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Gurugram News: पहला यू-गर्डर स्थापित, गुरुग्राम मेट्रो पकड़ेगी रफ्तार
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मेट्रो निर्माण के दौरान यू गर्डर रखने से पहले पूजा करते मंत्री राव नरबीव सिंह । स्त्रोत- विज्ञ
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राव नरबीर सिंह ने पूजन कर शुरू कराया काम, निर्माण के महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर गई परियोजना
नंबर गेम- 160 टन का है यू-गर्डर
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रो परियोजना शुक्रवार देर रात निर्माण के महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर गई। परियोजना के तहत 160 टन वजनी पहला यू-गर्डर साइबर पार्क के नजदीक पिलर P2/26-P2/27 पर हाइड्रोलिक क्रेन की मदद से सफलतापूर्वक लिफ्ट कर स्थापित किया गया। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने विधिवत पूजन कर यू-गर्डर लिफ्टिंग प्रक्रिया का शुभारंभ किया।
यू-गर्डर को निर्धारित स्थान पर स्थापित करने के दौरान तकनीकी मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया। इसके साथ ही मेट्रो परियोजना का निर्माण कार्य जमीनी स्तर पर एक नए चरण में पहुंच गया है। राव नरबीर सिंह ने कहा कि पहले यू-गर्डर की लिफ्टिंग गुरुग्राम की बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का उद्देश्य शहर में आधुनिक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की गई
160 टन के यू-गर्डर को कास्टिंग यार्ड से निर्माण स्थल तक पहुंचाने के लिए करीब 40 मीटर लंबे मल्टी-एक्सल ट्रेलर और पुलर असेंबली का इस्तेमाल किया गया। इसके परिवहन और लिफ्टिंग के लिए रूट प्लानिंग, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की गई। निर्माण स्थल पर इसे 400 और 600 टन क्षमता वाली हाइड्रोलिक क्रेनों की मदद से उठाकर पिलर के ऊपर स्थापित किया गया। इस मौके पर जीएमआरएल के निदेशक (परियोजना एवं योजना) एसआर सांगवा, निदेशक (रोलिंग स्टॉक एवं इलेक्ट्रिकल) राजेश चतुर्वेदी, निदेशक (वित्त) रजत वर्मा, चीफ आर्किटेक्ट नम्रता कलसी, डीजीएम मधुर गोयल, निगम पार्षद कुलदीप यादव सहित निर्माण एजेंसी के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और कर्मचारी मौजूद रहे।
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1600 से अधिक यू-गर्डर लगाए जाएंगे
परियोजना के तहत 1600 से अधिक यू-गर्डर लगाए जाने की योजना है। इनका निर्माण सेक्टर-33 स्थित जीएमआरएल के प्रीकास्ट यार्ड में किया जा रहा है। जीएमआरएल के अधिकारियों के अनुसार, पहले यू-गर्डर का सफल इंस्टॉलेशन अधिकारियों, जनरल कंसल्टेंट, डिजाइनरों और निर्माण एजेंसी की टीम के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम है। नया संगठन होने के बावजूद जीएमआरएल ने कम समय में परियोजना के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया है। कंपनी की ओर से निर्माण में सुरक्षा, गुणवत्ता और इंजीनियरिंग मानकों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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नंबर गेम- 160 टन का है यू-गर्डर
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रो परियोजना शुक्रवार देर रात निर्माण के महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर गई। परियोजना के तहत 160 टन वजनी पहला यू-गर्डर साइबर पार्क के नजदीक पिलर P2/26-P2/27 पर हाइड्रोलिक क्रेन की मदद से सफलतापूर्वक लिफ्ट कर स्थापित किया गया। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने विधिवत पूजन कर यू-गर्डर लिफ्टिंग प्रक्रिया का शुभारंभ किया।
यू-गर्डर को निर्धारित स्थान पर स्थापित करने के दौरान तकनीकी मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया। इसके साथ ही मेट्रो परियोजना का निर्माण कार्य जमीनी स्तर पर एक नए चरण में पहुंच गया है। राव नरबीर सिंह ने कहा कि पहले यू-गर्डर की लिफ्टिंग गुरुग्राम की बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का उद्देश्य शहर में आधुनिक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
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यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की गई
160 टन के यू-गर्डर को कास्टिंग यार्ड से निर्माण स्थल तक पहुंचाने के लिए करीब 40 मीटर लंबे मल्टी-एक्सल ट्रेलर और पुलर असेंबली का इस्तेमाल किया गया। इसके परिवहन और लिफ्टिंग के लिए रूट प्लानिंग, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की गई। निर्माण स्थल पर इसे 400 और 600 टन क्षमता वाली हाइड्रोलिक क्रेनों की मदद से उठाकर पिलर के ऊपर स्थापित किया गया। इस मौके पर जीएमआरएल के निदेशक (परियोजना एवं योजना) एसआर सांगवा, निदेशक (रोलिंग स्टॉक एवं इलेक्ट्रिकल) राजेश चतुर्वेदी, निदेशक (वित्त) रजत वर्मा, चीफ आर्किटेक्ट नम्रता कलसी, डीजीएम मधुर गोयल, निगम पार्षद कुलदीप यादव सहित निर्माण एजेंसी के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और कर्मचारी मौजूद रहे।
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1600 से अधिक यू-गर्डर लगाए जाएंगे
परियोजना के तहत 1600 से अधिक यू-गर्डर लगाए जाने की योजना है। इनका निर्माण सेक्टर-33 स्थित जीएमआरएल के प्रीकास्ट यार्ड में किया जा रहा है। जीएमआरएल के अधिकारियों के अनुसार, पहले यू-गर्डर का सफल इंस्टॉलेशन अधिकारियों, जनरल कंसल्टेंट, डिजाइनरों और निर्माण एजेंसी की टीम के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम है। नया संगठन होने के बावजूद जीएमआरएल ने कम समय में परियोजना के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया है। कंपनी की ओर से निर्माण में सुरक्षा, गुणवत्ता और इंजीनियरिंग मानकों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मेट्रो निर्माण के दौरान यू गर्डर रखने से पहले पूजा करते मंत्री राव नरबीव सिंह । स्त्रोत- विज्ञ