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Gurugram News: ओल्ड गुरुग्राम में बरसाती पानी की निकासी होगी बेहतर, लेग-2 की क्षमता बढ़ेगी
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अशोक विहार से भीमगढ़ खेड़ी गांव तक नए सिरे से बनवाया जाएगा
नाले की चौड़ाई को छह मीटर से बढ़ाकर नौ मीटर किया जाएगा
मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। शहर में बरसाती पानी के प्रमुख नालों में शामिल लेग-2 को अशोक विहार से भीमगढ़ खेड़ी गांव तक नए सिरे से बनवाया जाएगा। नाले की चौड़ाई छह मीटर से बढ़ाकर नौ मीटर करने की योजना है। साथ ही नाले को ऊपर से ढका जाएगा। इससे लोगों को आवागमन में भी सुविधा मिलेगी। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण करीब 1.4 किलोमीटर मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन के निर्माण पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन (एसडब्ल्यूडी) लेग-2 सुपर मार्ट सेक्टर 27 से शुरू होता है और नजफगढ़ ड्रेन में मिलता है। यह नाला सेक्टर 29/41, एनएच-48, अतुल कटारिया चौक, शीतला माता रोड, अशोक विहार, रेलवे कल्वर्ट नंबर 50, गांव धरमपुर और सेक्टर 107 सहित महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्रों को पार करता है। जीएमडीए के अनुसार लेग-2 अशोक विहार में छोटे हिस्से को छोड़कर ढका हुआ है। करीब 1.4 किमी नाला ईंटों से बना है और पिछले कुछ वर्षों में ईंट की चिनाई कमजोर हो गई हैं। नाले और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से शहरीकरण ने मानसून के मौसम में पानी के बहाव को काफी बढ़ा दिया है। गुरुग्राम के विधायक ने इस नाले को मजबूत करने का मुद्दा उठाया था क्योंकि यह आबादी वाले क्षेत्र से होकर गुजरता है। इसके अलावा नाले के जद में श्मशान घाट भी आ रहा है जिसे नगर निगम द्वारा स्थानांतरित किया जाना है। नाला खुला होने से आसपास के लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। जीएमडीए की योजना है कि छह मीटर चौड़े नाले को जगह के अनुसार नौ मीटर कर दिया जाए। इसके साथ ही नाले को कवर कर दिया जाएगा। इससे लोगों को आने जाने में सुविधा होगी।
जीएमडीए के मुख्य अभियंता इंफा-2 आरएस जांगड़ा ने बताया कि प्रोजेक्ट का एस्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जीएमडीए बोर्ड बैठक से इसे मंजूरी मिली हुई है। नाले को नए सिरे से बनाया जाएगा। इससे पानी निकासी की क्षमता बढ़ आएगी।
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अरावली का पानी जाता है नजफगढ़ नाले में
अरावली पहाड़ी से नजफगढ़ नाले की ओर क्षेत्र की प्राकृतिक ढलान है। गुरुग्राम शहर वर्षा जल निकासी नेटवर्क 7 खंडों और 3 मास्टर वर्षा जल नालों में विभाजित है। तीन मास्टर नालों में लेग-1, लेग-2 और लेग-3I (बादशाहपुर ड्रेन) है। बादशाहपुर ड्रेन दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर साइबर पार्क, सेक्टर 29 और खांडसा गांव के पास स्थित मास्टर ड्रेन के लिए तीन पुलिया हैं। पानी दिल्ली-जयपुर रेलवे लाइन पर तीन पुलियों के माध्यम से नजफगढ़ ड्रेन में चला जाता है। बादशाहपुर ड्रेन का वर्षा जल निपटान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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नाले की चौड़ाई को छह मीटर से बढ़ाकर नौ मीटर किया जाएगा
मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। शहर में बरसाती पानी के प्रमुख नालों में शामिल लेग-2 को अशोक विहार से भीमगढ़ खेड़ी गांव तक नए सिरे से बनवाया जाएगा। नाले की चौड़ाई छह मीटर से बढ़ाकर नौ मीटर करने की योजना है। साथ ही नाले को ऊपर से ढका जाएगा। इससे लोगों को आवागमन में भी सुविधा मिलेगी। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण करीब 1.4 किलोमीटर मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन के निर्माण पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन (एसडब्ल्यूडी) लेग-2 सुपर मार्ट सेक्टर 27 से शुरू होता है और नजफगढ़ ड्रेन में मिलता है। यह नाला सेक्टर 29/41, एनएच-48, अतुल कटारिया चौक, शीतला माता रोड, अशोक विहार, रेलवे कल्वर्ट नंबर 50, गांव धरमपुर और सेक्टर 107 सहित महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्रों को पार करता है। जीएमडीए के अनुसार लेग-2 अशोक विहार में छोटे हिस्से को छोड़कर ढका हुआ है। करीब 1.4 किमी नाला ईंटों से बना है और पिछले कुछ वर्षों में ईंट की चिनाई कमजोर हो गई हैं। नाले और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से शहरीकरण ने मानसून के मौसम में पानी के बहाव को काफी बढ़ा दिया है। गुरुग्राम के विधायक ने इस नाले को मजबूत करने का मुद्दा उठाया था क्योंकि यह आबादी वाले क्षेत्र से होकर गुजरता है। इसके अलावा नाले के जद में श्मशान घाट भी आ रहा है जिसे नगर निगम द्वारा स्थानांतरित किया जाना है। नाला खुला होने से आसपास के लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। जीएमडीए की योजना है कि छह मीटर चौड़े नाले को जगह के अनुसार नौ मीटर कर दिया जाए। इसके साथ ही नाले को कवर कर दिया जाएगा। इससे लोगों को आने जाने में सुविधा होगी।
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जीएमडीए के मुख्य अभियंता इंफा-2 आरएस जांगड़ा ने बताया कि प्रोजेक्ट का एस्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जीएमडीए बोर्ड बैठक से इसे मंजूरी मिली हुई है। नाले को नए सिरे से बनाया जाएगा। इससे पानी निकासी की क्षमता बढ़ आएगी।
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अरावली का पानी जाता है नजफगढ़ नाले में
अरावली पहाड़ी से नजफगढ़ नाले की ओर क्षेत्र की प्राकृतिक ढलान है। गुरुग्राम शहर वर्षा जल निकासी नेटवर्क 7 खंडों और 3 मास्टर वर्षा जल नालों में विभाजित है। तीन मास्टर नालों में लेग-1, लेग-2 और लेग-3I (बादशाहपुर ड्रेन) है। बादशाहपुर ड्रेन दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर साइबर पार्क, सेक्टर 29 और खांडसा गांव के पास स्थित मास्टर ड्रेन के लिए तीन पुलिया हैं। पानी दिल्ली-जयपुर रेलवे लाइन पर तीन पुलियों के माध्यम से नजफगढ़ ड्रेन में चला जाता है। बादशाहपुर ड्रेन का वर्षा जल निपटान अत्यंत महत्वपूर्ण है।