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Gurugram News: सड़क हादसों की होगी वैज्ञानिक तरीके से जांच, 60 अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण
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प्रशिक्षण में जांच अधिकारियों को घटनास्थल की गहनता से मुआयना करने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पुलिस जांच अधिकारी सड़क हादसे की वैज्ञानिक तरीके से जांच करने में सक्षम होंगे। वैज्ञानिक तरीके से जांच करने पर सड़क हादसे के असल कारणों का पता किया जाएगा। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि यह हादसा है या साजिश का हिस्सा। ट्रैफिक टावर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन(आईआरटीई) में बुधवार को कुल 60 अधिकारियों को वैज्ञानिक दुर्घटना जांच के लिए प्रशिक्षण दिया गया।
सहायक पुलिस आयुक्त यातायात मुख्यालय सत्यपाल यादव ने सेव लाइफ फाउंडेशन के साथ मिलकर 10 जोनल अधिकारी और 50 जांच अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में बताया गया कि जांच अधिकारी घटनास्थल की गहनता से मुआयना करें। घटनास्थल के पास हादसे से जुड़े साक्ष्य को एकत्रित करें। दुर्घटना में घायल हुए व्यक्ति को किस तरीके से अस्पताल पहुंचाया जाए, जिससे उसको कम से कम दर्द हो और खून का रिसाव कम हो सकें।
घटनास्थल वाली सड़क की स्थिति, दुर्घटना के दौरान वाहनों की गति और उनकी स्थिति के साथ ही चालक द्वारा सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया गया या नहीं। जांच अधिकारी घटनास्थल का मुआयना करना इसलिए जरूरी है कि ताकि जिन कारणों से दुर्घटना हुई है उनका कारण वह ही है या कोई और कारण तो नहीं छुपाया जा रहा है। हादसों का कारण पता कर वहां पर वह बदलाव किए जाएंगे, जिससे भविष्य में उन सड़क पर दोबारा हादसे न हो। जांच अधिकारी को सड़क हादसे की जांच के दौरान रात के समय में रिफ्लेक्टर जैकेट, कैमरा, मापने का फीता, स्प्रे पेंट-चाक, डिस्पोजेबल मास्क, डिस्पोजेबल दस्ताने का इस्तेमाल जरूर करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पुलिस जांच अधिकारी सड़क हादसे की वैज्ञानिक तरीके से जांच करने में सक्षम होंगे। वैज्ञानिक तरीके से जांच करने पर सड़क हादसे के असल कारणों का पता किया जाएगा। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि यह हादसा है या साजिश का हिस्सा। ट्रैफिक टावर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन(आईआरटीई) में बुधवार को कुल 60 अधिकारियों को वैज्ञानिक दुर्घटना जांच के लिए प्रशिक्षण दिया गया।
सहायक पुलिस आयुक्त यातायात मुख्यालय सत्यपाल यादव ने सेव लाइफ फाउंडेशन के साथ मिलकर 10 जोनल अधिकारी और 50 जांच अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में बताया गया कि जांच अधिकारी घटनास्थल की गहनता से मुआयना करें। घटनास्थल के पास हादसे से जुड़े साक्ष्य को एकत्रित करें। दुर्घटना में घायल हुए व्यक्ति को किस तरीके से अस्पताल पहुंचाया जाए, जिससे उसको कम से कम दर्द हो और खून का रिसाव कम हो सकें।
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घटनास्थल वाली सड़क की स्थिति, दुर्घटना के दौरान वाहनों की गति और उनकी स्थिति के साथ ही चालक द्वारा सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया गया या नहीं। जांच अधिकारी घटनास्थल का मुआयना करना इसलिए जरूरी है कि ताकि जिन कारणों से दुर्घटना हुई है उनका कारण वह ही है या कोई और कारण तो नहीं छुपाया जा रहा है। हादसों का कारण पता कर वहां पर वह बदलाव किए जाएंगे, जिससे भविष्य में उन सड़क पर दोबारा हादसे न हो। जांच अधिकारी को सड़क हादसे की जांच के दौरान रात के समय में रिफ्लेक्टर जैकेट, कैमरा, मापने का फीता, स्प्रे पेंट-चाक, डिस्पोजेबल मास्क, डिस्पोजेबल दस्ताने का इस्तेमाल जरूर करें।
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