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Gurugram News: आरोपियों की संपत्तियों की जांच करेगी पुलिस

Sat, 31 May 2025 12:09 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 31 May 2025 12:09 AM IST
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Police will investigate the properties of the accused
सरकारी ग्रांट वितरण मामला
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अदालत के आदेश पर सेक्टर-5 थाने में पूर्व मंत्री समेत नौ पर दर्ज हुआ है मामला
जांच के बाद अदालत में पेश की जाएगी रिपोर्ट



अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। फर्जी ग्रांट वितरण मामले में अदालत के आदेश पर सेक्टर-5 थाना में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपियों की संपत्ति की जांच करेगी। जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी कि जिन लोगों को सरकारी ग्रांट का वितरण किया गया है, वे ग्रांट लेने के लिए पात्र थे या नहीं।
यह रिपोर्ट तैयार करके अदालत में प्रस्तुत की जाएगी। पुलिस ने हरियाणा के पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया व उनकी बहन सहित कुल नौ के खिलाफ केस दर्ज किया है। 7 जुलाई तक पुलिस से अनुपालन रिपोर्ट मांगी है। गुरुग्राम निवासी ओम प्रकाश की याचिका पर सुनवाई करते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार ने सेक्टर-5 थाना प्रभारी को आईपीसी की धारा 403 (संपत्ति का बेईमानी से दुरुपयोग), 405 (आपराधिक विश्वासघात), 409 (लोक सेवकों द्वारा आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के लागू प्रावधानों के तहत सुखबीर कटारिया के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे। कटारिया गुरुग्राम से कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में मंत्री थे।
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याचिकाकर्ता ओमप्रकाश कटारिया ने बताया कि ग्रांट में दिया गया ये धन आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए घरों के निर्माण या मरम्मत के लिए इस्तेमाल किया जाना था, लेकिन ग्रांट उनकी बहन और एक रिश्तेदार को चली गई। अदालत के आदेश के बाद जिन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, उनमें पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया के अलावा राकेश उर्फ गौरव, इशवंती देवी, चचेरे भाई मनीष, कमलेश, जय प्रकाश, सुरेंद्र सिंह और ब्रह्मो देवी शामिल हैं।
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वर्जन

पुलिस की जांच टीम मामले में सभी आरोपियों की संपत्ति की रिपोर्ट तैयार करेगी। इस रिपोर्ट में उनकी चल-अचल संपत्ति का आकलन किया जाएगा कि जिनको ग्रांट वितरित हुई है वे उस समय ग्रांट लेने के पात्र थे या नहीं। - संजय, सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), ओल्ड गुरुग्राम।
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