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Gurugram News: ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का फूटा गुस्सा
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विरोध प्रदर्शन करते ग्रामीण सफाई कर्मचारी। संवाद
-सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए फूंका सीएम का पुतला
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। हरियाणा में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का आक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है। लंबित मांगों को लेकर ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा की फिरोजपुर झिरका इकाई ने बृहस्पतिवार को जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और पंचायत मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गुस्साए कर्मचारियों ने अंबेडकर सर्किल पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर अपना विरोध जताया। आंदोलन को नगर पालिका शहरी सफाई कर्मचारी यूनियन फिरोजपुर झिरका का भी समर्थन मिला। यूनियन के ब्लॉक प्रधान मुकेश अपने साथियों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए और सरकार से कर्मचारियों की मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की।
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से सरकार ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की लगातार अनदेखी कर रही है। कई बार ज्ञापन देने और पत्र लिखने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा 24 नवंबर 2024 को ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के लिए 26 हजार रुपये मासिक वेतन की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया।
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कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 31 दिसंबर 2025 के आदेश के बावजूद 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया। उनका कहना है कि वर्षों से गांवों की सफाई व्यवस्था संभालने के बावजूद उन्हें अस्थायी कर्मचारियों की तरह काम करना पड़ रहा है। दोपहर करीब 12 बजे कर्मचारियों ने केनरा बैंक वाली गली से विरोध यात्रा निकाली, जो जलेबी चौक, सी.से. स्कूल मार्ग और लाल कुआं होते हुए अंबेडकर सर्किल तक पहुंची। पूरे रास्ते सरकार विरोधी नारे लगाए गए।
यूनियन ने 18 सूत्रीय मांगपत्र में कर्मचारियों को नियमित करने, 26 हजार रुपये वेतन लागू करने, महंगाई भत्ता जोड़ने, हर साल 3 प्रतिशत वेतन वृद्धि, ईपीएफ-ईएसआई सीमा बढ़ाने और मृतक कर्मचारी के परिवार को नौकरी देने जैसी मांगें उठाईं। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को प्रदेशभर में व्यापक रूप दिया जाएगा।
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फिरोजपुर झिरका। हरियाणा में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का आक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है। लंबित मांगों को लेकर ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा की फिरोजपुर झिरका इकाई ने बृहस्पतिवार को जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और पंचायत मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गुस्साए कर्मचारियों ने अंबेडकर सर्किल पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर अपना विरोध जताया। आंदोलन को नगर पालिका शहरी सफाई कर्मचारी यूनियन फिरोजपुर झिरका का भी समर्थन मिला। यूनियन के ब्लॉक प्रधान मुकेश अपने साथियों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए और सरकार से कर्मचारियों की मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की।
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यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से सरकार ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की लगातार अनदेखी कर रही है। कई बार ज्ञापन देने और पत्र लिखने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा 24 नवंबर 2024 को ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के लिए 26 हजार रुपये मासिक वेतन की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया।
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कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 31 दिसंबर 2025 के आदेश के बावजूद 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया। उनका कहना है कि वर्षों से गांवों की सफाई व्यवस्था संभालने के बावजूद उन्हें अस्थायी कर्मचारियों की तरह काम करना पड़ रहा है। दोपहर करीब 12 बजे कर्मचारियों ने केनरा बैंक वाली गली से विरोध यात्रा निकाली, जो जलेबी चौक, सी.से. स्कूल मार्ग और लाल कुआं होते हुए अंबेडकर सर्किल तक पहुंची। पूरे रास्ते सरकार विरोधी नारे लगाए गए।
यूनियन ने 18 सूत्रीय मांगपत्र में कर्मचारियों को नियमित करने, 26 हजार रुपये वेतन लागू करने, महंगाई भत्ता जोड़ने, हर साल 3 प्रतिशत वेतन वृद्धि, ईपीएफ-ईएसआई सीमा बढ़ाने और मृतक कर्मचारी के परिवार को नौकरी देने जैसी मांगें उठाईं। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को प्रदेशभर में व्यापक रूप दिया जाएगा।