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Gurugram News: जा पर कृपा राम की होई, ता पर कृपा करहिं सब कोई
Sat, 27 Sep 2025 07:22 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
Updated Sat, 27 Sep 2025 07:22 PM IST
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रामलीला में राम वनवास से गमगीन हुआ माहौल
राजा दशरथ के प्राण त्यागने से लेकर भरत के ननिहाल में पहुंचने तक की लीला का मंचन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जा पर कृपा राम की होई, ता पर कृपा करहिं सब कोई ... जिनके कपट दंभ नहिं माया तिनके हृदय बसहु रघुराया ...। जिन पर राम की कृपा होती है, उस पर उसे किसी और की कृपा की जरूरत नहीं है। जिनके मन में छल कपट, अहंकार नहीं होता है उनके हृदय में श्री राम होते हैं।
श्री राम की भक्ति के संगीत से रामलीला के मंच गूंज रहे हैं। बृहस्पतिवार तक राम विवाह की खुशियाें में डूबे लोग अब राम के वनवास से दुखी हैं। शहर की रामलीलाओं में राम के वनवास, राम केवट संवाद, राम निषादराज संवाद, दशरथ कैकई संवाद, मंथरा कैकई संवाद के दृश्यों का मंचन किया गया। श्री दुर्गा रामलीला कमेटी जैकबपुरा में छठे दिन की रामलीला में राजा दशरथ के प्राण त्यागने से लेकर भरत के ननिहाल में पहुंचने तक की लीला का मंचन किया गया। लीला में दिखाया गया कि राम-लक्ष्मण और सीता वन में जा रहे हैं। उनकी भेंट निषादराज से होती है। तीनों को वन में छोड़कर सुमंत अयोध्या महल में लौटते हैं। केवट राम, लक्ष्मण और सीता के पांव धोकर अपने पूरे परिवार को चरणामृत पिलाता है। भक्तिभाव से केवट गाता है.. मेरी नइया में लक्ष्मण राम गंगा मइया धीरे बहो ..।
बाबा सिद्धेश्वर रामलीला में मंच पर एलईडी स्क्रीन पर गंगा का दृ़श्य जीवंत किया गया। राम, लक्ष्मण, सीता को गंगा के पार उतारते केवट को दर्शाया गया। इसके पहले यहां वन गमन से पहले राम कौशल्या संवाद, राम-सीता संवाद, लक्ष्मण- सुमित्रा संवाद दर्शाया गया। राम वनवास के बाद दशरथ के विलाप को देखकर लोग दुखी हो गए। भीम नगर स्थित श्री कृष्ण मंदिर की रामलीला के पहले दृश्य में राजा दशरथ ने अपने दरबार में राम के राज्याभिषेक की घोषणा की। दूसरे दृश्य में मंथरा ने कैकई को भड़काया। तीसरे दृश्य में कैकई ने दशरथ को उनके वचन याद दिलाएं और राम को 14 वर्ष का वनवास और भरत का राज्याभिषेक मांगा। राम के वन गमन तक यहां लीला दिखाई गई। इस रामलीला के राम और कौशल्या की भूमिका निभाने वाले कुश और विमला तनेजा असली जिंदगी में मां बेटे हैं। लक्ष्मण और सुमित्रा की भूमिका में पंकज पाहुजा, रश्मि पाहुजा वास्तविक जीवन में मां बेटे हैं।
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न्यू कॉलोनी गीता भवन की रामलीला में सीता स्वयंवर, सीता की विदाई का दृश्य दर्शाया गया। रामलीला के संयोजक मुनीष खुल्लर ने बताया कि इस रामलीला का यह 78 वां साल है। इसमें दशरथ का किरदार लक्ष्मण राघव, राजा जनक का किरदार तरुण चावला और विश्वामित्र का किरदार मनोज खरबंदा निभा रहे हैं। श्री राम को किरदार मनोज खरबंदा और परशुराम को किरदार राजेश खरबंदा निभा रहे हैं। सुहानी सीता की भूमिका में हैं। इस रामलीला में राक्षसियों के अलावा सारे महिला पात्रों की भूमिकाएं महिलाएं ही निभा रही हैं।शहर के पुरानी संकटमोचन धाम बड़े डाकखाने की रामलीला में राम वन गमन, राम केवट संवाद और दशरथ मरण का दृश्य दर्शाया गया। झाड़सा की पुरानी राम लीला में राम वनवास का दृश्य दर्शाया गया।
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राजा दशरथ के प्राण त्यागने से लेकर भरत के ननिहाल में पहुंचने तक की लीला का मंचन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जा पर कृपा राम की होई, ता पर कृपा करहिं सब कोई ... जिनके कपट दंभ नहिं माया तिनके हृदय बसहु रघुराया ...। जिन पर राम की कृपा होती है, उस पर उसे किसी और की कृपा की जरूरत नहीं है। जिनके मन में छल कपट, अहंकार नहीं होता है उनके हृदय में श्री राम होते हैं।
श्री राम की भक्ति के संगीत से रामलीला के मंच गूंज रहे हैं। बृहस्पतिवार तक राम विवाह की खुशियाें में डूबे लोग अब राम के वनवास से दुखी हैं। शहर की रामलीलाओं में राम के वनवास, राम केवट संवाद, राम निषादराज संवाद, दशरथ कैकई संवाद, मंथरा कैकई संवाद के दृश्यों का मंचन किया गया। श्री दुर्गा रामलीला कमेटी जैकबपुरा में छठे दिन की रामलीला में राजा दशरथ के प्राण त्यागने से लेकर भरत के ननिहाल में पहुंचने तक की लीला का मंचन किया गया। लीला में दिखाया गया कि राम-लक्ष्मण और सीता वन में जा रहे हैं। उनकी भेंट निषादराज से होती है। तीनों को वन में छोड़कर सुमंत अयोध्या महल में लौटते हैं। केवट राम, लक्ष्मण और सीता के पांव धोकर अपने पूरे परिवार को चरणामृत पिलाता है। भक्तिभाव से केवट गाता है.. मेरी नइया में लक्ष्मण राम गंगा मइया धीरे बहो ..।
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बाबा सिद्धेश्वर रामलीला में मंच पर एलईडी स्क्रीन पर गंगा का दृ़श्य जीवंत किया गया। राम, लक्ष्मण, सीता को गंगा के पार उतारते केवट को दर्शाया गया। इसके पहले यहां वन गमन से पहले राम कौशल्या संवाद, राम-सीता संवाद, लक्ष्मण- सुमित्रा संवाद दर्शाया गया। राम वनवास के बाद दशरथ के विलाप को देखकर लोग दुखी हो गए। भीम नगर स्थित श्री कृष्ण मंदिर की रामलीला के पहले दृश्य में राजा दशरथ ने अपने दरबार में राम के राज्याभिषेक की घोषणा की। दूसरे दृश्य में मंथरा ने कैकई को भड़काया। तीसरे दृश्य में कैकई ने दशरथ को उनके वचन याद दिलाएं और राम को 14 वर्ष का वनवास और भरत का राज्याभिषेक मांगा। राम के वन गमन तक यहां लीला दिखाई गई। इस रामलीला के राम और कौशल्या की भूमिका निभाने वाले कुश और विमला तनेजा असली जिंदगी में मां बेटे हैं। लक्ष्मण और सुमित्रा की भूमिका में पंकज पाहुजा, रश्मि पाहुजा वास्तविक जीवन में मां बेटे हैं।
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न्यू कॉलोनी गीता भवन की रामलीला में सीता स्वयंवर, सीता की विदाई का दृश्य दर्शाया गया। रामलीला के संयोजक मुनीष खुल्लर ने बताया कि इस रामलीला का यह 78 वां साल है। इसमें दशरथ का किरदार लक्ष्मण राघव, राजा जनक का किरदार तरुण चावला और विश्वामित्र का किरदार मनोज खरबंदा निभा रहे हैं। श्री राम को किरदार मनोज खरबंदा और परशुराम को किरदार राजेश खरबंदा निभा रहे हैं। सुहानी सीता की भूमिका में हैं। इस रामलीला में राक्षसियों के अलावा सारे महिला पात्रों की भूमिकाएं महिलाएं ही निभा रही हैं।शहर के पुरानी संकटमोचन धाम बड़े डाकखाने की रामलीला में राम वन गमन, राम केवट संवाद और दशरथ मरण का दृश्य दर्शाया गया। झाड़सा की पुरानी राम लीला में राम वनवास का दृश्य दर्शाया गया।