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गुरुग्राम : कांग्रेस विधायक धर्म सिंह छोकर व बेटों के खिलाफ गैर जमानती वारंट, ईडी की जांच में असहयोग का आरोप

Sun, 01 Oct 2023 12:49 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Sun, 01 Oct 2023 12:49 AM IST
सार

यह आदेश ईडी की याचिका पर दिया गया है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश सूर्य प्रताप सिंह की अदालत ने दिया है। ईडी ने याचिका में कहा था कि विधायक व उनके बेटे न तो समन पर हाजिर हो रहे हैं न ही जांच में सहयोग कर रहे हैं।

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Non-bailable warrant issued against Congress MLA Dharam Singh Chhaukkar and sons
विधायक धर्म सिंह छोकर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फर्जी बैंक गारंटी के सहारे सेक्टर-68 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट का लाइसेंस लेने के मामले में आरोपी कांग्रेस विधायक धर्म सिंह छोकर व उनके बेटे विकास और सिकंदर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ है। यह आदेश ईडी की याचिका पर दिया गया है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश सूर्य प्रताप सिंह की अदालत ने दिया है। ईडी ने याचिका में कहा था कि विधायक व उनके बेटे न तो समन पर हाजिर हो रहे हैं न ही जांच में सहयोग कर रहे हैं।

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ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की तरफ से अदालत में दायर याचिका में बताया गया कि 2021 में सुशांत लोक थाने में साई आएना कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। उसमें आरोप था कि कंपनी ने सेक्टर-68 में 10 एकड़ में विकसित करने के लिए ग्रुप हाउसिंग का जो लाइसेंस लिया गया था।
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उसमें फर्जी बैंक गारंटी लगाई थी। उस मामले में आरोपियों के नाम आए थे। इसके बाद एक मामला 2022 में जिला नगर योजनाकार की तरफ से भी राजेंद्र नगर थाने में दर्ज कराया गया। इसी बीच यह मामले में प्रवर्तन निदेशालय में जांच के लिए भेज दिया गया।
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सेक्टर-68 में सारा होम्स प्रोजेक्ट में 10 एकड़ में करीब 1500 घर बनाने थे। इस मामले में निवेशकों के करीब 360 करोड़ रुपये भी निवेश करा दिए गए थे। ईडी ने याचिका में कहा कि आरोपियों ने निवेशकों के पैसे को दूसरी कंपनियों में भी लगा दिया है। निवेशकों को निर्माणाधीन के फर्जी बिल दिखाकर करीब 107 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई।


अदालत ने सुनवाई के दौरान माना कि आरोपी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है,लेकिन हाई कोर्ट ने किसी भी तरह की निचली अदालत पर रोक नहीं लगाई । इसके साथ ही उन्होंने माना की आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे है। इसके चलते उन्होंने ईडी की याचिका को मंजूर करते हुए आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए है।

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