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लोगों को सांस लेने में हुई दिक्कत

Mon, 09 Nov 2020 11:40 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 09 Nov 2020 11:40 PM IST
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People had trouble breathing
गुरुग्राम। दिनोंदिन गिरते तापमान के बीच शहर में प्रदूषण की स्थिति अब जानलेवा हो चली है। सोमवार को शहर में प्रदूषण की हालत सबसे ज्यादा खराब रही और देशभर के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों की सूची में गुरुग्राम व गाजियाबाद संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। सोमवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) जनवरी के बाद सर्वोच्च 482 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, 483 एक्यूआई के साथ मानेसर प्रदूषण के मामले में पहले पायदान पर रहा। स्थिति यह रही कि व्यापक स्मॉग के चलते शाम 5 बजे ही रात का नजारा देखने को मिला। प्रदूषण बढ़ने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार गिरते तापमान, कम होती धूप व वाहनों से निकलने वाले धुएं को प्राथमिक तौर पर जिम्मेदार मान रहे हैं। वहीं, प्रदूषण में बेतहाशा बढ़ोतरी होने के कारण सोमवार को लोगों को आंखों में जलन व सांस लेनेे में तकलीफ हुई।
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सुबह से ही स्मॉग की चादर छाई रही
सोमवार को सुबह से ही शहर में स्मॉग की चादर छाई रही। उम्मीद थी कि दिन चढ़ने के साथ ही धूप भी तेज होगी और प्रदूषण में कमी आएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। धूप नहीं खिली और प्रदूषण यथावत रहा। स्थिति यह रही कि सुबह 10 बजे ही शहर में एक्यूआई 482 पर पहुंच गया था। वहीं, सेक्टर-51 इलाके में तो प्रदूषण की स्थिति जानलेवा थी और वहां पर एक्यूआई सीजन में पहली बार 500 पर दर्ज किया गया।
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हर जगह 400 के पार रहा एक्यूआई
सोमवार को शहर में कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं था, जहां हालात थोड़े भी बेहतर रहे हों। वन क्षेत्र में शामिल ग्वाल पहाड़ी में एक्यूआई 450 दर्ज किया गया। वहीं, विकास सदन में एक्यूआई 489 रहा। खास बात यह रही कि दिन ढलने के साथ ही जैसे-जैसे धूप कम हुई, वैसे-वैसे प्रदूषण और बढ़ता गया। शाम पांच बजे तो स्मॉग के हालात यह रहे कि दृश्यता घटकर करीब 300-400 मीटर रह गई। राहगीरों को आंखों में जलन व सांस लेने में तकलीफ की समस्या होने लगी।
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नागरिक अस्पताल में बढ़े मरीज
प्रदूषण बढ़ने से सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल की ओपीडी में अब मरीजों की काफी भीड़ बढ़ गई है। खासकर छाती रोग विभाग में रोजाना करीब 50-100 मरीज ज्यादा आ रहे हैं। इनमें भी बुजुर्ग रोगियों की संख्या सबसे ज्यादा है, जो सांस व दमा रोग से ग्रस्त हैं। मालूम हो कि प्रदूषण की दिनोंदिन गंभीर होती स्थिति को देखते हुए नागरिक अस्पताल प्रबंधन ने ओपीडी के समय सीमा बढ़ाकर दोपहर 3 बजे तक कर दी है। वहीं, समय सीमा बढ़ने से मरीजों को भी फायदा मिल रहा है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपना इलाज करवा पा रहे हैं।

तापमान घटने से व वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को सलाह है कि अच्छी क्वॉलिटी वाला मास्क पहने और कोशिश करें कि सुबह-शाम के समय बेवजह बाहर न निकलें। प्रदूषण के इस दौर में बचाव ही इलाज है।
- डॉ. नवीन, फिजीशियन, सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल
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