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Gurugram News: बिजली का अतिरिक्त शुल्क लगाने पर बिल्डर के खिलाफ किया प्रदर्शन

Sun, 12 Oct 2025 12:28 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 12 Oct 2025 12:28 AM IST
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Protest against builder for charging extra electricity charges
पिरामिड फ्यूजन होम्स के निवासी बोले-नया शुल्क पूरी तरह से अनुचित
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बोले-पहले से ही कॉमन एरिया मेंटेनेंस चार्ज का भुगतान कर रहे

संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-70ए स्थित पिरामिड फ्यूजन होम्स सोसाइटी के निवासियों ने शनिवार को बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया। पिरामिड इंफ्राटेक के खिलाफ नए और अचानक लगाए गए कॉमन एरिया इलेक्ट्रिसिटी चार्ज (सीएई) को लेकर प्रदर्शन किया गया। निवासियों का कहना है कि यह नया शुल्क पूरी तरह से अस्पष्ट और अनुचित है क्योंकि वे पहले से ही 3.90 रुपये प्रति वर्ग फुट प्लस जीएसटी की दर से कॉमन एरिया मेंटेनेंस (सीएएम) चार्ज का भुगतान कर रहे हैं।


निवासियों के अनुसार, कॉमन एरिया यानी लिफ्ट, गलियारे, पार्किंग आदि में इस्तेमाल होने वाली बिजली का खर्च पहले से ही सीएएम शुल्क में शामिल है। इसके अतिरिक्त नया चार्ज लगाना न केवल अभूतपूर्व है, बल्कि रेरा के किसी भी दिशा-निर्देश में इसका उल्लेख नहीं है।
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प्रदर्शन कर रहे निवासियों ने कहा कि बिल्डर की ओर से लगाए जा रहे इस अतिरिक्त चार्ज से प्रत्येक फ्लैट मालिक पर लगभग 700 से 900 रुपये प्रति माह का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने बिल्डर से यह शुल्क तुरंत वापस लेने और पारदर्शी बिलिंग प्रणाली की मांग की है।
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सोसाइटी में निवासी पहले से ही 3.90 रुपये प्रति वर्ग फुट (जीएसटी सहित) सीएएम चार्ज जमा कर रहे हैं। इसमें लिफ्ट, गलियारे, पार्किंग जैसी कॉमन एरिया सुविधाएं शामिल हैं लेकिन अतिरिक्त बिजली चार्ज जोड़कर निवासियों पर बोझ बढ़ा दिया गया है।
-अतुल सिंह, निवासी


बिल्डर द्वारा अतिरिक्त बिजली चार्ज जोड़ने से निवासियों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है लेकिन इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। बिना उचित आधार और जानकारी के कोई भी अतिरिक्त शुल्क जोड़ना अनुचित और निराधार है। इससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।

- मोहित शर्मा, निवासी



अचानक से बिल बनाकर देना पूरी तरह अनुचित है क्योंकि रेरा कानून में इसकी कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। बिना पूर्व सहमति या जानकारी के ऐसा शुल्क थोपना नियमों के खिलाफ है और इससे निवासियों की जेब पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जो गलत है।
-पंकज शर्मा, निवासी
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