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एसटीएफ अधिकारी बनकर किया था लिफ्टमैन का अपहरण, चार गिरफ्तार

Thu, 03 Oct 2019 11:33 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 03 Oct 2019 11:33 PM IST
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Officer abducts liftman
गुरुग्राम। गांव सीही से कंपनी जा रहे लिफ्टमैन का एसटीएफ अधिकारी बनकर अपहरण करने वाले 4 बदमाशों को अपराध शाखा ने काबू किया है। पुलिस ने पिछले पांच दिनों में करीब 100 किलोमीटर से भी अधिक पीछा करने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान रोहतक के गांव सांपला निवासी सुनील, संजय झज्जर के गांव सिलानी निवासी संजीत, भिवानी के ढाणी सरोगियान निवासी अमनदीप के रूप में हुई। बृहस्पतिवार को आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों से वसूली फिरौती की रकम बरामद की जानी है।
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सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) प्रीत पाल ने पत्रकारवार्ता में बताया कि 25 सितंबर को एसएस ग्रुप में लिफ्टमैन राजकुमार अपने घर से कंपनी जाने के लिए निकला था। घर से कुछ दूर चलते ही एक होंडा इमेज गाड़ी में तीन युवक आए। गाड़ी से दो लोग उतरे जिन्होंने स्वयं को एसटीएफ अधिकारी बताते हुए राजकुमार को जबरदस्ती गाड़ी में डाल लिया और अपने साथ सांपला ले गए। यहां उसे बस स्टैंड के पास एक कमरे में बंद कर पिटाई की। राजकुमार के फोन से आरोपियों ने उसके पिता को फोन कर 2 लाख रुपये की फिरौती मांगी। उधर राजकुमार के रिश्तेदार रंजन ने अपहरण की सुबह ही अपहरण की सूचना पुलिस को दे दी थी। वहीं राजकुमार के पिता ने अपने बेटे की जान बचाने के लिए आरोपियों के बैंक खाते में थोड़े-थोड़े कर रुपये जमा करवाने शुरू कर दिए। 2 लाख रुपये मिलने के बाद आरोपियों ने 50 हजार रुपये की और मांग की जिस पर उन्होंने 45 हजार रुपये जमा करवाए।
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अपहरण की सूचना मिलते ही सेक्टर-37 थाना पुलिस सहित अपराध शाखा सक्रिय हो गई। टीम ने लोकेशन के आधार पर छापेमारी शुरू कर दी। राजकुमार को अपहरणकर्ता कोई नुकसान न पहुंचाए इसको ध्यान में रखकर पुलिस टीम काफी सतर्कता बरत रही थी। जब आरोपियों को पुलिस के पीछे लगे होने की सूचना मिली तो वह जगह बदलने लगे।
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100 किलोमीटर से अधिक किया पीछा
सहायक पुलिस आयुक्त ने बताया कि अपराध शाखा की टीम लगातार आरोपियों का पीछा करती रही। 29 सितंबर को आरोपी राजकुमार को लेकर दिल्ली की तरफ चल दिए। कई क्षेत्रों में घुमाते हुए आरोपियों ने स्वयं को घिरता देख राजकुमार को बहादुरगढ़ के पास आसोदा में कार से बाहर निकाल दिया और उसे छोड़कर फरार हो गए। यहां से पुलिस टीम के हत्थे से आरोपी निकल गए। आरोपियों ने राजकुमार को एक हजार रुपये देकर बिहार भाग जाने को कहा, ऐसा न करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद भी पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी रही और लगातार पीछा करते हुए पुलिस ने आखिर आरोपियों को दिल्ली रोहतक फ्लाईओवर के पास सांपला से 2 अक्तूबर को काबू करने में सफलता प्राप्त की।

बिहार में इलाज करवाकर लौटा
आरोपियों के चुंगल से छूटकर घबराकर राजकुमार उसी दिन ऑटो से पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन गया। यहां से ट्रेन पकड़कर वह मुजफ्फरपुर बिहार चला गया। बिहार से ऑटो के जरिए सरैया गया, जहां तबीयत खराब होने पर वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हो गया। इसी बीच पुलिस की एक टीम बिहार गई और राजकमार को अस्पताल से छुट्टी दिलवाकर गुरुग्राम ले आई।
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