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Gurugram News: पोर्टल चालू, विभाग नॉट रीचेबल
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राजबीर यादव। उद्यमी वाली खबर के लिए
इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी बनी उद्यमी परेशान, उद्योग विहार और मानेसर तक मेट्रो पहुंचाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सरकार ने डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस का हवाला देकर उद्योगों की सहूलियत के लिए पोर्टल तो चालू कर दिए, लेकिन धरातल पर अधिकारी नॉट रीचेबल मोड में हैं। डिजिटल व्यवस्था के इस दौर में भी तकनीकी उलझनों को सुलझाने के लिए जब उद्यमी अधिकारियों से संपर्क करना चाहते हैं, तो उन्हें केवल आश्वासन या बंद दरवाजे मिलते हैं। कई मामलों में उद्यमियों को अधिकारियों से सीधे संपर्क करने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अधिकारियों को उद्यमियों के लिए उपलब्ध और उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। तेजी से बढ़ते औद्योगिक और कॉरपोरेट हब गुरुग्राम में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी उद्यमियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। उद्योग विहार से लेकर मानेसर तक बेहतर कनेक्टिविटी और सार्वजनिक परिवहन की जरूरत महसूस की जा रही है। उद्यमियों का कहना है कि इससे उद्योगों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों की आवाजाही आसान होगी और औद्योगिक क्षेत्रों पर परिवहन का दबाव भी कम होगा।
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उद्योग विहार और मानेसर तक मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ाने से उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा और एनसीआर से पहुंच भी आसान होगी। - एचपी यादव, अध्यक्ष, एनसीआर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री
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ई-गवर्नेंस अच्छी पहल है, लेकिन इसके साथ अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। विभागों में स्पष्ट जिम्मेदारी तय होने से कामकाज में तेजी आएगी। - रविंद्र बंसल, चेयरमैन, स्टियरिंग कमेटी
औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी और मूलभूत सुविधाएं उद्योगों की कार्यक्षमता से सीधे जुड़ी हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर को उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के अनुसार विकसित किया जाना चाहिए। - राजबीर यादव, उद्यमी
जीएसटी, एचएसआईआईडीसी और आयकर जैसे विभागों से जुड़े मामलों में उद्यमियों को कई बार समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग स्तर पर संपर्क करना पड़ता है। - हितेश गुप्ता, उद्यमी
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सरकार ने डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस का हवाला देकर उद्योगों की सहूलियत के लिए पोर्टल तो चालू कर दिए, लेकिन धरातल पर अधिकारी नॉट रीचेबल मोड में हैं। डिजिटल व्यवस्था के इस दौर में भी तकनीकी उलझनों को सुलझाने के लिए जब उद्यमी अधिकारियों से संपर्क करना चाहते हैं, तो उन्हें केवल आश्वासन या बंद दरवाजे मिलते हैं। कई मामलों में उद्यमियों को अधिकारियों से सीधे संपर्क करने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अधिकारियों को उद्यमियों के लिए उपलब्ध और उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। तेजी से बढ़ते औद्योगिक और कॉरपोरेट हब गुरुग्राम में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी उद्यमियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। उद्योग विहार से लेकर मानेसर तक बेहतर कनेक्टिविटी और सार्वजनिक परिवहन की जरूरत महसूस की जा रही है। उद्यमियों का कहना है कि इससे उद्योगों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों की आवाजाही आसान होगी और औद्योगिक क्षेत्रों पर परिवहन का दबाव भी कम होगा।
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उद्योग विहार और मानेसर तक मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ाने से उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा और एनसीआर से पहुंच भी आसान होगी। - एचपी यादव, अध्यक्ष, एनसीआर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री
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ई-गवर्नेंस अच्छी पहल है, लेकिन इसके साथ अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। विभागों में स्पष्ट जिम्मेदारी तय होने से कामकाज में तेजी आएगी। - रविंद्र बंसल, चेयरमैन, स्टियरिंग कमेटी
औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी और मूलभूत सुविधाएं उद्योगों की कार्यक्षमता से सीधे जुड़ी हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर को उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के अनुसार विकसित किया जाना चाहिए। - राजबीर यादव, उद्यमी
जीएसटी, एचएसआईआईडीसी और आयकर जैसे विभागों से जुड़े मामलों में उद्यमियों को कई बार समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग स्तर पर संपर्क करना पड़ता है। - हितेश गुप्ता, उद्यमी

राजबीर यादव। उद्यमी वाली खबर के लिए

राजबीर यादव। उद्यमी वाली खबर के लिए

राजबीर यादव। उद्यमी वाली खबर के लिए