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Gurugram News: ग्रीन बेल्ट में मुरझा रहे वादे
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प्रदूषण नियंत्रण के लिए बनाई गई ग्रीन बेल्ट में घास के बजाय उड़ रही धूल
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। सेक्टर-47 में सड़क किनारे बनाई गई ग्रीन बेल्ट में घास और हरियाली की कमी के कारण केवल धूल नजर आ रही है। लोगों का कहना है कि ग्रीन बेल्ट का उद्देश्य केवल खाली भूमि छोड़ना नहीं बल्कि वहां घास, पेड़-पौधे और अन्य हरित आवरण विकसित कर प्रदूषण को नियंत्रित करना और वातावरण को बेहतर बनाना है। मौजूदा समय में कई हिस्सों में घास नहीं होने से मिट्टी पड़ी है, जिसके चलते तेज हवाओं के साथ धूल उड़ रही है।
स्थानीय निवासी श्यामलाल ने बताया कि ग्रीन बेल्ट नाम ही इसलिए दिया गया था ताकि यहां हरियाली विकसित की जा सके। पेड़-पौधे और घास वातावरण में संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ धूल और प्रदूषण को कम करने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई स्थानों पर घास खत्म हो चुकी है जिससे दोपहर के समय लू के साथ धूल उड़ती है और राहगीरों को काफी परेशानी होती है।
वहीं, निवासी लक्षय ने कहा कि गर्मी के मौसम में हरियाली का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। ग्रीन बेल्ट में पर्याप्त घास और पौधे होने से तापमान नियंत्रित रखने में मदद मिलती है लेकिन घास की कमी के कारण यहां लगातार धूल उड़ रही है, जिससे सुबह-शाम टहलने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र हरा दिखने की बजाए धूल भरा बंजर नजर आता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। सेक्टर-47 में सड़क किनारे बनाई गई ग्रीन बेल्ट में घास और हरियाली की कमी के कारण केवल धूल नजर आ रही है। लोगों का कहना है कि ग्रीन बेल्ट का उद्देश्य केवल खाली भूमि छोड़ना नहीं बल्कि वहां घास, पेड़-पौधे और अन्य हरित आवरण विकसित कर प्रदूषण को नियंत्रित करना और वातावरण को बेहतर बनाना है। मौजूदा समय में कई हिस्सों में घास नहीं होने से मिट्टी पड़ी है, जिसके चलते तेज हवाओं के साथ धूल उड़ रही है।
स्थानीय निवासी श्यामलाल ने बताया कि ग्रीन बेल्ट नाम ही इसलिए दिया गया था ताकि यहां हरियाली विकसित की जा सके। पेड़-पौधे और घास वातावरण में संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ धूल और प्रदूषण को कम करने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई स्थानों पर घास खत्म हो चुकी है जिससे दोपहर के समय लू के साथ धूल उड़ती है और राहगीरों को काफी परेशानी होती है।
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वहीं, निवासी लक्षय ने कहा कि गर्मी के मौसम में हरियाली का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। ग्रीन बेल्ट में पर्याप्त घास और पौधे होने से तापमान नियंत्रित रखने में मदद मिलती है लेकिन घास की कमी के कारण यहां लगातार धूल उड़ रही है, जिससे सुबह-शाम टहलने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र हरा दिखने की बजाए धूल भरा बंजर नजर आता है।
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