे। यह पूरा प्रोजेक्ट इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम से युक्त होगा। इस पर पूरी तरह से स्वचालित टोल सिस्टम होगा।