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Gurugram News: किडनी प्रत्यारोपण की एनओसी निकली फर्जी
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जयपुर सीएमओ कार्यालय से आए जवाब से हुआ खुलासा , सदर थाना पुलिस जांच में जुटी
तीन अप्रैल को दो बजे दिल्ली में बंद हुआ था मुर्तुजा अंसारी का मोबाइल
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। किडनी प्रत्यारोपण मामले में पुलिस का शिकंजा जयपुर फोर्टिस अस्पताल पर कसता जा रहा है। जिस एनओसी पर बांग्लादेशियों में किडनी प्रत्यारोपण हुआ था, वह एनओसी फर्जी थी। इस बात का खुलासा पुलिस की ओर से जयपुर सीएमओ कार्यालय से आए जवाब से हुआ है।
जयपुर सीएमओ कार्यालय की ओर से किडनी प्रत्यारोपण करने की किसी भी तरह की एनओसी जारी करने से इन्कार किया गया है। सदर थाना पुलिस की तीन सदस्यीय टीम जयपुर के फोर्टिस अस्पताल से कुछ रिकार्ड लेकर आई है। कुछ रिकार्ड लेना अभी बाकी है। पुलिस अब यह जानने में जुटी है कि किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले सर्जन को क्या पता होता था कि जिस एनओसी पर वह आपरेशन कर रहे हैं, वह फर्जी है।
तीन अप्रैल को दिल्ली में बंद हुआ था मुर्तुजा अंसारी का मोबाइल
किडनी कांड के मास्टर माइंड मुर्तुजा अंसारी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने जाल बिछा रखा है। अब तक की छानबीन में पता चला है कि उसका मोबाइल तीन अप्रैल को दो बजे बंद हो गया था। जबकि चार अप्रैल को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते और सदर थाना पुलिस की टीम ने सेक्टर 39 के गेस्ट हाउस में छापामारी की थी। एसीबी को मुर्तुजा अंसारी की दो अप्रैल की रात से ही तलाश थी। उसके मोबाइल डिटेल को पुलिस खंगालने में जुटी है। उसकी बात ज्यादातर अस्पताल के समन्वयक व मरीजों से ही है। मोबाइल डिटेल के आधार पर पुलिस लोगों से पूछताछ करने में जुटी है।
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किडनी मरीज की हालत स्थिर
उपचार के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दाखिल सैय्यद आकिब मोहम्मद की हालत स्थिर बनी हुई है। उसकी दोनों किडनियां फेल हैं। बांग्लादेश के ही रहने वाले युवक को उसे किडनी देनी थी। जेल प्रशासन की ओर से गारद अस्पताल में मौजूद है। उसकी सफदरजंग अस्पताल में डायलिसिस कराई जा रही है।
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वर्जन
किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले मरीजों के लिए अस्पताल में जिस एनओसी का इस्तेमाल किया गया है, वह एनओसी फर्जी है। जयपुर सीएमओ कार्यालय से इस संबंध में पत्र आ चुका है। - कपिल अहलावत - एसीपी सदर, गुरुग्राम
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तीन अप्रैल को दो बजे दिल्ली में बंद हुआ था मुर्तुजा अंसारी का मोबाइल
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। किडनी प्रत्यारोपण मामले में पुलिस का शिकंजा जयपुर फोर्टिस अस्पताल पर कसता जा रहा है। जिस एनओसी पर बांग्लादेशियों में किडनी प्रत्यारोपण हुआ था, वह एनओसी फर्जी थी। इस बात का खुलासा पुलिस की ओर से जयपुर सीएमओ कार्यालय से आए जवाब से हुआ है।
जयपुर सीएमओ कार्यालय की ओर से किडनी प्रत्यारोपण करने की किसी भी तरह की एनओसी जारी करने से इन्कार किया गया है। सदर थाना पुलिस की तीन सदस्यीय टीम जयपुर के फोर्टिस अस्पताल से कुछ रिकार्ड लेकर आई है। कुछ रिकार्ड लेना अभी बाकी है। पुलिस अब यह जानने में जुटी है कि किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले सर्जन को क्या पता होता था कि जिस एनओसी पर वह आपरेशन कर रहे हैं, वह फर्जी है।
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तीन अप्रैल को दिल्ली में बंद हुआ था मुर्तुजा अंसारी का मोबाइल
किडनी कांड के मास्टर माइंड मुर्तुजा अंसारी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने जाल बिछा रखा है। अब तक की छानबीन में पता चला है कि उसका मोबाइल तीन अप्रैल को दो बजे बंद हो गया था। जबकि चार अप्रैल को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते और सदर थाना पुलिस की टीम ने सेक्टर 39 के गेस्ट हाउस में छापामारी की थी। एसीबी को मुर्तुजा अंसारी की दो अप्रैल की रात से ही तलाश थी। उसके मोबाइल डिटेल को पुलिस खंगालने में जुटी है। उसकी बात ज्यादातर अस्पताल के समन्वयक व मरीजों से ही है। मोबाइल डिटेल के आधार पर पुलिस लोगों से पूछताछ करने में जुटी है।
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किडनी मरीज की हालत स्थिर
उपचार के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दाखिल सैय्यद आकिब मोहम्मद की हालत स्थिर बनी हुई है। उसकी दोनों किडनियां फेल हैं। बांग्लादेश के ही रहने वाले युवक को उसे किडनी देनी थी। जेल प्रशासन की ओर से गारद अस्पताल में मौजूद है। उसकी सफदरजंग अस्पताल में डायलिसिस कराई जा रही है।
वर्जन
किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले मरीजों के लिए अस्पताल में जिस एनओसी का इस्तेमाल किया गया है, वह एनओसी फर्जी है। जयपुर सीएमओ कार्यालय से इस संबंध में पत्र आ चुका है। - कपिल अहलावत - एसीपी सदर, गुरुग्राम