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Gurugram News: स्कूलों की सुधरेगी सूरत, 20 जून से जांच शुरू
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खामियां मिलने पर स्कूल मुखिया के खिलाफ होगा कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले के सरकारी स्कूलों में साफ सफाई और मूलभूत सुविधाओं को लेकर शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। विभाग ने सभी स्कूलों को 20 जून तक शौचालयों और पेयजल टंकियों की सफाई व जरूरी मरम्मत कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद स्कूलों का विशेष निरीक्षण कराया जाएगा। वहीं, जांच में खामियां मिलने पर स्कूल मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विभाग की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्येक स्कूल मुखिया उपलब्ध फंड का उपयोग करते हुए स्कूल परिसर को व्यवस्थित रखें। शौचालयों की नियमित सफाई, पेयजल टंकियों की स्वच्छता और खराब पड़ी सुविधाओं की मरम्मत को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है। विभाग का मानना है कि विद्यार्थियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना स्कूल प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
जानकारी के अनुसार, 20 जून के बाद गठित विशेष टीमें स्कूलों का निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण के दौरान शौचालयों की स्थिति, पेयजल व्यवस्था, परिसर की स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की जांच की जाएगी। यदि किसी स्कूल में गंदगी या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित स्कूल मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। विभाग चाहता है कि स्कूल खुलने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त हों, ताकि विद्यार्थियों को सुविधाजनक वातावरण मिल सकें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले के सरकारी स्कूलों में साफ सफाई और मूलभूत सुविधाओं को लेकर शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। विभाग ने सभी स्कूलों को 20 जून तक शौचालयों और पेयजल टंकियों की सफाई व जरूरी मरम्मत कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद स्कूलों का विशेष निरीक्षण कराया जाएगा। वहीं, जांच में खामियां मिलने पर स्कूल मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विभाग की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्येक स्कूल मुखिया उपलब्ध फंड का उपयोग करते हुए स्कूल परिसर को व्यवस्थित रखें। शौचालयों की नियमित सफाई, पेयजल टंकियों की स्वच्छता और खराब पड़ी सुविधाओं की मरम्मत को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है। विभाग का मानना है कि विद्यार्थियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना स्कूल प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
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जानकारी के अनुसार, 20 जून के बाद गठित विशेष टीमें स्कूलों का निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण के दौरान शौचालयों की स्थिति, पेयजल व्यवस्था, परिसर की स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की जांच की जाएगी। यदि किसी स्कूल में गंदगी या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित स्कूल मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। विभाग चाहता है कि स्कूल खुलने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त हों, ताकि विद्यार्थियों को सुविधाजनक वातावरण मिल सकें।