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Gurugram News: सीवर शोधन संयंत्रों की सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी निगरानी

Fri, 19 Jul 2024 12:51 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jul 2024 12:51 AM IST
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Sewer treatment plants will be monitored through CCTV cameras
एसटीपी में आने वाले पानी और शोधित हुए पानी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी, जीएमडीए खर्च करेगा 1.89 करोड़ रुपये
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मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। सीवर शोधन संयंत्रों के संचालन में कर्मचारी लापरवाही नहीं बरत सकेंगे। इसके लिए दो सीवर शोधन संयंत्रों और एक सीईटीपी की ऑनलाइन सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। एसटीपी में आने वाले पानी और शोधित हुए पानी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया पर जीएमडीए करीब 1.89 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है। इस कार्य को छह माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की ओर से धनवापुर और बेहरामपुर में सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) का संचालन किया जा रहा है। धनवापुर एसटीपी की क्षमता 218 एमएलडी है, जबकि बेहरामपुर एसटीपी की क्षमता 170 एमएलडी है। अभी दोनों संयंत्रों में आने वाले गंदे (इनलेट) पानी और शोधित होकर निकलने वाले पानी (आउटलेट) और बिना शोधित पानी का पूरा रिकार्ड नहीं होता है। संयंत्रों में सुबह आने के सीवर के पानी के लिए फ्लो मीटर लगा है। दूसरा ट्रीट कर पानी छोड़ने की जांच की जाती है। वहीं, एनजीटी ने अब नया निर्देश जारी किया है। जिसके अनुसार एसटीपी में सुबह आने वाले सीवर के पानी का रिकार्ड और ट्रीट होने वाले पानी का रिकार्ड होना चाहिए। इसके अलावा इनलेट के पानी की गुणवत्ता और ट्रीट होने वाले पानी की गुणवत्ता की भी जांच होगी। जिससे यह पता चला सके कि किस स्तर का गंदा पानी आया और कितना फीसदी ट्रीट कर छोड़ा गया। ऐसे में जीएमडीए एनजीटी के निर्देशों के अनुसार अपने तीनों संयंत्रों में अतिरिक्त फ्लो मीटर, जांच उपकरण समेत अन्य मशीनें लगाने जा रहा है। इसके लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग डिवाइस भी लगाए जाएंगे।
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सीईटीपी में भी उपकरण लगेंगे

औद्योगिक इकाइयों के गंदे पानी को शोधित करने के लिए 15 एमएलडी का सीईटीपी (कॉमन इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट ) मानेसर में है। इसके इनलेट और आउटलेट में फ्लोमीटर और एनालाइजर लगाया जाएगा। इसमें औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले गंदे पानी की जांच की पूरी जानकारी हो सके। जीएमडीए अपशिष्ट गुणवत्ता निगरानी प्रणाली, परीक्षण, कमीशनिंग, संचालन और वार्षिक रखरखाव, डेटा कनेक्टिविटी और स्टेटिक आईपी कैमरा के साथ अल्ट्रासोनिक फ्लो मीटर लगाने जा रहा है। जिसमें एनवीआर, हार्ड डिस्क और एसटीपी बेहरामपुर और धनवापुर और सीईटीपी मानेसर में सीपीसीबी और एसपीसीबी सर्वर को डेटा ट्रांसफर किया जाएगा।
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ऑनलाइन सीसीटीवी कैमरों से तीन विभागों को होगी नजर
जीएमडीए धनवापुर और बेहरामपुर एसटीपी और मानेसर सीईटीपी में आईपी आधारित सीसीटीवी कैमरे लगवाने जा रहा है। इन कैमरों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जीएमडीए के कार्यालय से जोड़ा जाएगा। इन कैमरों की मदद से अधिकारी अपने कार्यालय से संयंत्रों की मशीनरी पर नजर रख सकेंगे। इसमें प्लांट के काम करने या नहीं करने समेत अन्य की निगरानी रखने के लिए अधिकारियों को संयंत्रों पर नहीं जाना होगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी अपने कार्यालय से भी पूरे प्रणाली पर निगरानी रख सकेंगे। जीएमडीए के अनुसार इसके लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग डिवाइस सिस्टम तीनों संयंत्रों पर लगाए जाएगे।


बीओडी स्तर 10 होना जरूरी

सीवर के पानी की बीओडी (बायोलॉजिकल ऑक्सीडेशन डिमांड) आमतौर पर 300 तक होती है। गंदे पानी को शोधित कर 10 तक लाना होता है। हालांकि यह संयंत्रों के शोधन पर निर्भर करता है। इसके बाद इसे नाले में डाल दिया जाता है। सीवर के शोधित पानी में दो बातों को देखा जाता है। पहला बीओडी और दूसरा सीओडी होता है। बीओडी ऑक्सीजन की मात्रा है जो एरोबिक स्थितियों के तहत कार्बनिक पदार्थों को विघटित करते हुए बैक्टीरिया द्वारा खपत होती है। सीओडी पानी में कुल कार्बनिक पदार्थों के रासायनिक ऑक्सीकरण के लिए आवश्यक ऑक्सीजन की मात्रा है। बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड जितनी ज्यादा होगी, पानी की ऑक्सीजन उतनी तेजी से खत्म होगी और बाकी जीवों पर उतना ही खराब असर पड़ेगा। आसपास के वातावरण पर विपरीत असर पड़ता है। पानी के संपर्क में आने से चर्म रोग होते हैं। हवा भी दूषित होती है।

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बेहरामपुर और धनवापुर एसटीपी और सीईटीपी मानेसर में एनजीटी के निर्देशों के अनुसार अतिरिक्त मशीनरी लगाई जाएगी। जिससे इन संयंत्रों पर संबंधित विभाग ऑनलाइन नजर रख सकेंगे। इसके अलावा इनलेट और आउटलेट पर अल्ट्रासोनिक फ्लो मीटर लगेंगे। इस पर जीएमडीए करीब 1.89 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है।
प्रवीन कुमार, कार्यकारी अभियंता जीएमडीए
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