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125 करोड़ की ठगी के तीन आरोपियों की दो दिन बढ़ी पुलिस रिमांड
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गुरुग्राम। नेशनल सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) में काम दिलाने के नाम पर 125 करोड़ की ठगी के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद एसआईटी ने सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया। जहां पर अदालत ने तीनों आरोपियों की दो दिन की पुलिस रिमांड बढ़ा दी है। एसआईटी ने अदालत को बताया कि जिस कंपनी में ठगी के पैसे आए हैं। उस कंपनी की दोनों महिला निदेशक हैं। इनसे रुपयों के ट्रांजेक्शन के बारे में जानकारी करनी है।
एनएसजी में काम दिलाने के नाम पर 125 करोड़ की ठगी की एसआईटी जांच कर रही है। इस मामले में अब तक मास्टर माइंड बीएसएफ का डिप्टी कमांडेंट प्रवीण यादव, उसकी पत्नी ममता यादव, उसकी बहन रितुराज व बिचौलिया दिनेश चार दिन की रिमांड पर थे। मास्टर माइंड ने जिस फर्जी कंपनी में ठगी के पैसे लिए हैं, उस कंपनी की ममता व रितुराज निदेशक हैं। एसआईटी ने उनकी निशानदेही पर सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। एसआईटी की ओर से अदालत में तर्क दिया गया है कि कंपनी निदेशक होने के कारण दोनों से यह जानना है कि इनके खाते में आए पैसे, कहां गए हैं।
बता दें कि मानेसर थाने में अलग-अलग चार बिल्डरों ने डिप्टी कमाडेंट प्रवीण यादव, उसकी पत्नी ममता यादव बहन रितुराज यादव के साथ साले नवीन यादव के खिलाफ एनएसजी में कंस्ट्रक्शन का काम दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप लगाया। जिसके बाद मामला दर्ज कर आरोपियों को दबोचने की जिम्मेदारी सीआईए मानेसर प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप को दी गई थी। सीआईए मानेसर की टीम ने चार आरोपियों को जिरकपुर के एक फ्लैट से 13 करोड़ 81 लाख रुपये के साथ दबोचा था।
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एनएसजी में काम दिलाने के नाम पर 125 करोड़ की ठगी की एसआईटी जांच कर रही है। इस मामले में अब तक मास्टर माइंड बीएसएफ का डिप्टी कमांडेंट प्रवीण यादव, उसकी पत्नी ममता यादव, उसकी बहन रितुराज व बिचौलिया दिनेश चार दिन की रिमांड पर थे। मास्टर माइंड ने जिस फर्जी कंपनी में ठगी के पैसे लिए हैं, उस कंपनी की ममता व रितुराज निदेशक हैं। एसआईटी ने उनकी निशानदेही पर सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। एसआईटी की ओर से अदालत में तर्क दिया गया है कि कंपनी निदेशक होने के कारण दोनों से यह जानना है कि इनके खाते में आए पैसे, कहां गए हैं।
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बता दें कि मानेसर थाने में अलग-अलग चार बिल्डरों ने डिप्टी कमाडेंट प्रवीण यादव, उसकी पत्नी ममता यादव बहन रितुराज यादव के साथ साले नवीन यादव के खिलाफ एनएसजी में कंस्ट्रक्शन का काम दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप लगाया। जिसके बाद मामला दर्ज कर आरोपियों को दबोचने की जिम्मेदारी सीआईए मानेसर प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप को दी गई थी। सीआईए मानेसर की टीम ने चार आरोपियों को जिरकपुर के एक फ्लैट से 13 करोड़ 81 लाख रुपये के साथ दबोचा था।
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