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Gurugram News: फर्जीवाड़े के आरोपी की तलाश में छापेमारी
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अवैध रजिस्ट्री मामले में आरोपी जेटीओ को पकड़ने के लिए के एंटी करप्शन ब्यूरो ने बिछाया जाल
सदर बाजार की ओर आखरी बार देखा गया था बेटे के साथ
अवैध निर्माण को वैध बनाने के लिए कागजों में प्लाट दिखाकर लोगों से वसूलता था मोटी रकम
अमर उजाला ब्यूरो
गरुग्राम। जिस रजिस्ट्री को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो में घमाशान मचा हुआ है। उसे अंजाम देने में नगर निगम के जेटीओ का अहम हाथ है। एंटी करप्शन ब्यूरो फर्जीवाड़े के आरोपी की तलाश में छापामारी कर रही है। उसके कारनामों की चर्चा प्रशासनिक कार्यालय में जोरों पर है।
विभाग की ओर से उसके पास रहे इलाकों से संबंधित फाइल भी खंगाली जा रही है। कुछ फाइल तो गायब हैं। एसीबी की टीम ने उसके मोबाइल लोकेशन के हिसाब से फुटेज खंगाला है। जिसमें वह अपने बेटे के साथ सदर बाजार की ओर आखिरी बार देखा गया था।
नगर निगम में जिस अवैध भवन पर सीलिंग का नाम आता था उस भवन को प्लाट में बदल कर प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराता था। एक फ्लोर की छत के हिसाब से घूस की रकम तय होती थी। कागजों में हेरफेर करना उसके लिए आम बात थी। अगर मौके पर प्लाट दिखाया है तो टैक्स कम बनता है और भवन दिखाने पर राजस्व अधिक भरना पड़ता।
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जुगाड़ के चलते जेटीओ के चार्ज पर था दिनेश
एसीबी की छानबीन में पता चला है कि आरोपी दिनेश नगर निगम में टैक्स सुपरिटेंडेंट के पद पर तैनात था। अपने रसूक के चलते जेटीओ के चार्ज में रहता था। पूरी नौकरी अलग-अलग जोन में कर रखी है। इससे वह नगर निगम के सभी वैध व अवैध काम की जानकारी रखता था।
एसीबी ने आरोपियों को दबोचने के लिए बिछाया जाल
अवैध रजिस्ट्री के बारे में गिरफ्तार तहसीलदार दर्पण कंबोज से हुई पूछताछ के बाद हुए खुलासे की जांच कर रही एसीबी ने नगर निगम के आरोपियों को दबोचने के लिए जाल बिछा रखा है। इसके लिए अलग-अलग तीन टीम बनाई गई हैं। जो कमिश्नरेट की पुलिस के भी संपर्क में है।
वर्जन
राजस्व घोटाले की जांच में आरोपी पाए जाने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया गया है। उनको दबोचने के लिए अलग-अलग तीन टीम काम कर रही है।
चन्द्रमोहन, प्रभारी एंटी करप्शन ब्यूरो, गुरुग्राम।
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सदर बाजार की ओर आखरी बार देखा गया था बेटे के साथ
अवैध निर्माण को वैध बनाने के लिए कागजों में प्लाट दिखाकर लोगों से वसूलता था मोटी रकम
अमर उजाला ब्यूरो
गरुग्राम। जिस रजिस्ट्री को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो में घमाशान मचा हुआ है। उसे अंजाम देने में नगर निगम के जेटीओ का अहम हाथ है। एंटी करप्शन ब्यूरो फर्जीवाड़े के आरोपी की तलाश में छापामारी कर रही है। उसके कारनामों की चर्चा प्रशासनिक कार्यालय में जोरों पर है।
विभाग की ओर से उसके पास रहे इलाकों से संबंधित फाइल भी खंगाली जा रही है। कुछ फाइल तो गायब हैं। एसीबी की टीम ने उसके मोबाइल लोकेशन के हिसाब से फुटेज खंगाला है। जिसमें वह अपने बेटे के साथ सदर बाजार की ओर आखिरी बार देखा गया था।
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नगर निगम में जिस अवैध भवन पर सीलिंग का नाम आता था उस भवन को प्लाट में बदल कर प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराता था। एक फ्लोर की छत के हिसाब से घूस की रकम तय होती थी। कागजों में हेरफेर करना उसके लिए आम बात थी। अगर मौके पर प्लाट दिखाया है तो टैक्स कम बनता है और भवन दिखाने पर राजस्व अधिक भरना पड़ता।
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जुगाड़ के चलते जेटीओ के चार्ज पर था दिनेश
एसीबी की छानबीन में पता चला है कि आरोपी दिनेश नगर निगम में टैक्स सुपरिटेंडेंट के पद पर तैनात था। अपने रसूक के चलते जेटीओ के चार्ज में रहता था। पूरी नौकरी अलग-अलग जोन में कर रखी है। इससे वह नगर निगम के सभी वैध व अवैध काम की जानकारी रखता था।
एसीबी ने आरोपियों को दबोचने के लिए बिछाया जाल
अवैध रजिस्ट्री के बारे में गिरफ्तार तहसीलदार दर्पण कंबोज से हुई पूछताछ के बाद हुए खुलासे की जांच कर रही एसीबी ने नगर निगम के आरोपियों को दबोचने के लिए जाल बिछा रखा है। इसके लिए अलग-अलग तीन टीम बनाई गई हैं। जो कमिश्नरेट की पुलिस के भी संपर्क में है।
वर्जन
राजस्व घोटाले की जांच में आरोपी पाए जाने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया गया है। उनको दबोचने के लिए अलग-अलग तीन टीम काम कर रही है।
चन्द्रमोहन, प्रभारी एंटी करप्शन ब्यूरो, गुरुग्राम।