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Gurugram News: चिंटेल्स पैराडाइसो के निवासियों को मिलेगा किराया, हर 11 माह में बढ़ेगी राशि
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बिल्डर प्रभावितों को 15 रुपये प्रति स्क्वॉयर फुट के हिसाब से देगा किराया
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम।
सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के प्रभावित फ्लैट धारकों को दिए जाने वाले किराए की राशि तय कर दी गई है। बिल्डर प्रभावितों को 15 रुपये प्रति स्क्वेयर फुट के हिसाब से राशि देगा। वहीं हर 11 महीने में दस फीसदी की किराए में बढ़ोतरी की जाएगी।
मंडलायुक्त की ओर से इस संबंध में जिला योजनाकार विभाग को आदेश दिए गए हैं। बिल्डर द्वारा निवासियों को 15 रुपये प्रति स्क्वॉयर फुट के हिसाब से राशि दी जाएगी। इसके अलावा हर 11 महीने में 10 प्रतिशत के हिसाब से राशि में इजाफा करने के भी आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा फ्लैट निर्माण के बाद पीड़ितों के दोबारा शिफ्ट होने का खर्चा भी बिल्डर द्वारा ही वहन किया जाएगा। चिंटेल्स सोसाइटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राकेश हुड्डा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से बिल्डर को डिमोलिशन और पुनर्निर्माण के दौरान निवासियों को राशि देने के आदेश दिए गए। निवासियों की ओर से 18 से 20 रुपये प्रति स्क्वेयर फुट राशि रखने की मांग की गई, लेकिन 15 रुपये प्रति स्क्वेयर फुट राशि रखी गई। उन्होंने बताया कि ऐसे में फ्लैट के अनुसार 27 हजार से लेकर 45 हजार रुपये प्रति माह रेंट लोगों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन से आग्रह है कि 18-20 रुपये प्रति स्वॉयर के हिसाब से पैसे मिले। उनका कहना है कि लोग जल्द इस बारे में प्रशासन से मिलेंगे। चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी आरडब्ल्यूए के प्रधान राकेश हुड्डा ने बताया कि चिंटेल्स के असुरक्षित टावरों में डी, ई, एफ, जी और एच को तोड़ा जाना है। इन टावरों के लोगों को किराया मिलेगा। इसके अलावा जे टावर में रह रहे लोगों को भी खाली करने के लिए कहा गया है। इसे भी बिल्डर द्वारा तोड़ा जाना है। बता दें कि बीते वर्ष 10 फरवरी को टावर डी में हुए हादसे में दो महिलाओं की जान चली गई थी। उसके बाद आईआईटी दिल्ली की टीम को टावरों के संरचनात्मक ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद इन टावरों को तोड़ा जा रहा है।
फ्लैट तोड़ने का काम जारी
चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के असुरक्षित टावरों को तोड़ा जा रहा है। तोड़फोड़ की कार्रवाई पर सात विभागों की टीमें नजर रख रही हैं। इससे पहले टावरों से खिड़की, दरवाजे, प्लॉस्टिक की पाइप समेत अन्य सामानों को निकाला जा रहा है। चिंटेल्स इंडिया के उपाध्यक्ष जेएन यादव ने बताया कि असुरक्षित टावरों को तोड़ने के लिए एडिफिस कंपनी को काम दिया गया है। उनका कहना है कि फ्लैटों में लगी खिड़कियों, पाइप, दरवाजे, फायर सिस्टम समेत अन्य सामानों को निकाला गया। जिन टावरों में ये सभी सामान निकाले जा चुके हैं, अब उन्हें तोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। कंपनी से टीमों की संख्या बढ़ाने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि कंपनी मैनुअल तरीके से टावरों को तोड़ेगी। कंपनी के अनुसार इस कार्य में आठ माह तक का समय लग सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम।
सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के प्रभावित फ्लैट धारकों को दिए जाने वाले किराए की राशि तय कर दी गई है। बिल्डर प्रभावितों को 15 रुपये प्रति स्क्वेयर फुट के हिसाब से राशि देगा। वहीं हर 11 महीने में दस फीसदी की किराए में बढ़ोतरी की जाएगी।
मंडलायुक्त की ओर से इस संबंध में जिला योजनाकार विभाग को आदेश दिए गए हैं। बिल्डर द्वारा निवासियों को 15 रुपये प्रति स्क्वॉयर फुट के हिसाब से राशि दी जाएगी। इसके अलावा हर 11 महीने में 10 प्रतिशत के हिसाब से राशि में इजाफा करने के भी आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा फ्लैट निर्माण के बाद पीड़ितों के दोबारा शिफ्ट होने का खर्चा भी बिल्डर द्वारा ही वहन किया जाएगा। चिंटेल्स सोसाइटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राकेश हुड्डा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से बिल्डर को डिमोलिशन और पुनर्निर्माण के दौरान निवासियों को राशि देने के आदेश दिए गए। निवासियों की ओर से 18 से 20 रुपये प्रति स्क्वेयर फुट राशि रखने की मांग की गई, लेकिन 15 रुपये प्रति स्क्वेयर फुट राशि रखी गई। उन्होंने बताया कि ऐसे में फ्लैट के अनुसार 27 हजार से लेकर 45 हजार रुपये प्रति माह रेंट लोगों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन से आग्रह है कि 18-20 रुपये प्रति स्वॉयर के हिसाब से पैसे मिले। उनका कहना है कि लोग जल्द इस बारे में प्रशासन से मिलेंगे। चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी आरडब्ल्यूए के प्रधान राकेश हुड्डा ने बताया कि चिंटेल्स के असुरक्षित टावरों में डी, ई, एफ, जी और एच को तोड़ा जाना है। इन टावरों के लोगों को किराया मिलेगा। इसके अलावा जे टावर में रह रहे लोगों को भी खाली करने के लिए कहा गया है। इसे भी बिल्डर द्वारा तोड़ा जाना है। बता दें कि बीते वर्ष 10 फरवरी को टावर डी में हुए हादसे में दो महिलाओं की जान चली गई थी। उसके बाद आईआईटी दिल्ली की टीम को टावरों के संरचनात्मक ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद इन टावरों को तोड़ा जा रहा है।
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फ्लैट तोड़ने का काम जारी
चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के असुरक्षित टावरों को तोड़ा जा रहा है। तोड़फोड़ की कार्रवाई पर सात विभागों की टीमें नजर रख रही हैं। इससे पहले टावरों से खिड़की, दरवाजे, प्लॉस्टिक की पाइप समेत अन्य सामानों को निकाला जा रहा है। चिंटेल्स इंडिया के उपाध्यक्ष जेएन यादव ने बताया कि असुरक्षित टावरों को तोड़ने के लिए एडिफिस कंपनी को काम दिया गया है। उनका कहना है कि फ्लैटों में लगी खिड़कियों, पाइप, दरवाजे, फायर सिस्टम समेत अन्य सामानों को निकाला गया। जिन टावरों में ये सभी सामान निकाले जा चुके हैं, अब उन्हें तोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। कंपनी से टीमों की संख्या बढ़ाने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि कंपनी मैनुअल तरीके से टावरों को तोड़ेगी। कंपनी के अनुसार इस कार्य में आठ माह तक का समय लग सकता है।
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