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Gurugram News: ओटीएस स्कीम से पुराने करों की बकाया राशि वसूलने की तैयारी
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28 सितंबर तक लाभ ले सकेंगे उद्यमी और व्यापारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। आबकारी और कराधान विभाग ने जीएसटी लागू होने से पहले के बकाया करों की अदायगी के लिए वन टाइम टैक्स सेटलमेंट स्कीम (ओटीएस) की सूचना जारी की है। ओटीएस स्कीम एक जून से 28 सितंबर तक (120 दिन) के लिए चलाई गई है। इसमें एक जुलाई 2017 से पहले के करों की बकाया राशि की वसूली और विवादों को निपटाने की व्यवस्था है। एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू हुआ था उसके पहले वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) और 12 किस्म के अन्य करों की बकाया राशि और इससे संबंधित विवादों को निपटाने की व्यवस्था इस स्कीम में है। जीएसटी विभाग व्यापारियों और उद्यमियों को पुराने बकाये के ब्याज और पैनल्टी से राहत दिलाने और विभाग की आय में वृद्धि के उद्देश्य से यह स्कीम लेकर आया है।
आबकारी व कराधान अधिकारी (जीएसटी) और ओटीएस स्कीम 2026 के नोडल अधिकारी अभिनंदन गोयल ने बताया कि गुरुग्राम में करीब 30,000 इकाइयों की बकाया राशि इस योजना के तहत वापस मिल सकती है। एकमुश्त सेटलमेंट स्कीम में टैक्स की बकाया राशि की अदायगी पर छूट है। इसके अलावा इसके तहत ब्याज और पैनल्टी की राशि माफ की गई है। इसके तहत एक लाख रुपये तक की कर राशि भी माफ की गई है। एक लाख से 10 लाख तक 60 प्रतिशत, 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक 50 प्रतिशत, एक करोड़ से 10 करोड़ रुपये तक 40 प्रतिशत, 10 करोड़ से 30 करोड़ रुपये तक तक 35 प्रतिशत, 30 करोड़ रुपये से 60 करोड़ रुपये तक 30 प्रतिशत तक कर राशि पर छूट दी गई है। 60 करोड़ से ज्यादा की राशि पर छूट नहीं है।
योजना के अंतर्गत देय कर राशि के भुगतान की व्यवस्था के तहत 5 लाख तक की जीएसटी देय राशि का भुगतान एक किश्त में किया जाएगा। 5 लाख से 25 लाख रुपये तक की देय जीएसटी राशि का भुगतान दो किश्तों में किया जा सकेगा। 25 लाख रुपये से अधिक की देय जीएसटी राशि का भुगतान तीन किश्तों में किया जा सकेगा।
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95 प्रतिशत बकाया कर राशि मिलने की उम्मीद
हरियाणा टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने बताया कि पिछले दो साल में जीएसटी विभाग ने हरियाणा के लिए ओटीएस की ऐसी स्कीम 3 बार पहले भी चलाई है। पिछली दो स्कीमों में 1200 करोड़ रुपये की कर उगाही विभाग कर पाया है। पुराने बकाया कर ऐसी राशि है जिसे मृत राशि कह सकते हैं। विभाग को इस तरह की स्कीम से जिसकी उम्मीद नहीं है, वह बकाया राशि मिल जाती है और व्यापारियों को कर विवाद से मुक्ति मिल जाती है। इस बार के ओटीएस से उम्मीद है कि हरियाणा सरकार 23000 करोड़ रुपये की बकाया राशि की वसूली की जा सकेगी। कर विवाद के जो मामले सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, उनके अलावा करीब 95 प्रतिशत बकाया कर राशि विभाग को मिलने की उम्मीद है। गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष जेएन मंगला बताते हैं कि ऐसी स्कीम की जागरूकता व्यापारियों में होनी चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। आबकारी और कराधान विभाग ने जीएसटी लागू होने से पहले के बकाया करों की अदायगी के लिए वन टाइम टैक्स सेटलमेंट स्कीम (ओटीएस) की सूचना जारी की है। ओटीएस स्कीम एक जून से 28 सितंबर तक (120 दिन) के लिए चलाई गई है। इसमें एक जुलाई 2017 से पहले के करों की बकाया राशि की वसूली और विवादों को निपटाने की व्यवस्था है। एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू हुआ था उसके पहले वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) और 12 किस्म के अन्य करों की बकाया राशि और इससे संबंधित विवादों को निपटाने की व्यवस्था इस स्कीम में है। जीएसटी विभाग व्यापारियों और उद्यमियों को पुराने बकाये के ब्याज और पैनल्टी से राहत दिलाने और विभाग की आय में वृद्धि के उद्देश्य से यह स्कीम लेकर आया है।
आबकारी व कराधान अधिकारी (जीएसटी) और ओटीएस स्कीम 2026 के नोडल अधिकारी अभिनंदन गोयल ने बताया कि गुरुग्राम में करीब 30,000 इकाइयों की बकाया राशि इस योजना के तहत वापस मिल सकती है। एकमुश्त सेटलमेंट स्कीम में टैक्स की बकाया राशि की अदायगी पर छूट है। इसके अलावा इसके तहत ब्याज और पैनल्टी की राशि माफ की गई है। इसके तहत एक लाख रुपये तक की कर राशि भी माफ की गई है। एक लाख से 10 लाख तक 60 प्रतिशत, 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक 50 प्रतिशत, एक करोड़ से 10 करोड़ रुपये तक 40 प्रतिशत, 10 करोड़ से 30 करोड़ रुपये तक तक 35 प्रतिशत, 30 करोड़ रुपये से 60 करोड़ रुपये तक 30 प्रतिशत तक कर राशि पर छूट दी गई है। 60 करोड़ से ज्यादा की राशि पर छूट नहीं है।
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योजना के अंतर्गत देय कर राशि के भुगतान की व्यवस्था के तहत 5 लाख तक की जीएसटी देय राशि का भुगतान एक किश्त में किया जाएगा। 5 लाख से 25 लाख रुपये तक की देय जीएसटी राशि का भुगतान दो किश्तों में किया जा सकेगा। 25 लाख रुपये से अधिक की देय जीएसटी राशि का भुगतान तीन किश्तों में किया जा सकेगा।
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95 प्रतिशत बकाया कर राशि मिलने की उम्मीद
हरियाणा टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने बताया कि पिछले दो साल में जीएसटी विभाग ने हरियाणा के लिए ओटीएस की ऐसी स्कीम 3 बार पहले भी चलाई है। पिछली दो स्कीमों में 1200 करोड़ रुपये की कर उगाही विभाग कर पाया है। पुराने बकाया कर ऐसी राशि है जिसे मृत राशि कह सकते हैं। विभाग को इस तरह की स्कीम से जिसकी उम्मीद नहीं है, वह बकाया राशि मिल जाती है और व्यापारियों को कर विवाद से मुक्ति मिल जाती है। इस बार के ओटीएस से उम्मीद है कि हरियाणा सरकार 23000 करोड़ रुपये की बकाया राशि की वसूली की जा सकेगी। कर विवाद के जो मामले सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, उनके अलावा करीब 95 प्रतिशत बकाया कर राशि विभाग को मिलने की उम्मीद है। गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष जेएन मंगला बताते हैं कि ऐसी स्कीम की जागरूकता व्यापारियों में होनी चाहिए।