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कंपनी पर एफआईआर और ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति
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गुरुग्राम। मलबा निस्तारण करने वाली कंपनी आईएल एंड एफएस के खिलाफ मेयर मधु आजाद ने सख्त कदम उठाते हुए निगमायुक्त मुकेश कुमार आहूजा को कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। मेयर ने पत्र में कानूनी प्रक्रिया के तहत मामला दर्ज कराने, कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने व नगर निगम के साथ हुए करार को रद्द करने के साथ ही वित्तीय घाटे की भरपाई के लिए कंपनी से धनराशि की वसूली करने की बात कही है।
पत्र के मुताबिक भविष्य में की जाने वाली सभी अदायगी पर रोक लगाते हुए कंपनियों की बैंक गारंटी को भी जब्त करने की संस्तुति की गई है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद भी निगम की तरफ से कंपनियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, यह अब तक साफ नहीं हो सका है। वहीं, नगर निगम आयुक्त इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। उनकी तरफ से दो दिन बाद भी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई हैं।
20 वर्ष का हुआ है करार
मलबा निस्तारण करने के लिए निगम ने आईएल एंड एफएस कंपनी के साथ 20 वर्ष का करार किया हुआ है। इकरारनामे में यह साफ तौर पर लिखा है कि कंपनी अपने कार्य को किसी अन्य एजेंसी के साथ साझा नहीं कर सकती, बावजूद इसके कंपनी ने नियमों को ताक पर रख मलबा निस्तारण कार्य को अन्य कंपनियों के साथ साझा किया। मलबा निस्तारण में बड़ा गड़बड़झाला सामने आने पर 30 जुलाई को मेयर मधु आजाद ने आनन-फानन में इस पूरे मामले की जांच संयुक्त आयुक्त-1 प्रदीप अहलावत को सौंप दी थी। संयुक्त आयुक्त ने सोमवार को इसकी जांच रिपोर्ट निगमायुक्त मुकेश कुमार आहूजा और मेयर मधु आजाद को सौंपी थी।
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जांच में कंपनी द्वारा निगम को गुमराह करने के व तमाम गड़बड़ियों की बात सामने आई है। इसके आधार पर ही निगमायुक्त को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। नगर निगम में इस तरह की अनियमितताएं कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में दोषी पाई गई कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को भी पत्र लिखा जाएगा।
- मधु आजाद, मेयर गुरुग्राम
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पत्र के मुताबिक भविष्य में की जाने वाली सभी अदायगी पर रोक लगाते हुए कंपनियों की बैंक गारंटी को भी जब्त करने की संस्तुति की गई है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद भी निगम की तरफ से कंपनियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, यह अब तक साफ नहीं हो सका है। वहीं, नगर निगम आयुक्त इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। उनकी तरफ से दो दिन बाद भी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई हैं।
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20 वर्ष का हुआ है करार
मलबा निस्तारण करने के लिए निगम ने आईएल एंड एफएस कंपनी के साथ 20 वर्ष का करार किया हुआ है। इकरारनामे में यह साफ तौर पर लिखा है कि कंपनी अपने कार्य को किसी अन्य एजेंसी के साथ साझा नहीं कर सकती, बावजूद इसके कंपनी ने नियमों को ताक पर रख मलबा निस्तारण कार्य को अन्य कंपनियों के साथ साझा किया। मलबा निस्तारण में बड़ा गड़बड़झाला सामने आने पर 30 जुलाई को मेयर मधु आजाद ने आनन-फानन में इस पूरे मामले की जांच संयुक्त आयुक्त-1 प्रदीप अहलावत को सौंप दी थी। संयुक्त आयुक्त ने सोमवार को इसकी जांच रिपोर्ट निगमायुक्त मुकेश कुमार आहूजा और मेयर मधु आजाद को सौंपी थी।
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जांच में कंपनी द्वारा निगम को गुमराह करने के व तमाम गड़बड़ियों की बात सामने आई है। इसके आधार पर ही निगमायुक्त को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। नगर निगम में इस तरह की अनियमितताएं कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में दोषी पाई गई कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को भी पत्र लिखा जाएगा।
- मधु आजाद, मेयर गुरुग्राम