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Gurugram News: उपमंडल की मिली सौगात, मानेसर में बढ़ेंगी सुविधाएं...विकास पकड़ेगा रफ्तार
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जल्द ही एसडीएम की स्थायी नियुक्ति होगी, छोटे-छोटे काम के लिए 20 किमी की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में मानेसर को उपमंडल बनाने को मंजूरी दी गई
संजय शिशौदिया
गुरुग्राम। निकाय चुनाव से पहले मनोहर सरकार ने गुरुग्राम जिले को एक नए उपमंडल की सौगात दे दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मानेसर को उपमंडल बनाने को मंजूरी दी गई।
इसके साथ ही अब जल्द ही यहां एसडीएम की स्थायी नियुक्ति हो जाएगी। इसके बाद मानेसर के लाखों लोगों को छोटे-छोटे काम के लिए गुरुग्राम या पटौदी तक 18 से 20 किमी की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस घोषणा का उद्योग जगत से लेकर स्थानीय वासियों ने स्वागत किया है। वहीं राजनीति गलियारों में इसको चुनावी एलान भी कहा जा रहा है।
उपमंडल बनने के बाद मानेसर के लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए गुरुग्राम या पटौदी तक का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। एसडीएम के माध्यम से मानेसर में ही उनके ऐसे सभी कार्यों को निपटा दिया जाएगा। अभी तक गुरुग्राम में ही किसी एसडीएम के पास मानेसर की अतिरिक्त जिम्मेदारी रहती थी। अब वहां जल्द ही नए एसडीएम की तैनाती शासन द्वारा कर दी जाएगी।
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लाइसेंस से लेकर वाहन पंजीकरण तक सभी की सुविधा
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर वाहन पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस तक के सभी काम मानेसर में ही हो जाएंगे। जल्द ही मानेसर में नगर निगम का चुनाव होना है और भाजपा किसी भी कीमत पर इस औद्योगिक शहर में अपनी पकड़ ढीली नहीं करना चाहती है इसलिए सही समय पर इसको उपमंडल बनाने का फैसला सरकार ने लिया है।
तेजी से विकास करता मानेसर
1-20 किमी के बड़े दायरे में बसा है मानेसर, लगातार बढ़ रहा है इलाका।
2-दिल्ली-जयपुर हाईवे, केएमपी और द्वारका एक्सप्रेसवे से सटा है इलाका।
3-2200 औद्योगिक इकाइयां, जिसमें मारुति स्विफ्ट का सबसे बड़ा प्लांट।
4-मारुति के साथ होंडा की बड़ी उत्पादन यूनिट, अन्य कई बड़ी इकाइयां।
5-तीन लाख कर्मचारी इन इकाइयों में कार्यरत, दो लाख वहीं पर रह रहे।
6-एक लाख कर्मचारी रोजाना आसपास के शहरों से पहुंचते हैं मानेसर।
7-मानेसर की कुल आबादी लगभग छह लाख के करीब हो चुकी है।
8-मानेसर तहसील और मानेसर नगर निगम 2020 में बनाया गया है।
9-एनएसजी का पहला प्रशिक्षण केंद्र मानेसर में ही संचालित हो रहा।
10-राष्ट्रीय बम डाटा केंद्र, राष्ट्रीय मस्तिष्क अनुसंधान केंद्र भी यहां है।
उपमंडल पर ये होंगी सुविधाएं
1-वाहन रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन फिटनेस सेंटर आदि मानेसर में ही बनेगा।
2-वाहनों के नंबरों की एक नई सीरीज बनेगी, जिससे मानेसर का वाहन नंबर अलग होगा।
3-मूल निवास, जन्म, आय, जाति सहित अन्य प्रमाण पत्र बनवाने की सुविधा मिलेगी।
4-पंचायत और तहसील के राजस्व विवाद अब वहीं पर निपट जाएंगे।
5-जमीनों के अधिग्रहण से लेकर अन्य मामलों में एसडीएम बेहतर निगरानी कर सकेंगे।
6-एसडीएम के स्तर से होने वाले सभी काम अब मानेसर में ही हो जाएंगे।
हरियाणा के औद्योगिक विकास का स्थल है मानेसर
हरियाणा के औद्योगिक विकास का आकलन करें तो गुरुग्राम के साथ मानेसर ने बहुत तेजी से विकास किया है। खेड़कीदौला टोल प्लाजा से पटौदी तक फैले मानेसर में मारुति, होंडा, मित्सुबिशी, टोयोटा जैसे कई विश्वस्तरीय ब्रांड का बड़ा औद्योगिक उत्पादन हो रहा है। इन बड़ी इकाइयों के कारण सैकड़ों छोटी इकाइयां भी संचालित हो रही हैं। इनमें लगभग तीन लाख से अधिक लोग कार्यरत हैं। वर्तमान में यहां की आबादी लगभग छह लाख के करीब है।
मानेसर का पौराणिक महत्व
मानेसर का नाम हिंदू पौराणिक कथाओं में उल्लेखित है। संस्कृत से अनुवाद किए जाने पर मानेसर का अर्थ मस्तिष्क का देवता या भगवान शिव की भूमि होता है। पूर्व में ये एक हजार घरों वाला गांव था। 1990 के दशक के बाद ये तेजी से उन्नति करने वाले शहर में बदल गया जहां कई विश्वस्तरीय नामचीन ब्रांड की उत्पादन इकाइयां संचालित हैं।
एयरपोर्ट और हाईवे से बढ़ा विकास
मानेसर की नई दिल्ली एयरपोर्ट से दूरी मात्र 32 किलोमीटर है। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर मात्र 40 मिनट सफर तय करके मानेसर तक पहुंचा जा सकता है। कुंडली-मानेसर-पलवल हाईवे और नया बना द्वारका एक्सप्रेसवे भी इसके पास ही गुजर रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे मानेसर से लगभग 32 किमी की दूरी पर है।
6 नए गांव होंगे शामिल
मानेसर नगर निगम में 29 गांवों को मिलाकर कुल 30 वार्ड हैं। अब उपमंडल बनने के बाद इसमें पटौदी उपमंडल के करीब 6 गांव शामिल हो जाएंगे। तहसील और नगर निगम बनने के बाद अब उपमंडल बनने से मानेसर का विकास और तेज गति से आगे बढ़ेगा। लोगों को एसडीएम कार्यालय से मिलने वाली सभी सुविधाएं यहां पर मिलेंगी।
मानेसर उपमंडल बनने से पूरे इलाके में विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी। स्थानीय लोगों के बहुत से काम वहीं पर हो जाएंगे। इलाके में कानून व्यवस्था और बेहतर ढंग से संचालित होगी। मानेसर में औद्योगिक विकास भी रफ्तार पकड़ेगा।
- निशांत कुमार यादव, उपायुक्त
मानेसर को उपमंडल बनाए जाने के लिए काफी समय से प्रयास किए जा रहे थे। स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री तक यह मामला पहुंचाया गया। अब मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनता को उपमंडल का तोहफा दिया है।
- सत्यप्रकाश जरावता, विधायक, भाजपा
मानेसर उपमंडल लोगों की समस्याओं के निदान में सहायक होगा। लोगों की मांग को देखते हुए प्रदेश सरकार ने इसे पूरा करने का काम किया है। मानेसर के पास प्रदेश सरकार ग्लोबल सिटी बसाने पर भी विचार कर रही है। इस दिशा में भी उपमंडल उपयोगी साबित होगा।
- राव इंद्रजीत, केंद्रीय मंत्री
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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में मानेसर को उपमंडल बनाने को मंजूरी दी गई
संजय शिशौदिया
गुरुग्राम। निकाय चुनाव से पहले मनोहर सरकार ने गुरुग्राम जिले को एक नए उपमंडल की सौगात दे दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मानेसर को उपमंडल बनाने को मंजूरी दी गई।
इसके साथ ही अब जल्द ही यहां एसडीएम की स्थायी नियुक्ति हो जाएगी। इसके बाद मानेसर के लाखों लोगों को छोटे-छोटे काम के लिए गुरुग्राम या पटौदी तक 18 से 20 किमी की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस घोषणा का उद्योग जगत से लेकर स्थानीय वासियों ने स्वागत किया है। वहीं राजनीति गलियारों में इसको चुनावी एलान भी कहा जा रहा है।
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उपमंडल बनने के बाद मानेसर के लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए गुरुग्राम या पटौदी तक का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। एसडीएम के माध्यम से मानेसर में ही उनके ऐसे सभी कार्यों को निपटा दिया जाएगा। अभी तक गुरुग्राम में ही किसी एसडीएम के पास मानेसर की अतिरिक्त जिम्मेदारी रहती थी। अब वहां जल्द ही नए एसडीएम की तैनाती शासन द्वारा कर दी जाएगी।
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लाइसेंस से लेकर वाहन पंजीकरण तक सभी की सुविधा
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर वाहन पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस तक के सभी काम मानेसर में ही हो जाएंगे। जल्द ही मानेसर में नगर निगम का चुनाव होना है और भाजपा किसी भी कीमत पर इस औद्योगिक शहर में अपनी पकड़ ढीली नहीं करना चाहती है इसलिए सही समय पर इसको उपमंडल बनाने का फैसला सरकार ने लिया है।
तेजी से विकास करता मानेसर
1-20 किमी के बड़े दायरे में बसा है मानेसर, लगातार बढ़ रहा है इलाका।
2-दिल्ली-जयपुर हाईवे, केएमपी और द्वारका एक्सप्रेसवे से सटा है इलाका।
3-2200 औद्योगिक इकाइयां, जिसमें मारुति स्विफ्ट का सबसे बड़ा प्लांट।
4-मारुति के साथ होंडा की बड़ी उत्पादन यूनिट, अन्य कई बड़ी इकाइयां।
5-तीन लाख कर्मचारी इन इकाइयों में कार्यरत, दो लाख वहीं पर रह रहे।
6-एक लाख कर्मचारी रोजाना आसपास के शहरों से पहुंचते हैं मानेसर।
7-मानेसर की कुल आबादी लगभग छह लाख के करीब हो चुकी है।
8-मानेसर तहसील और मानेसर नगर निगम 2020 में बनाया गया है।
9-एनएसजी का पहला प्रशिक्षण केंद्र मानेसर में ही संचालित हो रहा।
10-राष्ट्रीय बम डाटा केंद्र, राष्ट्रीय मस्तिष्क अनुसंधान केंद्र भी यहां है।
उपमंडल पर ये होंगी सुविधाएं
1-वाहन रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन फिटनेस सेंटर आदि मानेसर में ही बनेगा।
2-वाहनों के नंबरों की एक नई सीरीज बनेगी, जिससे मानेसर का वाहन नंबर अलग होगा।
3-मूल निवास, जन्म, आय, जाति सहित अन्य प्रमाण पत्र बनवाने की सुविधा मिलेगी।
4-पंचायत और तहसील के राजस्व विवाद अब वहीं पर निपट जाएंगे।
5-जमीनों के अधिग्रहण से लेकर अन्य मामलों में एसडीएम बेहतर निगरानी कर सकेंगे।
6-एसडीएम के स्तर से होने वाले सभी काम अब मानेसर में ही हो जाएंगे।
हरियाणा के औद्योगिक विकास का स्थल है मानेसर
हरियाणा के औद्योगिक विकास का आकलन करें तो गुरुग्राम के साथ मानेसर ने बहुत तेजी से विकास किया है। खेड़कीदौला टोल प्लाजा से पटौदी तक फैले मानेसर में मारुति, होंडा, मित्सुबिशी, टोयोटा जैसे कई विश्वस्तरीय ब्रांड का बड़ा औद्योगिक उत्पादन हो रहा है। इन बड़ी इकाइयों के कारण सैकड़ों छोटी इकाइयां भी संचालित हो रही हैं। इनमें लगभग तीन लाख से अधिक लोग कार्यरत हैं। वर्तमान में यहां की आबादी लगभग छह लाख के करीब है।
मानेसर का पौराणिक महत्व
मानेसर का नाम हिंदू पौराणिक कथाओं में उल्लेखित है। संस्कृत से अनुवाद किए जाने पर मानेसर का अर्थ मस्तिष्क का देवता या भगवान शिव की भूमि होता है। पूर्व में ये एक हजार घरों वाला गांव था। 1990 के दशक के बाद ये तेजी से उन्नति करने वाले शहर में बदल गया जहां कई विश्वस्तरीय नामचीन ब्रांड की उत्पादन इकाइयां संचालित हैं।
एयरपोर्ट और हाईवे से बढ़ा विकास
मानेसर की नई दिल्ली एयरपोर्ट से दूरी मात्र 32 किलोमीटर है। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर मात्र 40 मिनट सफर तय करके मानेसर तक पहुंचा जा सकता है। कुंडली-मानेसर-पलवल हाईवे और नया बना द्वारका एक्सप्रेसवे भी इसके पास ही गुजर रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे मानेसर से लगभग 32 किमी की दूरी पर है।
6 नए गांव होंगे शामिल
मानेसर नगर निगम में 29 गांवों को मिलाकर कुल 30 वार्ड हैं। अब उपमंडल बनने के बाद इसमें पटौदी उपमंडल के करीब 6 गांव शामिल हो जाएंगे। तहसील और नगर निगम बनने के बाद अब उपमंडल बनने से मानेसर का विकास और तेज गति से आगे बढ़ेगा। लोगों को एसडीएम कार्यालय से मिलने वाली सभी सुविधाएं यहां पर मिलेंगी।
मानेसर उपमंडल बनने से पूरे इलाके में विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी। स्थानीय लोगों के बहुत से काम वहीं पर हो जाएंगे। इलाके में कानून व्यवस्था और बेहतर ढंग से संचालित होगी। मानेसर में औद्योगिक विकास भी रफ्तार पकड़ेगा।
- निशांत कुमार यादव, उपायुक्त
मानेसर को उपमंडल बनाए जाने के लिए काफी समय से प्रयास किए जा रहे थे। स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री तक यह मामला पहुंचाया गया। अब मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनता को उपमंडल का तोहफा दिया है।
- सत्यप्रकाश जरावता, विधायक, भाजपा
मानेसर उपमंडल लोगों की समस्याओं के निदान में सहायक होगा। लोगों की मांग को देखते हुए प्रदेश सरकार ने इसे पूरा करने का काम किया है। मानेसर के पास प्रदेश सरकार ग्लोबल सिटी बसाने पर भी विचार कर रही है। इस दिशा में भी उपमंडल उपयोगी साबित होगा।
- राव इंद्रजीत, केंद्रीय मंत्री