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Gurugram News: अलग-अलग नाम से पासपोर्ट बनवाने के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
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सोहना सिटी थाने में दर्ज हुई है प्राथमिकी, मामले की स्पेशल टास्क फोर्स कर रही जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए पासपोर्ट मामले की पोल खुल जाने पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप व बेचैनी व्याप्त है। मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठने लगे हैं। पुलिस ने आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है लेकिन मामले में शामिल आपराधिक लोग अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कार्य की जिम्मेदारी स्पेशल टास्क फोर्स को सौंपी गई है।
विदित है कि क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय नई दिल्ली द्वारा हरियाणा पुलिस मुख्यालय पंचकूला को भेजे गए पत्र में बताया गया कि पासपोर्ट आवेदन की जांच के दौरान एक नाबालिग द्वारा अलग-अलग नाम और पहचान पत्र के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का मामला सामने आया है। इसके अलावा उसके माता पिता ने भी अलग-अलग नाम से पासपोर्ट बनवाए थे। पासपोर्ट कार्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मेल द्वारा डीजीपी हरियाणा को अवगत कराया था। इसको लेकर गत 23 मई 2026 को सोहना सिटी थाना में धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों का उपयोग व आपराधिक षड्यंत्र आदि से संबंधित धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए पासपोर्ट मामले में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगने लगे हैं। पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया के दौरान पुलिस द्वारा पासपोर्ट आवेदक के दस्तावेजों की गहनता से जांच की जाती है व पुलिस दो नामचीन व्यक्तियों की तसदीक भी कराती है। तत्पश्चात अपनी रिपोर्ट संबंधित विभाग को प्रेषित करती है। वहीं, मामले में पुलिस अधिकारियों, एजेंट व गिरोह की संलिप्तता जांच के घेरे में है।
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मामला काफी गंभीर है, जिसकी जांच स्पेशल टास्क फोर्स के जिम्मे है। जांच में जो भी दोषी पाया गया उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -रविन्द्र सिंह, थाना प्रभारी, सोहना सिटी
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए पासपोर्ट मामले की पोल खुल जाने पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप व बेचैनी व्याप्त है। मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठने लगे हैं। पुलिस ने आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है लेकिन मामले में शामिल आपराधिक लोग अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कार्य की जिम्मेदारी स्पेशल टास्क फोर्स को सौंपी गई है।
विदित है कि क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय नई दिल्ली द्वारा हरियाणा पुलिस मुख्यालय पंचकूला को भेजे गए पत्र में बताया गया कि पासपोर्ट आवेदन की जांच के दौरान एक नाबालिग द्वारा अलग-अलग नाम और पहचान पत्र के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का मामला सामने आया है। इसके अलावा उसके माता पिता ने भी अलग-अलग नाम से पासपोर्ट बनवाए थे। पासपोर्ट कार्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मेल द्वारा डीजीपी हरियाणा को अवगत कराया था। इसको लेकर गत 23 मई 2026 को सोहना सिटी थाना में धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों का उपयोग व आपराधिक षड्यंत्र आदि से संबंधित धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है।
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पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए पासपोर्ट मामले में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगने लगे हैं। पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया के दौरान पुलिस द्वारा पासपोर्ट आवेदक के दस्तावेजों की गहनता से जांच की जाती है व पुलिस दो नामचीन व्यक्तियों की तसदीक भी कराती है। तत्पश्चात अपनी रिपोर्ट संबंधित विभाग को प्रेषित करती है। वहीं, मामले में पुलिस अधिकारियों, एजेंट व गिरोह की संलिप्तता जांच के घेरे में है।
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मामला काफी गंभीर है, जिसकी जांच स्पेशल टास्क फोर्स के जिम्मे है। जांच में जो भी दोषी पाया गया उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -रविन्द्र सिंह, थाना प्रभारी, सोहना सिटी