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Gurugram News: भ्रष्ट पटवारियों की सूची के बाद पटवारियों का विरोध, अतिरिक्त काम करने से किया मना
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काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन, प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से सरकार को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। भ्रष्ट पटवारियों की सूची जारी करने के विरोध में जिले के पटवारियों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। वहीं, जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा। पटवारियों ने अतिरिक्त सर्कल का कामकाज छोड़ना शुरू कर दिया है। पटवारियों की नाराजगी के चलते पूरे दिन जिले के पटवार कार्यालयों पर ताला लटके रहे। अपने जमीन से संबंधित कामों से आए लोगों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ा।
जिला पटवारी एसोसिएशन की तरफ से कहा गया है कि जारी की सूची तथ्यों पर आधारित नहीं है, यह आधारहीन है। इसमें दो पटवारी तो ऐसे हैं जिनकी दो वर्ष पहले मौत हो चुकी है। पटवारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक इस पत्र को निरस्त नहीं किया जाता है, तब तक पटवारी अपनी मूल सर्कल के अलावा अतिरिक्त सर्कल में कार्य नहीं करेंगे। अगर सरकार ने मांगे नहीं मानीं तो तीन दिन बाद एसोसिएशन कोई भी फैसला ले सकती है।
पिछले सप्ताह प्रदेश में 370 पटवारियों को भ्रष्ट की संज्ञा देकर उनकी एक सूची जारी हुई थी। इस सूची के बाद से राजस्व विभाग के पटवारियों में रोष व्याप्त है। जिले के पटवारी एसोसिएशन के प्रधान साबिर का कहना है कि पटवारियों की बगैर जांच के इस तरह से सूची जारी करना न्याय संगत नहीं है। प्रधान साबिर ने बताया कि कैथल में ओम प्रकाश नामक व गुरूग्राम में देवेंद्र नामक पटवारी की दो वर्ष पहले मौत हो चुकी है। सूची में इन दोनों पटवारियों के नाम भी शामिल किए हुए हैं। बगैर जांच के इस तरफ से किसी को भ्रष्ट की संज्ञा नहीं दी जा सकती। यह गलत सूची है। इस पर त्वरित रोक लगनी चाहिए। गुस्साए जिले के 36 पटवारियों ने सोमवार को हाथों पर काली पट्टी बांधकर विरोध किया व प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से राजस्व मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन पत्र में सूची को निरस्त करने की मांग की गई है।
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जिले में 93 सर्कल में तैनात हैं 36 पटवारी
भ्रष्ट पटवारियों की सूची जारी होने के बाद गुस्साए पटवारियों ने अतिरिक्त सर्कल का कार्यभार छोड़ दिया। पटवारियों ने बताया है कि जिले में 93 सर्कल हैं, यहां पर केवल 36 पटवारी कार्य कर रहे हैं। एक-एक पटवारी को दो से लेकर तीन सर्कलों का कार्य सौंपा हुआ है। वर्क लोड ज्यादा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। भ्रष्ट पटवारियों की सूची जारी करने के विरोध में जिले के पटवारियों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। वहीं, जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा। पटवारियों ने अतिरिक्त सर्कल का कामकाज छोड़ना शुरू कर दिया है। पटवारियों की नाराजगी के चलते पूरे दिन जिले के पटवार कार्यालयों पर ताला लटके रहे। अपने जमीन से संबंधित कामों से आए लोगों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ा।
जिला पटवारी एसोसिएशन की तरफ से कहा गया है कि जारी की सूची तथ्यों पर आधारित नहीं है, यह आधारहीन है। इसमें दो पटवारी तो ऐसे हैं जिनकी दो वर्ष पहले मौत हो चुकी है। पटवारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक इस पत्र को निरस्त नहीं किया जाता है, तब तक पटवारी अपनी मूल सर्कल के अलावा अतिरिक्त सर्कल में कार्य नहीं करेंगे। अगर सरकार ने मांगे नहीं मानीं तो तीन दिन बाद एसोसिएशन कोई भी फैसला ले सकती है।
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पिछले सप्ताह प्रदेश में 370 पटवारियों को भ्रष्ट की संज्ञा देकर उनकी एक सूची जारी हुई थी। इस सूची के बाद से राजस्व विभाग के पटवारियों में रोष व्याप्त है। जिले के पटवारी एसोसिएशन के प्रधान साबिर का कहना है कि पटवारियों की बगैर जांच के इस तरह से सूची जारी करना न्याय संगत नहीं है। प्रधान साबिर ने बताया कि कैथल में ओम प्रकाश नामक व गुरूग्राम में देवेंद्र नामक पटवारी की दो वर्ष पहले मौत हो चुकी है। सूची में इन दोनों पटवारियों के नाम भी शामिल किए हुए हैं। बगैर जांच के इस तरफ से किसी को भ्रष्ट की संज्ञा नहीं दी जा सकती। यह गलत सूची है। इस पर त्वरित रोक लगनी चाहिए। गुस्साए जिले के 36 पटवारियों ने सोमवार को हाथों पर काली पट्टी बांधकर विरोध किया व प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से राजस्व मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन पत्र में सूची को निरस्त करने की मांग की गई है।
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जिले में 93 सर्कल में तैनात हैं 36 पटवारी
भ्रष्ट पटवारियों की सूची जारी होने के बाद गुस्साए पटवारियों ने अतिरिक्त सर्कल का कार्यभार छोड़ दिया। पटवारियों ने बताया है कि जिले में 93 सर्कल हैं, यहां पर केवल 36 पटवारी कार्य कर रहे हैं। एक-एक पटवारी को दो से लेकर तीन सर्कलों का कार्य सौंपा हुआ है। वर्क लोड ज्यादा है।