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कमिश्नर के तीन दिन में मांगी रिपोर्ट पर एक महीने में भी नहीं हुई जांच
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गुरुग्राम। कमिश्नर राजीव रंजन के तीन दिन में जांच पूरी करने के आदेश के बावजूद शिक्षा विभाग पाथवेज इंटरनेशनल स्कूल के खिलाफ एक महीने तक जांच पूरी नहीं कर पाया। उधर, स्कूल प्रबंधन ने चार बच्चों को स्कूल से निष्कासित कर दिया। प्रबंधन का आरोप है कि इन बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल की बदनामी और अनुशासनहीनता की है। जबकि अभिभावकों का कहना है फीस को लेकर अदालत और अधिकारियों तक शिकायत की है। न कि स्कूल की बदनामी और अनुशासनहीनता। उनका कहना है कि कोरोना काल में अधिक फीस लेने का मामला अधिकारियों और अदालत तक ले जाने पर बच्चों को स्कूल से निष्कासित करना ये कहां का न्याय है, इस आदेश के खिलाफ अदालत में जाएंगे।
स्कूल के जवाब से शिक्षा विभाग बेखबर
स्कूल के जनरल मैनेजर एडमिनिस्ट्रेशन कुणाल बहल का कहना है कि स्कूल की ओर से शिक्षा विभाग को जवाब दिया जा चुका है। जबकि डिप्टी डीओ कल्पना का कहना है कि उनको स्कूल की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। जल्दी ही इस मामले में रिमाइंडर जारी कर स्पष्टीकरण मांगेंगे।
ये है मामला
पिछले साल लॉकडाउन के दौरान पूरी फीस लेने के विरोध में जुलाई से अभिभावक शिकायत कर रहे हैं। डीसी से लेकर कमिश्नर और सीएम तक से शिकायत की थी। हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की, जिसके आधार पर हाईकोर्ट ने केस निस्तारित होने तक 40 फीसदी जमा करने के आदेश दिए। साथ में निदेशक शिक्षा से रिपोर्ट मांगी। इस मामले में निदेशक ने 80 फीसदी धनराशि अभिभावकों को जमा करने के बारे में रिपोर्ट दी। इसी बीच स्कूल प्रबंधन की ओर से एक दर्जन से अधिक अभिभावकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। जिसमें यह कहा गया कि आपने स्कूल की मर्यादा को क्षति पहुंचाई है। क्यों न आपके बच्चों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया था। इसका अभिभावक गौरी, गिरजेश ओझा सहित एक दर्जन से अधिक लोगों ने जवाब दे दिया था। उसके बाद अभिभावक संघ की अध्यक्ष गौरी, गिरजेश ओझा, सतरेंग वे सहित चार अभिभावकों के बच्चों को अगले शिक्षा सत्र से निष्कासित करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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स्कूल के खिलाफ जांच जारी है
डिप्टी डीईओ कल्पना का कहना है कि कमिश्नर की ओर से 19 अप्रैल को आदेश आए थे जिसमें जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इस मामले की जांच की जा रही है। स्कूल प्रबंधन का स्पष्टीकरण मिलने पर इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल प्रबंधन का कोट
बच्चों के माता पिता के एक समूह ने स्कूल की प्रतिष्ठा के खिलाफ काम किया है जिसके कारण स्कूल प्रबंधन में आक्रोश है और मानसिक रूप से परेशानी हुई है। इस तरह की कार्रवाई न करने के बारे में अभिभावकों को कई अवसर दिए थे। लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ, इसी कारण चार बच्चों को स्कूल से निष्कासित करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। हालांकि, इस शिक्षा सत्र के शेष समय तक इन विद्यार्थियों को पढ़ाई की अनुमति प्रदान की है।
- कुणाल बहल, जनरल मैनेजर, एडमिनिस्ट्रेशन।
खबर ट्वीट हुई तो सीएम ऑफिस ने मांगी जानकारी
पाथवेज स्कूल द्वारा बच्चों को स्कूल से निष्कासित करने के बारे में अमर उजाला में प्रकाशित खबर को पीएमओ, सीएम हरियाणा तथा कई हस्तियों को लोगों ने ट्वीट किया है। इस मामले में सीएम ऑफिस ने शिक्षा विभाग से जानकारी मांगी है। अब शिक्षा विभाग में हलचल शुरू हो गई है।
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स्कूल के जवाब से शिक्षा विभाग बेखबर
स्कूल के जनरल मैनेजर एडमिनिस्ट्रेशन कुणाल बहल का कहना है कि स्कूल की ओर से शिक्षा विभाग को जवाब दिया जा चुका है। जबकि डिप्टी डीओ कल्पना का कहना है कि उनको स्कूल की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। जल्दी ही इस मामले में रिमाइंडर जारी कर स्पष्टीकरण मांगेंगे।
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ये है मामला
पिछले साल लॉकडाउन के दौरान पूरी फीस लेने के विरोध में जुलाई से अभिभावक शिकायत कर रहे हैं। डीसी से लेकर कमिश्नर और सीएम तक से शिकायत की थी। हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की, जिसके आधार पर हाईकोर्ट ने केस निस्तारित होने तक 40 फीसदी जमा करने के आदेश दिए। साथ में निदेशक शिक्षा से रिपोर्ट मांगी। इस मामले में निदेशक ने 80 फीसदी धनराशि अभिभावकों को जमा करने के बारे में रिपोर्ट दी। इसी बीच स्कूल प्रबंधन की ओर से एक दर्जन से अधिक अभिभावकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। जिसमें यह कहा गया कि आपने स्कूल की मर्यादा को क्षति पहुंचाई है। क्यों न आपके बच्चों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया था। इसका अभिभावक गौरी, गिरजेश ओझा सहित एक दर्जन से अधिक लोगों ने जवाब दे दिया था। उसके बाद अभिभावक संघ की अध्यक्ष गौरी, गिरजेश ओझा, सतरेंग वे सहित चार अभिभावकों के बच्चों को अगले शिक्षा सत्र से निष्कासित करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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स्कूल के खिलाफ जांच जारी है
डिप्टी डीईओ कल्पना का कहना है कि कमिश्नर की ओर से 19 अप्रैल को आदेश आए थे जिसमें जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इस मामले की जांच की जा रही है। स्कूल प्रबंधन का स्पष्टीकरण मिलने पर इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल प्रबंधन का कोट
बच्चों के माता पिता के एक समूह ने स्कूल की प्रतिष्ठा के खिलाफ काम किया है जिसके कारण स्कूल प्रबंधन में आक्रोश है और मानसिक रूप से परेशानी हुई है। इस तरह की कार्रवाई न करने के बारे में अभिभावकों को कई अवसर दिए थे। लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ, इसी कारण चार बच्चों को स्कूल से निष्कासित करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। हालांकि, इस शिक्षा सत्र के शेष समय तक इन विद्यार्थियों को पढ़ाई की अनुमति प्रदान की है।
- कुणाल बहल, जनरल मैनेजर, एडमिनिस्ट्रेशन।
खबर ट्वीट हुई तो सीएम ऑफिस ने मांगी जानकारी
पाथवेज स्कूल द्वारा बच्चों को स्कूल से निष्कासित करने के बारे में अमर उजाला में प्रकाशित खबर को पीएमओ, सीएम हरियाणा तथा कई हस्तियों को लोगों ने ट्वीट किया है। इस मामले में सीएम ऑफिस ने शिक्षा विभाग से जानकारी मांगी है। अब शिक्षा विभाग में हलचल शुरू हो गई है।