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चिंटेल्स पैराडिसो : निवासियों को 2027 तक खाली करने होंगे फ्लैट

Sat, 12 Sep 2026 01:04 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2026 01:04 AM IST
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Chintels Paradiso: Residents must vacate flats by 2027.
सुप्रीम कोर्ट ने परियोजना के पुनर्विकास और निवासियों के पुनर्वास के लिए समझौता योजना को मंजूरी दी
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सीआईपीएल को वैकल्पिक आवास के लिए 5 करोड़ रुपये जमा करने होंगे

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम की चिंटेल्स पैराडिसो आवासीय परियोजना के पुनर्विकास और निवासियों के पुनर्वास के लिए एक समझौता योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत असुरक्षित घोषित किए गए टावरों में रहने वाले सभी फ्लैट मालिकों को 1 जनवरी 2027 तक अपने फ्लैट खाली करने होंगे। अदालत ने चिंटेल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (सीआईपीएल) को वैकल्पिक आवास के लिए 5 करोड़ रुपये का अनुमानित किराया एक एस्क्रो खाते में जमा करने का निर्देश दिया है। यह राशि 31 जनवरी 2027 से पात्र फ्लैट मालिकों को किराये के रूप में दी जाएगी।

यह मामला गुरुग्राम के सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडिसो परियोजना से संबंधित है, जिसमें कुल 532 फ्लैट हैं। वर्ष 2022 में टावर डी के एक फ्लैट का हिस्सा ढह जाने से दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद निवासियों ने संरचनात्मक कमियों की शिकायत की और सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। अदालत ने पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण समाधान खोजने का निर्देश दिया था। हरियाणा सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता आलोक सांगवान ने इस समझौते को कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समझौते के तहत मेसर्स शोभा लिमिटेड परियोजना का पुनर्विकास करेगी। चरण-II के फ्लैट मालिकों को 1,000 रुपये प्रति वर्ग फीट का योगदान करना होगा, जिस पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं होगा। पुनर्विकसित अपार्टमेंट का कारपेट एरिया समान रहेगा, जिसमें अधिकतम तीन फीसदी का बदलाव हो सकता है।
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पुनर्वास और पुनर्विकास की शर्तें
अदालत ने निर्देश दिया है कि असुरक्षित टावरों में रहने वाले सभी लोग 1 जनवरी 2027 तक अपने फ्लैट खाली कर दें। सीआईपीएल को 31 जनवरी 2027 से पात्र फ्लैट मालिकों को वैकल्पिक आवास का किराया देना होगा। किराये के भुगतान को सुनिश्चित करने के लिए सीआईपीएल को 5 करोड़ रुपये का कोष एक समर्पित एस्क्रो खाते में जमा करना होगा। इस खाते में राशि की पर्याप्तता की समीक्षा हर छह महीने में की जाएगी। मेसर्स शोभा लिमिटेड सीआईपीएल के साथ समझौते के तहत परियोजना का पुनर्विकास करेगी। पुनर्विकास कार्य 31 मार्च 2027 तक शुरू होना चाहिए।
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फ्लैट मालिकों के विकल्प और स्थिति
परियोजना में कुल 532 फ्लैट मालिक हैं। इनमें से 196 फ्लैट मालिकों ने पहले ही बाय-बैक विकल्प चुन लिया है। उन्होंने डेवलपर के पक्ष में आवश्यक दस्तावेज निष्पादित किए हैं। 164 फ्लैट मालिकों ने अपने फ्लैटों के पुनर्विकास के लिए समझौते किए हैं। अभी भी 172 फ्लैट मालिक ऐसे हैं जिन्हें अपना विकल्प चुनना या डेवलपर के साथ अपनी व्यवस्था को अंतिम रूप देना है। लगभग 80-90 निवासी अभी भी उन फ्लैटों में रह रहे हैं जिन्हें असुरक्षित घोषित किया गया है।


परियोजना का समयबद्ध क्रियान्वयन
अदालत ने स्पष्ट किया है कि फ्लैट खाली करने की समय सीमा 1 जनवरी 2027 के बाद कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा। पुनर्विकास और पुनर्गठन का कार्य 31 मार्च 2027 तक शुरू हो जाना चाहिए। पुनर्विकसित अपार्टमेंट का भौतिक कब्जा मौजूदा फ्लैट मालिकों को 1 जनवरी 2027 से 48 महीने के भीतर पूरा किया जाएगा। चरण-II के फ्लैट मालिकों को 40,000 रुपये का एकमुश्त स्थानांतरण शुल्क भी मिलेगा। राज्य सरकार को पुनर्विकास के लिए आवश्यक अनुमतियां जल्द से जल्द देनी होंगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि फ्लैट मालिकों पर कोई अतिरिक्त या छिपा हुआ वित्तीय बोझ न पड़े।
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