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Gurugram News: ''''सेफ सिटी'''' पायलट प्रोजेक्ट करेगा महिलाओं की सुरक्षा
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फोटो नंबर 01
-पहले चरण में रोहतक और गुरुग्राम में पुलिस विभाग चलाएगा सेफ सिटी कैंपेन
-आईजी कार्यालय में पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने की पत्रकार वार्ता
-बोले, समस्याओं के समाधान के लिए शिकायतों की समय पर सुनवाई हो
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। महिला सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग की ओर से सेफ सिटी कैंपेन चलाया जाएगा। रोहतक व गुरुग्राम में यह पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाया जाएगा। सफल होने पर प्रदेश के अन्य शहरों में भी इसे लागू किया जाएगा। इसके तहत इन दो शहरों में महिला सुरक्षा बेहतर बनाई जाएगी। जन साधारण की समस्याओं के समाधान के लिए शिकायतों की समय पर सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी। पीड़ित से सात दिन बाद फीडबैक भी लिया जाएगा। यह कहना है पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर का। वह बुधवार को आईजी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
डीजी ने कहा कि महिला सुरक्षा के प्रोजेक्ट के तहत ऑटो, टैक्सी व अन्य परिवहन के साधनों में उन्हें सुरक्षित माहौल मुहैया कराने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए ऑटो, टैक्सी चालकों व अन्य के साथ मिलकर काम किया जाएगा। एमडीयू, आईआईएम व अन्य शिक्षण संस्थानों के बाहर पुलिस की उपस्थिति बढ़ाई जाएगी। शहर के साथ गांवों में भी महिला सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। सीसीटीवी लगाकर इन जगहों को सुरक्षित किया जाएगा। बगैर किसी कारण इधर-उधर खड़े रहने वाले युवाओं के ग्रुप हटाने का भी प्रयास किया जाएगा। महिला सुरक्षा व ग्रीवेंस सिस्टम के अलावा लोगों की शिकायतों के निवारण के लिए एक ग्रुप बनाया गया है। इसमें पूर्व कर्मचारियों को वालंटियर बनाया गया है। यह ग्रुप विशेषज्ञों के साथ मिलकर पुलिस थाने या चौकी में नहीं सुलझने वाले मामलों में आपसी तालमेल से समाधान कराएगा। वहीं विदेश से गिरोह चलाने वाले गैंगस्टर सुरक्षा एजेंसी की नजर में हैं।
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तैनात रहेंगी आरएएफ की दो कंपनियां
प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत बनाने के लिए एडवांस रैपिड एक्शन फोर्स बनाई जा रही है। प्रत्येक जिले में आरएएफ की दो-दो कंपनियां तैनात की जाएंगी। इन्हें उपकरण भी उसी स्तर के दिए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर यह कंपनियां व्यवस्था संभालेंगीं। पुलिस जांच व अपराध के मामलों को लेकर एसटीएफ, सीआईए व अन्य यूनिट को और बेहतर बनाया जाएगा। यहां कर्मचारियों की संख्या दो गुणा करने के साथ प्रशिक्षण व उपकरण भी दिए जाएंगे।
पुलिस कर्मियों को दिया जाएगा साप्ताहिक अवकाश
पुलिस विभाग कर्मचारियों के कल्याण पर भी काम करेगा। इसमें साप्ताहिक अवकाश देकर कर्मचारी को परिवार के लिए समय देने की व्यवस्था बनाई जाएगी। कच्चे कर्मचारियों के बच्चों के रोजगार, कौशल विकास पर ध्यान दिया जाएगा। पुलिस कर्मचारियों के बच्चे या अन्य के नशे में लिप्त होने पर उनका नशा छुड़ाने का प्रयास किया जाएगा। नशे के बढ़ते कदम रोकने के लिए ग्राम प्रहरी अहम योगदान करेंगे। यह गांव व शहरों में ड्रग्स पर नकेल कसेंगे। ड्रग बेचने वालों की पहचान करने के साथ उन पर नजर रखेंगे। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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फोटो नंबर 01
-पहले चरण में रोहतक और गुरुग्राम में पुलिस विभाग चलाएगा सेफ सिटी कैंपेन
-आईजी कार्यालय में पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने की पत्रकार वार्ता
-बोले, समस्याओं के समाधान के लिए शिकायतों की समय पर सुनवाई हो
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। महिला सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग की ओर से सेफ सिटी कैंपेन चलाया जाएगा। रोहतक व गुरुग्राम में यह पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाया जाएगा। सफल होने पर प्रदेश के अन्य शहरों में भी इसे लागू किया जाएगा। इसके तहत इन दो शहरों में महिला सुरक्षा बेहतर बनाई जाएगी। जन साधारण की समस्याओं के समाधान के लिए शिकायतों की समय पर सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी। पीड़ित से सात दिन बाद फीडबैक भी लिया जाएगा। यह कहना है पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर का। वह बुधवार को आईजी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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डीजी ने कहा कि महिला सुरक्षा के प्रोजेक्ट के तहत ऑटो, टैक्सी व अन्य परिवहन के साधनों में उन्हें सुरक्षित माहौल मुहैया कराने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए ऑटो, टैक्सी चालकों व अन्य के साथ मिलकर काम किया जाएगा। एमडीयू, आईआईएम व अन्य शिक्षण संस्थानों के बाहर पुलिस की उपस्थिति बढ़ाई जाएगी। शहर के साथ गांवों में भी महिला सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। सीसीटीवी लगाकर इन जगहों को सुरक्षित किया जाएगा। बगैर किसी कारण इधर-उधर खड़े रहने वाले युवाओं के ग्रुप हटाने का भी प्रयास किया जाएगा। महिला सुरक्षा व ग्रीवेंस सिस्टम के अलावा लोगों की शिकायतों के निवारण के लिए एक ग्रुप बनाया गया है। इसमें पूर्व कर्मचारियों को वालंटियर बनाया गया है। यह ग्रुप विशेषज्ञों के साथ मिलकर पुलिस थाने या चौकी में नहीं सुलझने वाले मामलों में आपसी तालमेल से समाधान कराएगा। वहीं विदेश से गिरोह चलाने वाले गैंगस्टर सुरक्षा एजेंसी की नजर में हैं।
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तैनात रहेंगी आरएएफ की दो कंपनियां
प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत बनाने के लिए एडवांस रैपिड एक्शन फोर्स बनाई जा रही है। प्रत्येक जिले में आरएएफ की दो-दो कंपनियां तैनात की जाएंगी। इन्हें उपकरण भी उसी स्तर के दिए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर यह कंपनियां व्यवस्था संभालेंगीं। पुलिस जांच व अपराध के मामलों को लेकर एसटीएफ, सीआईए व अन्य यूनिट को और बेहतर बनाया जाएगा। यहां कर्मचारियों की संख्या दो गुणा करने के साथ प्रशिक्षण व उपकरण भी दिए जाएंगे।
पुलिस कर्मियों को दिया जाएगा साप्ताहिक अवकाश
पुलिस विभाग कर्मचारियों के कल्याण पर भी काम करेगा। इसमें साप्ताहिक अवकाश देकर कर्मचारी को परिवार के लिए समय देने की व्यवस्था बनाई जाएगी। कच्चे कर्मचारियों के बच्चों के रोजगार, कौशल विकास पर ध्यान दिया जाएगा। पुलिस कर्मचारियों के बच्चे या अन्य के नशे में लिप्त होने पर उनका नशा छुड़ाने का प्रयास किया जाएगा। नशे के बढ़ते कदम रोकने के लिए ग्राम प्रहरी अहम योगदान करेंगे। यह गांव व शहरों में ड्रग्स पर नकेल कसेंगे। ड्रग बेचने वालों की पहचान करने के साथ उन पर नजर रखेंगे। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।