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Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Out of 206 societies, only 10 have their own 33KVA substation.

Gurugram News: 206 सोसाइटियों में से केवल 10 के पास अपना 33केवीए सबस्टेशन

Wed, 13 Sep 2023 12:05 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 13 Sep 2023 12:05 AM IST
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Out of 206 societies, only 10 have their own 33KVA substation.
फोटो
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कम क्षमता के कनेक्शन के सहारे रोशन हो रहीं है 166 सोसाइटियां
कुल 206 सोसाइटियों में से केवल 10 ने बनाया सबस्टेशन, इससे 40 सोसाइटी के पास कनेक्शन
23 सोसाइटियों में सब स्टेशन निर्माणाधीन , मगर काम लंबे समय से रुका हुआ है

पूनम



गुरुग्राम। साइबर सिटी में ऊंची इमारतों वाली सोसाइटियां तो बसती जा रही हैं, मगर यहां मूलभूत सुविधाओं पर किसी का ध्यान नहीं है। सबसे बड़ी समस्या इन सोसाइटियों में पावर सप्लाई की है। द्वारका एक्सप्रेसवे की कुल 206 सोसाइटियों में से सिर्फ 10 के पास अपना 33केवीए का सब स्टेशन बना हुआ है, मगर इनमें से चालीस सोसाइटियों ने बिजली कनेक्शन ले रखा है। बाकी सोसाइटियों में भी बिजली की सप्लाई अन्य जगहों से हो रही है। 23 सोसाइटी में सब स्टेशन निर्माणाधीन है, मगर काम लंबे समय से रुका हुआ है।
नए सेक्टरों की बिल्डर लाइसेंस सोसाइटियों को अपने 33 केवीए सबस्टेशन बनाने हैं, मगर द्वारका एक्सप्रेसवे में सेक्टर 75 से 115 के बीच 206 सोसाइटियों में से मात्र 10 ने 33 केवीए सबस्टेशन बनाए हैं। इन दस सब स्टेशनों से 40 सोसाइटियां बिजली प्राप्त कर रही है। बाकी 166 सोसाइटियां या तो निर्माण के समय लिए गए अस्थाई कनेक्शन के सहारे चल रही हैं या 11 केवीए के केबल के सहारे बिजली सप्लाई हो रही है। 11 केवीए ये केबल किसी गांव या दूर दराज के फीडर से आए हैं।
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ऐसे में आए दिन केबल फॉल्ट, केबल जलने या निर्माण कार्य के कार्य केबल कटने, ज्यादा लोड की बिजली के प्रयोग से इंफ्रास्ट्रक्चर फुंकने जैसी दिक्कतें आती हैं। कम लोड होने के कारण लोग अपने घरों के सभी कमरों में एक साथ एसी नहीं चला सकते। डीजल आधारित बिजली के लिए उन्हें डीएचबीवीएन की दरों की तुलना में प्रति यूनिट चार गुना से ज्यादा बिजली का बिल चुकाना पड़ता है।
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न्यू गुरुग्राम यानी द्वारका एक्सप्रेस वे की सोसाइटियों में आए दिन लोग कई-कई घंटे बिजली संकट से जूझने को विवश हैं। पिछले शनिवार, रविवार को सेक्टर 82, 83, 84 स्थित वाटिका की सोसाइटियों, पीवोटल दीवान आदि में लोगों 30 से 36 घंटे का बिजली संकट झेला था। हाईराइज अपार्टमेंट में जेनसेट यानी डीजल आधारित बिजली से काम चला मगर लो राइज में जरूरी सेवाओं के अलावा घरों में बिजली नहीं थी।
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35 सोसाइटियों को 33 केवीए के लिए नोटिस
गुरुग्राम जिले में सर्किल-वन, टू और सोहना की 35 बिल्डर लाइसेंस सोसाइटियों को बिजली निगम ने 33 केवीए सबस्टेशन बनाने की प्रक्रिया के लिए नोटिस भेजा गया है। इनमें से कुछ की बैंक गारंटी बाकी है। कुछ ने जमीन नहीं उपलब्ध कराई। बिजली निगम के सर्किल-वन के आकड़ों के अनुसार 23 ऐसी सोसाइटियां हैं, जिन्होंने 33 केवी सबस्टेशन बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। मगर ये प्रक्रिया अधूरी है। इनमें से कुछ में लोग कई साल से रह रहे हैं। बिजली निगम सर्किल-2 में शहरी क्षेत्र 2 सोसाइटियों और सोहना क्षेत्र में 10 सोसाइटियों को नोटिस भेजा गया है। सर्किल -1 के एसई एमएल रोहिल्ला ने बताया कि हमने 23 सोसाइटियों को 33 केवीए शीघ्र पूरा कराने का नोटिस दिया है। नोटिस पर अमल नहीं करने पर हम उनकी बिजली एक दो दिन काट कर दंड दे सकते हैं। अगले प्रोजेक्ट के कनेक्शन पर रोक लगा सकते हैं।
सर्किल -2 के एसई पीके चौहान ने बताया कि शहरी क्षेत्र में 2 सोसाइटियां और सोहना डिविजन में 10 सोसाइटियों में 33 केवीए सबस्टेशन निर्माणाधीन है, इसे शीघ्र पूरा कराने के लिए नोटिस भेजी गई है। शहरी क्षेत्र में एक बिल्डर लाइसेंस कॉलोनी में 33 केवीए सबस्टेशन बन गया है। सोहना डिविजन में 18 बिल्डरों ने 33 केवीए सबस्टेशन बना लिया है। इस तरह सर्किल -2 में कुल 19 बिल्डरों ने 33 केवीए सबस्टेशन बना लिया है।
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लोगों ने कहा

छलावा है नोटिस
33 केवीए सबस्टेशन के लिए बिजली निगम का नोटिस छलावा है। नोटिस देने के बाद निगम क्या उनके अगले प्रोजेक्ट में बिजली का कनेक्शन रोकता है। जमीन नहीं देने, बैंक गारंटी नहीं देने पर दंडित करने का क्या प्रावधान है। निर्माण के समय लिए गए अस्थाई कनेक्शन पर घरों में लोगों को बसाने की अनुमति कैसे मिल जाती है। - नवदीप सिंह एटीएस ट्रायंफ

हमारी सोसाइटियों में पिछले 4 साल से 33 केवीए सबस्टेशन निर्माणाधीन है। 10 किमी दूरी से 11 केवीए की लाइन आई है। आए दिन फॉल्ट होता है,कई बार 15-16 घंटे बिजली नहीं होती है। न तो बिल्डर गंभीर हैं न डीएचबीवीएन। दोनों की लापरवाही हम रोजाना झेल रहे हैं। - ओमवीर सिंह वाटिका इंडिया नेक्सट

बिल्डर 33 केवीए के लिए बैंक गारंटी तक नहीं दे रहे हैं। बिजली निगम इसमें शिकंजा कस पाने में असमर्थ है। हम अपने जीवन भी की पूंजी लगाकर बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। करोड़ों के फ्लैट में जरूरत के अनुसार बिजली नहीं है। जेनसेट से मिलने वाली बिजली की चौगुनी कीमतें भरने को हम विवश हैं।- प्रदीप कुमार, रहेजा, 92
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