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Gurugram News: नानू खुर्द गांव की पंचायत चलाएगी कुत्तों के खिलाफ अभियान
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तीन साल की मासूम मोक्षी की मौत के बाद ग्रामीणों ने किया फैसला
- मासूम की मौत के बाद से ही परिवार में गम, गांव में दहशत का माहौल
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आ रही फूड प्वाइजनिंग से मौत की बात
प्रेमचन्द पालमी
पटौदी। गांव नानू खुर्द में दो दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में हुई तीन साल की मासूम मोक्षी की मौत के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस ने भले ही मौत का कारण जानने के लिए बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया हो, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि कुत्ते के काटने से ही बच्ची की मौत हुई है। दूसरी ओर गांव के सरपंच ने कहा है कि अब गलियों में घूम रहे इन कुत्तों के खिलाफ पंचायत स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। दूसरी ओर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची की मौत का कारण फूड प्वाइजनिंग बताया गया है।
इस मामले में गांव के सरपंच नरेश कुमार ने बताया कि गांव में लगभग 10-15 कुत्ते हैं। पंचायत द्वारा एक मुहिम चलाई जाएगी। इन कुत्तों को पकड़कर गांव से दूर जंगल में छोड़ा जाएगा। उनका कहना है कि कुत्तों को पकड़ना और उनका बाध्यकरण करना प्रशासनिक स्तर का काम है, लेकिन इस पर कोई काम नहीं हो रहा। गांव में तीन साल की मासूम मोक्षी के बाद अब ग्रामीणों ने इस काम की कमान अपने हाथों में ली है। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना का असर गांव में बच्चों और बड़ों दोनों पर पड़ा है। इस घटना के बाद से गांव लोग के दहशत में हैं। कुत्तों को देखते ही बच्चे डरने लगे हैं। ग्रामीण अपने बच्चों को अकेले बाहर भी नहीं जाने दे रहे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताती है कि फूड प्वाइजनिंग से हुई मासूम की मौत
उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मासूम मोक्षी की मौत का कारण फूड प्वाइजनिंग बताया गया है। थाना पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मासूम बच्ची का लिवर काफी बढ़ा हुआ था। उसे खाना पच नहीं रहा था। यही कारण है कि बृहस्पतिवार को खाना खाने के साथ ही उसे फूड प्वाइजनिंग हो गई। इसी से उसे उलटी हुई और उसकी तबीयत बिगड़ती ही चली गई। बाद में इसी के कारण उसकी मौत हो गई।
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यह था मामला
नानू खुर्द गांव में विगत 24 नवंबर को तीन साल की मासूम मोक्षी की कोहनी पर एक कुत्ते ने काट लिया था। बच्ची की कोहनी पर काफी गहरा जख्म था। ऐसे में अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। उसे एंटी रेबीज के तीन टीके भी लगवाए जा चुके थे। पांच दिसंबर को शाम के समय खाना खाने के बाद बच्ची ने अचानक उलटी कर दी। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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- मासूम की मौत के बाद से ही परिवार में गम, गांव में दहशत का माहौल
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आ रही फूड प्वाइजनिंग से मौत की बात
प्रेमचन्द पालमी
पटौदी। गांव नानू खुर्द में दो दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में हुई तीन साल की मासूम मोक्षी की मौत के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस ने भले ही मौत का कारण जानने के लिए बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया हो, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि कुत्ते के काटने से ही बच्ची की मौत हुई है। दूसरी ओर गांव के सरपंच ने कहा है कि अब गलियों में घूम रहे इन कुत्तों के खिलाफ पंचायत स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। दूसरी ओर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची की मौत का कारण फूड प्वाइजनिंग बताया गया है।
इस मामले में गांव के सरपंच नरेश कुमार ने बताया कि गांव में लगभग 10-15 कुत्ते हैं। पंचायत द्वारा एक मुहिम चलाई जाएगी। इन कुत्तों को पकड़कर गांव से दूर जंगल में छोड़ा जाएगा। उनका कहना है कि कुत्तों को पकड़ना और उनका बाध्यकरण करना प्रशासनिक स्तर का काम है, लेकिन इस पर कोई काम नहीं हो रहा। गांव में तीन साल की मासूम मोक्षी के बाद अब ग्रामीणों ने इस काम की कमान अपने हाथों में ली है। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना का असर गांव में बच्चों और बड़ों दोनों पर पड़ा है। इस घटना के बाद से गांव लोग के दहशत में हैं। कुत्तों को देखते ही बच्चे डरने लगे हैं। ग्रामीण अपने बच्चों को अकेले बाहर भी नहीं जाने दे रहे।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताती है कि फूड प्वाइजनिंग से हुई मासूम की मौत
उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मासूम मोक्षी की मौत का कारण फूड प्वाइजनिंग बताया गया है। थाना पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मासूम बच्ची का लिवर काफी बढ़ा हुआ था। उसे खाना पच नहीं रहा था। यही कारण है कि बृहस्पतिवार को खाना खाने के साथ ही उसे फूड प्वाइजनिंग हो गई। इसी से उसे उलटी हुई और उसकी तबीयत बिगड़ती ही चली गई। बाद में इसी के कारण उसकी मौत हो गई।
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यह था मामला
नानू खुर्द गांव में विगत 24 नवंबर को तीन साल की मासूम मोक्षी की कोहनी पर एक कुत्ते ने काट लिया था। बच्ची की कोहनी पर काफी गहरा जख्म था। ऐसे में अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। उसे एंटी रेबीज के तीन टीके भी लगवाए जा चुके थे। पांच दिसंबर को शाम के समय खाना खाने के बाद बच्ची ने अचानक उलटी कर दी। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।