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जनता के टैक्स का सही इस्तेमाल हो : प्रवीन यादव
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34 शौचालयों की देखरेख अब निगम कर्मचारी करेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। मानेसर नगर निगम ने 34 सार्वजनिक शौचालयों की देखरेख करने वाली एजेंसी का काम बंद कर दिया है। नगर निगम की टीम ने इन शौचालयों का निरीक्षण किया था। जांच में सफाई और रखरखाव का काम ठीक नहीं मिला। इसके बाद एजेंसी का अनुबंध खत्म कर दिया गया।
अब इन 34 शौचालयों की जिम्मेदारी नगर निगम के कर्मचारियों को दी गई है। निगम के कर्मचारी शौचालयों की सफाई और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं को देखेंगे। सीनियर डिप्टी मेयर प्रवीन यादव ने बताया कि एजेंसी को शौचालयों की देखरेख के लिए ज्यादा पैसे दिए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि एक शौचालय के रखरखाव पर करीब 3,500 से 4,000 रुपये का खर्च आता है, जबकि एजेंसी को करीब 10 हजार रुपये प्रति शौचालय दिए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि यह जनता के टैक्स का पैसा है और इसका सही इस्तेमाल होना चाहिए।
निगम ने वरिष्ठ और सहायक स्वच्छता निरीक्षकों को इन 34 शौचालयों का जिम्मा संभालने के निर्देश दिए हैं। अधिकारी शौचालयों की हालत, पानी, बिजली, फिटिंग और सफाई व्यवस्था की जांच करेंगे। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी, ताकि शौचालयों की मौजूदा स्थिति का रिकॉर्ड रखा जा सके। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त पुनीत कुमारने बताया कि मानेसर में करीब 110 सार्वजनिक शौचालय हैं। जल्द ही सभी शौचालयों की देखरेख पर आने वाले खर्च का हिसाब तैयार किया जाएगा। इसके बाद नई एजेंसी के लिए टेंडर जारी किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। मानेसर नगर निगम ने 34 सार्वजनिक शौचालयों की देखरेख करने वाली एजेंसी का काम बंद कर दिया है। नगर निगम की टीम ने इन शौचालयों का निरीक्षण किया था। जांच में सफाई और रखरखाव का काम ठीक नहीं मिला। इसके बाद एजेंसी का अनुबंध खत्म कर दिया गया।
अब इन 34 शौचालयों की जिम्मेदारी नगर निगम के कर्मचारियों को दी गई है। निगम के कर्मचारी शौचालयों की सफाई और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं को देखेंगे। सीनियर डिप्टी मेयर प्रवीन यादव ने बताया कि एजेंसी को शौचालयों की देखरेख के लिए ज्यादा पैसे दिए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि एक शौचालय के रखरखाव पर करीब 3,500 से 4,000 रुपये का खर्च आता है, जबकि एजेंसी को करीब 10 हजार रुपये प्रति शौचालय दिए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि यह जनता के टैक्स का पैसा है और इसका सही इस्तेमाल होना चाहिए।
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निगम ने वरिष्ठ और सहायक स्वच्छता निरीक्षकों को इन 34 शौचालयों का जिम्मा संभालने के निर्देश दिए हैं। अधिकारी शौचालयों की हालत, पानी, बिजली, फिटिंग और सफाई व्यवस्था की जांच करेंगे। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी, ताकि शौचालयों की मौजूदा स्थिति का रिकॉर्ड रखा जा सके। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त पुनीत कुमारने बताया कि मानेसर में करीब 110 सार्वजनिक शौचालय हैं। जल्द ही सभी शौचालयों की देखरेख पर आने वाले खर्च का हिसाब तैयार किया जाएगा। इसके बाद नई एजेंसी के लिए टेंडर जारी किया जाएगा।
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