{"_id":"5fff3ab88ebc3e30cf5838d7","slug":"sim-was-given-without-documents-for-one-thousand-rupees-arrested-gurgaon-news-noi559723521","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना दस्तावेज एक हजार रुपये में देता था सिम, गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना दस्तावेज एक हजार रुपये में देता था सिम, गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुग्राम। बिना दस्तावेज एक हजार रुपये में सिम बेचने वाले एक दुकानदार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने काबू किया है। सुशांत लोक थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के डीएसपी इंद्रजीत ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि गांव कन्हई (सेक्टर-44) मार्केट में एक दुकानदार बिना दस्तावेज लिए लोगों को सिम बेचता है। इसके लिए वह एक हजार रुपये लेता है। कई लोग उससे एयरटेल, रिलायंस जियो समेत अन्य कंपनी की सिम खरीद चुके हैं। इन मोबाइल सिम का उपयोग अपराध में किया जा सकता है। टीम ने बुधवार को छापा मारकर एक व्यक्ति को काबू किया। आरोपी की पहचान सुपौल बिहार निवासी विजय कुमार मंडल के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह चार साल से कन्हई में मिथिला कम्युनिकेशन के नाम से दुकान चला रहा था। अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि कंपनी सिम में मोबाइल नेटवर्क देने से पहले किस तरह से सत्यापन करते थे। डीएसपी ने बताया कि इससे पहले 22 अक्तूबर 2020 में सेक्टर-18 में बिना दस्तावेज सिम जारी करने का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने सात लोगों की आईडी पर 107 मोबाइल सिम जारी की गई थी।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के डीएसपी इंद्रजीत ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि गांव कन्हई (सेक्टर-44) मार्केट में एक दुकानदार बिना दस्तावेज लिए लोगों को सिम बेचता है। इसके लिए वह एक हजार रुपये लेता है। कई लोग उससे एयरटेल, रिलायंस जियो समेत अन्य कंपनी की सिम खरीद चुके हैं। इन मोबाइल सिम का उपयोग अपराध में किया जा सकता है। टीम ने बुधवार को छापा मारकर एक व्यक्ति को काबू किया। आरोपी की पहचान सुपौल बिहार निवासी विजय कुमार मंडल के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह चार साल से कन्हई में मिथिला कम्युनिकेशन के नाम से दुकान चला रहा था। अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि कंपनी सिम में मोबाइल नेटवर्क देने से पहले किस तरह से सत्यापन करते थे। डीएसपी ने बताया कि इससे पहले 22 अक्तूबर 2020 में सेक्टर-18 में बिना दस्तावेज सिम जारी करने का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने सात लोगों की आईडी पर 107 मोबाइल सिम जारी की गई थी।
विज्ञापन